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अलीगढ़ : साइबर अटैक से बचना है तो स्वयं रखें साइबर सुरक्षा का ख्याल
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अमर उजाला फाउंडेशन के तहत ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों को साइ?
- फोटो : CITY OFFICE
साइबर अटैक से बचना है तो स्वयं ही साइबर सुरक्षा का ख्याल रखना होगा। मैसेज, मेल अथवा अन्य अनजान माध्यमों से मिलने वाले संदेश, लिंक या अन्य लोक लुभावनी जानकारी से दूर रहना होगा। अपनी लॉग इन आईडी और पासवर्ड को सुरक्षित रखना होगा। यह जानकारी बुधवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से ब्रिलिएंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में वक्ताओं ने दी।
पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ सीओ मोहसिन खान, साइबर सेल के उप निरीक्षक राकेश कुमार, प्रिंसिपल श्याम कुंतैल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सीओ मोहसिन खान ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इंटरनेट के जरिए सोशल मीडिया में होने वाले अपराध को साइबर अपराध कहते हैं। ज्यादा होशियार अपराधी अथवा लोग इंटरनेट का गलत उपयोग कर इंटरनेट पर यूजरों को अपना शिकार बनाते हैं।
सीधे शब्दों में किसी के कंप्यूटर से उसकी निजी जानकारी निकाल लेना या चोरी करना और उसका गलत इस्तेमाल करना ही साइबर क्राइम है। इसमें दस्तावेज अथवा डाटा चोरी, धोखाधड़ी, बाल अश्लीलता, नफरत फैलाने वाले अपराध आते हैं।
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साइबर अपराध के प्रकार बताते हुए उन्होंने कहा कि स्पैमिंग, फिशिंग, हैकिंग, चोरी, वायरस फैलाना, सॉफ्टवेयर पायरेसी, फर्जी बैंक कॉल, अफवाह फैलाना, साइबर बुलिंग, बाल अश्लीलता आदि विषय इसमें आते हैं। एसआई राकेश कुमार ने इनसे बचने की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर चंद्रशेखर शर्मा, अरुणा शर्मा, दीपा अधिकारी, विजय अग्रवाल, आशीष भारद्वाज, कल्पना चौहान, ललतेश यादव आदि मौजूद रहे।
साइबर क्राइम से बचने के यह हैं तरीके
-स्पैमिंग और फिशिंग मेल से बचें : इंटरनेट अथवा मोबाइल पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा मैसेज भेजा जा रहा है या मेल भेजकर लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है तो ऐसा न करें।
-इंटरनेट यूजर बढ़ाएं साइबर क्राइम का ज्ञान : इंटरनेट यूजर साइबर क्राइम का ज्ञान बढ़ाएं और इसके प्रति हमेशा सजग रहें।
-किसी भी वेबसाइट पर साझा न करें निजी जानकारी : किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करें। विश्वसनीय वेबसाइट पर ही अपनी जानकारी साझा करनी चाहिए।
-ऑनलाइन शॉपिंग के समय रहें होशियार : ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले यूजर विश्वसनीय, प्रसिद्ध वेबसाइट से ही ऑनलाइन शॉपिंग करें।
-लॉक सिंबल : ऑनलाइन भुगतान करते समय ब्राउजर पर लॉक सिंबल जरूर चेक करें। इससे यह पता लग जाता है कि वेबसाइट सही है या नहीं।
-एंटी वायरस : अपने कंप्यूटर पर हमेशा एंटी वायरस सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें।
-इंटरनेट ब्राउजर : इंटरनेट ब्राउजर क्रोम, फायरफॉक्स अथवा ओपेरा का ही उपयोग करें।
-फ्री वाईफाई : फ्री वाईफाई के इस्तेमाल से बचें और वाईफाई, ऑनलाइन अकाउंट के लिए सिक्योर पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
-सॉफ्टवेयर या एप : किसी भी सॉफ्टवेयर अथवा एप को डाउनलोड करने से पहले अच्छे से जानकारी कर लें कि कहीं आप कुछ गलत तो नहीं कर रहे हैं।
-ऑनलाइन स्कीम : इंटरनेट पर किसी भी ऐसी ऑनलाइन स्कीम से बचें, जिसमें अधिक से अधिक रुपये जीतने अथवा प्राइस मिलने का दावा किया जा रहा है। यहां लालच में गलती हो जाती है।
यहां कर सकते हैं साइबर रिपोर्ट
-साइबर क्राइम के बढ़ते आंकड़ों के चलते अलीगढ़ में साइबर थाना खुल चुका है। इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
यह बोले प्रिंसिपल व छात्र-छात्राएं
-वास्तव में युवा पीढ़ी को साइबर क्राइम और इससे बचने के तौर तरीके आने चाहिए, नहीं तो कोई बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। अमर उजाला को हमारे विद्यालय में पुलिस की पाठशाला लगाने के लिए ढेर सारा आभार। -श्याम कुंतैल, प्रिंसिपल।
-पुलिस की पाठशाला से काफी सारी जानकारी मिली हैं। अपने जीवन में इसका पालन जरूर करेंगे। -कृष्णा शर्मा।
