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अलीगढ़ : जादौन इंफ्र ाटेक.पर मुकदमे में पूर्व विधायक के पौत्र भी नामजद, बिल्डिंग सील
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मैरिस रोड पर सील की गई जादौन इंफ्राटेक की बिल्डिंग । संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
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मैरिस रोड की जिस बेशकीमती सरकारी जमीन पर बैनामे के बाद निर्माण का मुकदमा शुक्रवार को जादौन बिल्डर्स ग्रुप की जादौन इंफ्राटेक फर्म पर दर्ज हुआ है। उस फर्म में भाजपा के पूर्व विधायक ठा.दलवीर सिंह के पौत्र एवं भाजपा नेता विजय सिंह भी हिस्सेदार और नामजद आरोपी हैं।
इस नाम के सामने आने के बाद जिले में सियासत और तेज हो गई है। बिल्डरों में भी खलबली है। इधर, शनिवार शाम इस जमीन पर जादौन इंफ्राटेक.फर्म के निर्माणाधीन वैष्णो क्रिस्टल अपार्टमेंट पर एडीए ने निर्धारित नक्शे के विपरीत निर्माण का आरोप लगाते हुए सील ठोक दी। सील की कार्रवाई के बाद वहां निर्माण कार्य रुक गया है। वहीं इस कार्रवाई के बाद हिस्सेदारों के साथ-साथ निवेशक भी बेचैन हैं।
नक्शे के विपरीत मिला बेसमेंट व सेटबैक
मैरिस रोड स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट पर शनिवार शाम एसीएम द्वितीय सुधीर कुमार सोनी के साथ एडीए की टीम पहुंची। जिसने बिल्डिंग को सील कर दिया। इस दौरान टीम को विरोध भी झेलना पड़ा। इस दौरान एडीए की ओर से बताया गया कि स्वीकृत नक्शे के खिलाफ बेसमेंट और सैट बैंक का निर्माण हुआ है।
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पिछले दिनों एडीए के अभियंताओं ने निरीक्षक कर नक्शे के विपरीत निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया था। इसी क्रम में सीलिंग के आदेश जारी हुए थे। इस मौके पर टीम में सहायक अभियंता आसाराम, क्षेत्रीय अवर अभियंता मनोज कुमार शर्मा, अनिल कुमार, अशोक कुमार, श्यामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
सीलिंग में देरी पर स्पष्टीकरण, निर्माण ध्वस्तीकरण की तैयारी
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के वीसी गौरांग राठी ने बताया कि निर्धारित नक्शा व निर्माण के नियमों की जांच 2020 और 2021 में कराई गई थी। जिसमें निर्माण नक्शे के विपरीत पाया गया तो इस फर्म के संचालकों को नोटिस दिया गया था। उस नोटिस के क्रम में सीलिंग के आदेश भी हुए थे और शनिवार को सील लगाई गई है।
चूंकि सीलिंग की कार्रवाई देरी से हुई है। इसके लिए संबंधित एई व जेई से मंगलवार को कार्यालय खुलने पर लिखित में स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। जिसमें पूछा जाएगा कि सील देरी से क्यों किया गया। वहीं अनौपचारिक रूप से जो नए तथ्य सामने आए हैं, जिनमें सरकारी भूमि पर निर्माण सबसे अहम सवाल है।
इस पर इनकी एनओसी की जांच व तहसील से राजस्व रिपोर्ट मांगी जाएगी। उसमें इस फर्म का पक्ष भी सुना जाएगा। अगर सरकारी भूमि पर गलत तरीके से एनओसी लेकर निर्माण अवैध रूप से करना साबित हुआ तो इसमें निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी होगी।
मुकदमे में आरोपी इस तरह से हैं हिस्सेदार
कोल तहसील के लेखपाल अवधेश कुमार की ओर से सिविल लाइंस थाने में मैसर्स जादौन इंफ्राटेक सहित 11 नामजदों पर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें जादौन बिल्डर्स ग्रुप की फर्म जादौन इंफ्राटेक के एमडी योगेंद्र पाल सिंह बंटी व परमजीत सिंह मुख्य हिस्सेदार हैं।
