दादरी बीफ कांड: फंसी अलीगढ़ की फैक्टरी, कई जांच के घेरे में आईं, उच्चस्तरीय जांच के निर्देश
शासन के निर्देश पर अलीगढ़ की अलतबारक मीट फैक्टरी की जांच कराई जा रही है। मगर इस फर्म का लाइसेंस नवीनीकरण न होने के कारण एक जनवरी से फैक्टरी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील लगा रखी है और जांच अटक गई है।
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दादरी के बहुचर्चित एसपीजे कोल्ड स्टोरेज के बीफ कांड में अलीगढ़ की एक बड़ी मीट फैक्टरी फंस रही है। जबकि कई जांच के घेरे में आ गईं हैं। साथ में देश की चार अन्य कंपनियों के भी नाम उजागर हुए हैं। शासन के निर्देश पर अलीगढ़ की अलतबारक मीट फैक्टरी की जांच कराई जा रही है। मगर इस फर्म का लाइसेंस नवीनीकरण न होने के कारण एक जनवरी से फैक्टरी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील लगा रखी है और जांच अटक गई है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है अगर सील नहीं खुली तो जांच नहीं होगी?। वहीं कई दूसरी फैक्टरी भी जांच के घेरे में आ रही हैं।
दादरी के एपीजे कोल्ड स्टोर में गोमांस की शिकायत पशु अधिकार कार्यकर्ता सुमंत ओझा ने गाजियाबाद प्रशासन से की थी। प्रशासन ने टीम बनाकर सात नवंबर को एक ट्रक मांस पकड़ा। इसके बाद से नौ और 10 नंवबर को कोल्ड स्टोरेज के सभी यूनिटों को खंगालते हुए भारी मात्रा में मांस बरामद किया। जिसकी जांच में बीफ की पुष्टि हुई। साथ में जांच में उजागर हुआ कि पांच फर्मों से आपूर्ति हुई है। इसमें अलीगढ़ की एक बड़ी फर्म का नाम भी सामने आया है। इसे लेकर इन सभी की उच्च स्तरीय जांच कर इनके लाइसेंस रद्द करने और प्लांट को सील करने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में शासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 13 दिसंबर को पत्र भेजा और 31 दिसंबर को शासन स्तर से यह निर्देश मिले कि उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिसमें पशु कट्टी से लेकर गोवंश कट्टी आदि की जांच कमेटी से कराने के निर्देश दिए गए। तत्कालीन सीवीओ ने मामले में तत्कालीन डीएम को पत्र भेजा, जिसमें कमेटी बनाते हुए सीओ, मजिस्ट्रेट, सीवीओ, खाद्य अधिकारी व दो अन्य को शामिल करने की संस्तुति कर जांच कराने को कहा। मगर इसी बीच एक जनवरी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस फर्म का नवीनीकरण न होने के कारण सील लगा दी। इस कारण जांच अटक गई है।
इधर, तत्कालीन डीएम व सीवीओ का तबादला होने के बाद भी प्रकरण दबने की चर्चाएं हैं। इसी क्रम में दादरी कांड के मुकदमे की जांच को भी दो दिन पहले मेरठ क्राइम ब्रांच यहां पहुंची। मगर किसी वरिष्ठ अधिकारी के न मिलने पर कर्मचारी के बयान लेकर चली गई। साथ में नोटिस भी दिया गया। इस संबंध में इस फर्म के महाप्रबंधक फराज खान से जब बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात करने से व कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजीत की थी मीट फैक्टरी में तैनाती
अलीगढ़। इस मीट फैक्ट्री में गोमांस की पुष्टि पर तत्कालीन सीवीओ एनएन शुक्ला जांच की तो सामने आया कि पशु चिकित्साधिकारी डा.अजीत की तैनाती को नियम विरुद्ध पाया। वर्तमान में इनकी तैनाती खैर के उंटवारा में है। इसके लिए सीवीओ ने चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी भेजा था। पशु चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई तो नहीं हुई मगर सीवीओ का स्थानांतरण अवश्य हो गया।
शासन से अलतबारक मीट फैक्टरी की जांच आई थी। दादरी में पकड़े गए गोमांस में इस कम्पनी का भी नाम का उल्लेख है। तीन बार टीम भेजी गई मगर फैक्टरी बंद मिली। ऐसे में लाइसेंसी अथारिटी को पत्र भेज कर यथा स्थिति से अवगत करा दिया गया है।-दीनानाथ यादव, खाद्य सुरक्षा आयुक्त
अभी हाल में ही कार्यभार ग्रहण किया है। मामला दादरी में पकड़ा गया है। अलीगढ़ की कम्पनी इसमें शामिल है तो इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई जाएगी। पुराने कागजातों को खंगाला जाएगा।-डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, सीवीओ
अल तबारक फर्म का लाइसेंस प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नवीनीकरण आवेदन में कमियों के चलते नवीनीकृत नहीं हुआ है। इसके चलते फर्म पर एक जनवरी को सील लगाई गई है। बाकी जांच के लिए कमेटी बनी हुई है।-राधेश्याम, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड