{"_id":"5fd50b778ebc3e3eae6ee6cc","slug":"aligarh-it-park-to-be-built-on-the-land-of-quarsi-village-adjacent-to-the-city-city-office-news-ali250975930","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : शहर से सटे क्वार्सी गांव की जमीन पर बनेगा आईटी पार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : शहर से सटे क्वार्सी गांव की जमीन पर बनेगा आईटी पार्क
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
डिफेंस कॉरिडोर के बाद जिले में आईटी पार्क विकसित होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने क्वार्सी में जमीन तलाश ली है। यह जमीन क्वार्सी थाना क्षेत्र में स्थित विजडम स्कूल के पास क्वार्सी गांव में स्थित है। पिछले दिनों 17 हजार वर्ग मीटर सरकारी भूमि को बिल्डरों के कब्जे से एसडीएम कोल अनीता यादव ने मुक्त कराया था।
इस जमीन में से दो एकड़ जमीन आईटी पार्क के लिए तय की गई है। वहीं, दूसरे हिस्से पर महुआखेड़ा थाने के पुलिसकर्मियों के लिए आवास बनाना तय हुआ है। शहर से सटी इस लोकेशन में आईटी पार्क की स्थापना होने के बाद तालानगरी सहित पूरे जिले को फायदा होगा। युवाओं के लिए आईटी सेक्टर में अलीगढ़ में ही रोजगार के द्वार खुलेंगे। दिल्ली, नोएडा, बंगलुरू और पुणे को होने वाला पलायन रुकेगा।
एसटीपीआई कंपनी करेगी पार्क विकसित
यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड ने डीएम को पिछले दिनों पत्र लिखकर आईटी पार्क के लिए दो एकड़ जमीन की मांग की थी। पार्क की स्थापना सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) द्वारा की जाएगी। यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ऋ षिपेंद्र सिंह की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि अलीगढ़ में एक आईटी पार्क (सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क) की स्थापना प्रस्तावित है।
विज्ञापन
इसके लिए कम से कम दो एकड़ भूमि की जरूरत है। यह भूमि निशुल्क भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को उपलब्ध कराई जाएगी। पार्क का निर्माण एसटीपीआई की ओर से ही किया जाएगा। तय प्रस्ताव के मुताबिक, एसटीपीआई 20 हजार स्क्वायर फीट में एक आधुनिक आईटी भवन का निर्माण करेगी। आईटी पार्क के विकास पर तकरीबन 20 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें डेटा कम्युनिकेशन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस आईटी पार्क में आईटी से जुड़े तकरीबन 150 से 200 उद्यमी अपना कारोबार शुरू करेंगे। आईटी क्षेत्र में नए उद्यमियों को अवसर मिलेंगे। निर्यात भी बढ़ेगा। हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पार्क के स्थापित होने के बाद जिले के इंजीनियरिंग कालेज, एएमयू और पॉलीटेक्निक व आईटीआई संस्थान से पढ़ाई करने वाले बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा। अलीगढ़ व मंडल के अन्य जिले के युवाओं का पलायन, दिल्ली, नोएडा, बंगलुरू और पुणे की ओर कम होगा। उनके लिए अपने ही जिले में रोजगार के द्वारा खुल जाएंगे।
बिल्डरों ने जमीन पर कर दी थी प्लाटिंग
एसडीएम कोल अनीता यादव ने बीते 31 अक्तूबर को इस भूमि को खाली कराया था। इसकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये है। तहसील के अभिलेखों में यह सरकारी भूमि महिला थाना, पुलिस व राजस्व विभाग के कर्मियों के आवास, चिकित्सालय बनने के लिए प्रस्तावित है। मगर, इस पर कुछ बिल्डरों ने कब्जा करते हुए प्लाटिंग कर दी थी। करीब 70 प्लाट काटकर लोगों को बेच दिए थे। सभी प्लाटों को खाली कराते हुए गाटा संख्या 303, 304, 305, 306, 314 को कब्जा मुक्त कराया गया था। कुल रकवा 1.363 हेक्टेयर है। कब्जाधारी बिल्डरों पर एसडीएम की ओर से कार्रवाई भी की गई थी।
पिछले दिनों क्वार्सी गांव में खाली कराई सरकारी भूमि पर आईटी पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव बना है। शहर से सटी लोकेशन होने के हिसाब से यह जमीन मुफीद है।
-अनीता यादव, एसडीएम कोल
विज्ञापन
डिफेंस कॉरिडोर के बाद जिले में आईटी पार्क विकसित होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने क्वार्सी में जमीन तलाश ली है। यह जमीन क्वार्सी थाना क्षेत्र में स्थित विजडम स्कूल के पास क्वार्सी गांव में स्थित है। पिछले दिनों 17 हजार वर्ग मीटर सरकारी भूमि को बिल्डरों के कब्जे से एसडीएम कोल अनीता यादव ने मुक्त कराया था।
इस जमीन में से दो एकड़ जमीन आईटी पार्क के लिए तय की गई है। वहीं, दूसरे हिस्से पर महुआखेड़ा थाने के पुलिसकर्मियों के लिए आवास बनाना तय हुआ है। शहर से सटी इस लोकेशन में आईटी पार्क की स्थापना होने के बाद तालानगरी सहित पूरे जिले को फायदा होगा। युवाओं के लिए आईटी सेक्टर में अलीगढ़ में ही रोजगार के द्वार खुलेंगे। दिल्ली, नोएडा, बंगलुरू और पुणे को होने वाला पलायन रुकेगा।
विज्ञापन
एसटीपीआई कंपनी करेगी पार्क विकसित
यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड ने डीएम को पिछले दिनों पत्र लिखकर आईटी पार्क के लिए दो एकड़ जमीन की मांग की थी। पार्क की स्थापना सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) द्वारा की जाएगी। यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ऋ षिपेंद्र सिंह की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि अलीगढ़ में एक आईटी पार्क (सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क) की स्थापना प्रस्तावित है।
विज्ञापन
इसके लिए कम से कम दो एकड़ भूमि की जरूरत है। यह भूमि निशुल्क भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को उपलब्ध कराई जाएगी। पार्क का निर्माण एसटीपीआई की ओर से ही किया जाएगा। तय प्रस्ताव के मुताबिक, एसटीपीआई 20 हजार स्क्वायर फीट में एक आधुनिक आईटी भवन का निर्माण करेगी। आईटी पार्क के विकास पर तकरीबन 20 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें डेटा कम्युनिकेशन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस आईटी पार्क में आईटी से जुड़े तकरीबन 150 से 200 उद्यमी अपना कारोबार शुरू करेंगे। आईटी क्षेत्र में नए उद्यमियों को अवसर मिलेंगे। निर्यात भी बढ़ेगा। हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पार्क के स्थापित होने के बाद जिले के इंजीनियरिंग कालेज, एएमयू और पॉलीटेक्निक व आईटीआई संस्थान से पढ़ाई करने वाले बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा। अलीगढ़ व मंडल के अन्य जिले के युवाओं का पलायन, दिल्ली, नोएडा, बंगलुरू और पुणे की ओर कम होगा। उनके लिए अपने ही जिले में रोजगार के द्वारा खुल जाएंगे।
बिल्डरों ने जमीन पर कर दी थी प्लाटिंग
एसडीएम कोल अनीता यादव ने बीते 31 अक्तूबर को इस भूमि को खाली कराया था। इसकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये है। तहसील के अभिलेखों में यह सरकारी भूमि महिला थाना, पुलिस व राजस्व विभाग के कर्मियों के आवास, चिकित्सालय बनने के लिए प्रस्तावित है। मगर, इस पर कुछ बिल्डरों ने कब्जा करते हुए प्लाटिंग कर दी थी। करीब 70 प्लाट काटकर लोगों को बेच दिए थे। सभी प्लाटों को खाली कराते हुए गाटा संख्या 303, 304, 305, 306, 314 को कब्जा मुक्त कराया गया था। कुल रकवा 1.363 हेक्टेयर है। कब्जाधारी बिल्डरों पर एसडीएम की ओर से कार्रवाई भी की गई थी।
पिछले दिनों क्वार्सी गांव में खाली कराई सरकारी भूमि पर आईटी पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव बना है। शहर से सटी लोकेशन होने के हिसाब से यह जमीन मुफीद है।
-अनीता यादव, एसडीएम कोल