इसके अलावा बरौली के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री ठा.दलवीर सिंह के पौत्र विजय सिंह, दलवीर सिंह के साले अर्जुन सिंह फकीरा, योगेंद्र पाल सिंह परिवार की सुनीता देवी के अलावा योगेंद्रपाल सिंह के करीबी व मित्रगणों में सुनील सिंह चौहान, प्रदीप कुमार सिंह, प्रमोद कुमार राणा, अशनीतपाल सिंह, राजेंद्रपाल सिंह के हिस्सेदार हैं। ये सभी आरोपी बनाए गए हैं।
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इस नाम के सामने आने के बाद जिले में सियासत और तेज हो गई है। बिल्डरों में भी खलबली है। इधर, शनिवार शाम इस जमीन पर जादौन इंफ्राटेक.फर्म के निर्माणाधीन वैष्णो क्रिस्टल अपार्टमेंट पर एडीए ने निर्धारित नक्शे के विपरीत निर्माण का आरोप लगाते हुए सील ठोक दी। सील की कार्रवाई के बाद वहां निर्माण कार्य रुक गया है। वहीं इस कार्रवाई के बाद हिस्सेदारों के साथ-साथ निवेशक भी बेचैन हैं।
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नक्शे के विपरीत मिला बेसमेंट व सेटबैक
मैरिस रोड स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट पर शनिवार शाम एसीएम द्वितीय सुधीर कुमार सोनी के साथ एडीए की टीम पहुंची। जिसने बिल्डिंग को सील कर दिया। इस दौरान टीम को विरोध भी झेलना पड़ा। इस दौरान एडीए की ओर से बताया गया कि स्वीकृत नक्शे के खिलाफ बेसमेंट और सैट बैंक का निर्माण हुआ है।
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पिछले दिनों एडीए के अभियंताओं ने निरीक्षक कर नक्शे के विपरीत निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया था। इसी क्रम में सीलिंग के आदेश जारी हुए थे। इस मौके पर टीम में सहायक अभियंता आसाराम, क्षेत्रीय अवर अभियंता मनोज कुमार शर्मा, अनिल कुमार, अशोक कुमार, श्यामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
सीलिंग में देरी पर स्पष्टीकरण, निर्माण ध्वस्तीकरण की तैयारी
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के वीसी गौरांग राठी ने बताया कि निर्धारित नक्शा व निर्माण के नियमों की जांच 2020 और 2021 में कराई गई थी। जिसमें निर्माण नक्शे के विपरीत पाया गया तो इस फर्म के संचालकों को नोटिस दिया गया था। उस नोटिस के क्रम में सीलिंग के आदेश भी हुए थे और शनिवार को सील लगाई गई है।
चूंकि सीलिंग की कार्रवाई देरी से हुई है। इसके लिए संबंधित एई व जेई से मंगलवार को कार्यालय खुलने पर लिखित में स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। जिसमें पूछा जाएगा कि सील देरी से क्यों किया गया। वहीं अनौपचारिक रूप से जो नए तथ्य सामने आए हैं, जिनमें सरकारी भूमि पर निर्माण सबसे अहम सवाल है।
इस पर इनकी एनओसी की जांच व तहसील से राजस्व रिपोर्ट मांगी जाएगी। उसमें इस फर्म का पक्ष भी सुना जाएगा। अगर सरकारी भूमि पर गलत तरीके से एनओसी लेकर निर्माण अवैध रूप से करना साबित हुआ तो इसमें निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी होगी।
मुकदमे में आरोपी इस तरह से हैं हिस्सेदार
कोल तहसील के लेखपाल अवधेश कुमार की ओर से सिविल लाइंस थाने में मैसर्स जादौन इंफ्राटेक सहित 11 नामजदों पर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें जादौन बिल्डर्स ग्रुप की फर्म जादौन इंफ्राटेक के एमडी योगेंद्र पाल सिंह बंटी व परमजीत सिंह मुख्य हिस्सेदार हैं।
इसके अलावा बरौली के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री ठा.दलवीर सिंह के पौत्र विजय सिंह, दलवीर सिंह के साले अर्जुन सिंह फकीरा, योगेंद्र पाल सिंह परिवार की सुनीता देवी के अलावा योगेंद्रपाल सिंह के करीबी व मित्रगणों में सुनील सिंह चौहान, प्रदीप कुमार सिंह, प्रमोद कुमार राणा, अशनीतपाल सिंह, राजेंद्रपाल सिंह के हिस्सेदार हैं। ये सभी आरोपी बनाए गए हैं।