-साइबर क्राइम सुना था, लेकिन आज इसके बारे में सब कुछ पता चल गया है। अब सोशल मीडिया पर सजग रहूंगी। -दिव्या।
-अक्सर मोबाइल में स्पैमिंग और फिशिंग मैसेज आते रहते थे, पुलिस की पाठशाला से समझ में आ गया है कि इनसे दूर रहना है। -रंजना।
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पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ सीओ मोहसिन खान, साइबर सेल के उप निरीक्षक राकेश कुमार, प्रिंसिपल श्याम कुंतैल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सीओ मोहसिन खान ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इंटरनेट के जरिए सोशल मीडिया में होने वाले अपराध को साइबर अपराध कहते हैं। ज्यादा होशियार अपराधी अथवा लोग इंटरनेट का गलत उपयोग कर इंटरनेट पर यूजरों को अपना शिकार बनाते हैं।
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सीधे शब्दों में किसी के कंप्यूटर से उसकी निजी जानकारी निकाल लेना या चोरी करना और उसका गलत इस्तेमाल करना ही साइबर क्राइम है। इसमें दस्तावेज अथवा डाटा चोरी, धोखाधड़ी, बाल अश्लीलता, नफरत फैलाने वाले अपराध आते हैं।
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साइबर अपराध के प्रकार बताते हुए उन्होंने कहा कि स्पैमिंग, फिशिंग, हैकिंग, चोरी, वायरस फैलाना, सॉफ्टवेयर पायरेसी, फर्जी बैंक कॉल, अफवाह फैलाना, साइबर बुलिंग, बाल अश्लीलता आदि विषय इसमें आते हैं। एसआई राकेश कुमार ने इनसे बचने की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर चंद्रशेखर शर्मा, अरुणा शर्मा, दीपा अधिकारी, विजय अग्रवाल, आशीष भारद्वाज, कल्पना चौहान, ललतेश यादव आदि मौजूद रहे।
साइबर क्राइम से बचने के यह हैं तरीके
-स्पैमिंग और फिशिंग मेल से बचें : इंटरनेट अथवा मोबाइल पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा मैसेज भेजा जा रहा है या मेल भेजकर लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है तो ऐसा न करें।
-इंटरनेट यूजर बढ़ाएं साइबर क्राइम का ज्ञान : इंटरनेट यूजर साइबर क्राइम का ज्ञान बढ़ाएं और इसके प्रति हमेशा सजग रहें।
-किसी भी वेबसाइट पर साझा न करें निजी जानकारी : किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करें। विश्वसनीय वेबसाइट पर ही अपनी जानकारी साझा करनी चाहिए।
-ऑनलाइन शॉपिंग के समय रहें होशियार : ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले यूजर विश्वसनीय, प्रसिद्ध वेबसाइट से ही ऑनलाइन शॉपिंग करें।
-लॉक सिंबल : ऑनलाइन भुगतान करते समय ब्राउजर पर लॉक सिंबल जरूर चेक करें। इससे यह पता लग जाता है कि वेबसाइट सही है या नहीं।
-एंटी वायरस : अपने कंप्यूटर पर हमेशा एंटी वायरस सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें।
-इंटरनेट ब्राउजर : इंटरनेट ब्राउजर क्रोम, फायरफॉक्स अथवा ओपेरा का ही उपयोग करें।
-फ्री वाईफाई : फ्री वाईफाई के इस्तेमाल से बचें और वाईफाई, ऑनलाइन अकाउंट के लिए सिक्योर पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
-सॉफ्टवेयर या एप : किसी भी सॉफ्टवेयर अथवा एप को डाउनलोड करने से पहले अच्छे से जानकारी कर लें कि कहीं आप कुछ गलत तो नहीं कर रहे हैं।
-ऑनलाइन स्कीम : इंटरनेट पर किसी भी ऐसी ऑनलाइन स्कीम से बचें, जिसमें अधिक से अधिक रुपये जीतने अथवा प्राइस मिलने का दावा किया जा रहा है। यहां लालच में गलती हो जाती है।
यहां कर सकते हैं साइबर रिपोर्ट
-साइबर क्राइम के बढ़ते आंकड़ों के चलते अलीगढ़ में साइबर थाना खुल चुका है। इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
यह बोले प्रिंसिपल व छात्र-छात्राएं
-वास्तव में युवा पीढ़ी को साइबर क्राइम और इससे बचने के तौर तरीके आने चाहिए, नहीं तो कोई बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। अमर उजाला को हमारे विद्यालय में पुलिस की पाठशाला लगाने के लिए ढेर सारा आभार। -श्याम कुंतैल, प्रिंसिपल।
-पुलिस की पाठशाला से काफी सारी जानकारी मिली हैं। अपने जीवन में इसका पालन जरूर करेंगे। -कृष्णा शर्मा।
-साइबर क्राइम सुना था, लेकिन आज इसके बारे में सब कुछ पता चल गया है। अब सोशल मीडिया पर सजग रहूंगी। -दिव्या।
-अक्सर मोबाइल में स्पैमिंग और फिशिंग मैसेज आते रहते थे, पुलिस की पाठशाला से समझ में आ गया है कि इनसे दूर रहना है। -रंजना।

अमर उजाला फाउंडेशन के तहत ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में उपस्थित छात्र-?- फोटो : CITY OFFICE