फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Father sentenced to life imprisonment due to son's testimony in Tau's murder

अलीगढ़ : ताऊ के कत्ल में बेटे की गवाही से पिता को उम्रकैद की सजा

Sun, 17 Jul 2022 12:13 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 12:13 AM IST
विज्ञापन
Aligarh: Father sentenced to life imprisonment due to son's testimony in Tau's murder
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन

पिसावा क्षेत्र के गांव बालनपुर में सगे बड़े भाई की हत्या के दोषी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत ने सुनाया है। खास बात यह है कि इस हत्याकांड में चश्मदीद गवाह दोषी का बेटा था, जिसने अपने पिता के खिलाफ गवाही दी और अदालत ने उसी गवाही को महत्वपूर्ण आधार मानते हुए सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिवक्ता जेपी राजपूत के अनुसार, घटना 14 अप्रैल 2016 की है। वादी भगत सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें कहा गया कि उनके बड़े भाई सत्यपाल सिंह गांव के ही इस्लाम खां के संग चबूतरे पर बैठकर शराब पी रहे थे। रात करीब दस बजे हमारे सबसे बड़े भाई हुकुम सिंह वहां से निकले तो उन्होंने सत्यपाल सिंह को शराब पीते देख डांटा।
विज्ञापन

डांट फटकार पर इस्लाम तो वहां से चला गया, मगर सत्यपाल सिंह उग्र हो गया और उसने वहीं चाकुओं से अपने बड़े भाई हुकुम सिंह पर कई प्रहार कर दिए। इस दौरान सत्यपाल का बेटा शुभम बचाने आया तो उसे भी चाकू की खरोंच आई। इस हमले में हुकुम सिंह जख्मी होकर वहीं गिर गए, जबकि सत्यपाल सिंह भाग गया। बाद में हुकुम सिंह की मौत हो गई। मुकदमे के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी व चार्जशीट दायर की। सत्र परीक्षण के दौरान अदालत में गवाही व साक्ष्यों के आधार पर सत्यपाल को दोषी करार देकर उम्रकैद व 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुभम समेत छह गवाह पेश हुए
एडीजीसी के अनुसार, इस मुकदमे में वादी भगत सिंह, शुभम, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ज्ञास खां, विवेचक इंस्पेक्टर रामकुमार, मुकदमा लेखक, पंचनामा दरोगा गवाह के रूप में पेश किए गए। इस दौरान 23 वर्षीय शुभम सिंह ने पुलिस विवेचना में दिए गए बयान को स्वीकारा और कहा कि घटना के समय पिता ने जब ताऊ पर हमला किया तो वह खुद बीचबचाव में आया, जिसमें उसके भी चाकू की खरोंच आई। पिता द्वारा किए गए हमले में ताऊ की मौत हुई। इस बयान को अदालत ने बड़ा आधार माना है। बता दें कि शुभम की मां का पहले देहांत हो चुका है। उसके पिता पांच भाई थे। सभी अलग-अलग रहते थे। खुद शुभम अपने पिता की इकलौती संतान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed