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अलीगढ़ :एएमयू प्रोफेसर के खिलाफ मिले साक्ष्य, विवेचना अंतिम दौर में
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर जितेंद्र कुमार द्वारा कक्षा में देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित पाठ पढ़ाने के मामले में पुलिस को मजबूत साक्ष्य मिल गए हैं। प्रकरण की विवेचना अंतिम दौर में है। कुछ काम अधूरे हैं, जिन्हें पूरा करते ही विवेचना पूर्ण कर पुलिस अभियोजन स्वीकृति लेगी। इसके बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
एमबीबीएस तृतीय वर्ष की कक्षा में पढ़ाई के दौरान प्रोफेसर जितेंद्र कुमार ने देवी देवताओं को लेकर अमर्यादित पाठ पढ़ाया था। प्रोजेक्टर पर पढ़ाई का स्क्रीन शॉट कक्षा से बाहर आने पर बखेड़ा खड़ा हुआ। इस मामले में एएमयू के पूर्व छात्र भाजपा नेता डॉ.निशित शर्मा द्वारा सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
विवेचना करते हुए सिविल लाइंस के एसआई नौशाद खां द्वारा आरोपी के बयान दर्ज किए और साक्ष्य संकलन शुरू किया। अब तक की गई विवेचना में पाया कि उस दिन कक्षा में कुल 43 छात्र-छात्राएं मौजूद थे। इनमें से अब तक 10 छात्रों की ओर से बयान दर्ज कराए गए हैं।
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विभाग के डीन ने भी बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी ने प्रोफेसर द्वारा अमार्यदित पाठ पढ़ाना स्वीकारा है। यह भी तथ्य उजागर हुआ है कि जो उन्होंने पढ़ाया, वह कोर्स में ही नहीं था। ऐसा उन्होंने क्यों और किस मंशा से पढ़ाया, इस पर किसी ने अपनी टिप्पणी नहीं दी है।
इसके अलावा पुलिस ने प्रोजेक्टर में लगाई गई पैन ड्राइव, प्रोजेक्टर के स्क्रीन शॉट आदि भी संकलित कर लिए हैं। विवेचना अंतिम दौर में है। विवेचना के बाद अभियोजन राय मिलते ही चार्जशीट पर अभियोजन स्वीकृति शासन स्तर से ली जाएगी।
अभी यह काम रह गया है शेष
विवेचना पूर्ण करने से पहले पुलिस का प्रयास है कि एएमयू की उस चार सदस्यीय टीम द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ली जाए, जो इस घटना की जांच के लिए गठित की गई थी। कक्षा में मौजूद रहे 43 छात्रों में से अभी आठ-दस छात्रों के बयान और दर्ज हो जाएं। छात्रों से विवेचक लगातार संपर्क में हैं। हां, कुछ छात्र बयान देने से बच रहे हैं। इसके लिए किसी पर दबाव नहीं है। प्रयास जारी हैं।
- एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर पर दर्ज मुकदमे की विवेचना अंतिम दौर में है। कुछ काम शेष बचे हैं। उसके पूरा होते ही चार्जशीट दायर करने के लिए अभियोजन राय व अभियोजन स्वीकृति ली जाएगी। उसके बाद ही चार्जशीट दायर की जाएगी।
- श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
प्रोफेसर ने दायर की अग्रिम जमानत अर्जी
इस मामले में एएमयू प्रोफेसर जितेंद्र कुमार की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की गई है। जिस पर अदालत ने अगले माह की तारीख नियत कर दी है।
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एमबीबीएस तृतीय वर्ष की कक्षा में पढ़ाई के दौरान प्रोफेसर जितेंद्र कुमार ने देवी देवताओं को लेकर अमर्यादित पाठ पढ़ाया था। प्रोजेक्टर पर पढ़ाई का स्क्रीन शॉट कक्षा से बाहर आने पर बखेड़ा खड़ा हुआ। इस मामले में एएमयू के पूर्व छात्र भाजपा नेता डॉ.निशित शर्मा द्वारा सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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विवेचना करते हुए सिविल लाइंस के एसआई नौशाद खां द्वारा आरोपी के बयान दर्ज किए और साक्ष्य संकलन शुरू किया। अब तक की गई विवेचना में पाया कि उस दिन कक्षा में कुल 43 छात्र-छात्राएं मौजूद थे। इनमें से अब तक 10 छात्रों की ओर से बयान दर्ज कराए गए हैं।
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विभाग के डीन ने भी बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी ने प्रोफेसर द्वारा अमार्यदित पाठ पढ़ाना स्वीकारा है। यह भी तथ्य उजागर हुआ है कि जो उन्होंने पढ़ाया, वह कोर्स में ही नहीं था। ऐसा उन्होंने क्यों और किस मंशा से पढ़ाया, इस पर किसी ने अपनी टिप्पणी नहीं दी है।
इसके अलावा पुलिस ने प्रोजेक्टर में लगाई गई पैन ड्राइव, प्रोजेक्टर के स्क्रीन शॉट आदि भी संकलित कर लिए हैं। विवेचना अंतिम दौर में है। विवेचना के बाद अभियोजन राय मिलते ही चार्जशीट पर अभियोजन स्वीकृति शासन स्तर से ली जाएगी।
अभी यह काम रह गया है शेष
विवेचना पूर्ण करने से पहले पुलिस का प्रयास है कि एएमयू की उस चार सदस्यीय टीम द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ली जाए, जो इस घटना की जांच के लिए गठित की गई थी। कक्षा में मौजूद रहे 43 छात्रों में से अभी आठ-दस छात्रों के बयान और दर्ज हो जाएं। छात्रों से विवेचक लगातार संपर्क में हैं। हां, कुछ छात्र बयान देने से बच रहे हैं। इसके लिए किसी पर दबाव नहीं है। प्रयास जारी हैं।
- एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर पर दर्ज मुकदमे की विवेचना अंतिम दौर में है। कुछ काम शेष बचे हैं। उसके पूरा होते ही चार्जशीट दायर करने के लिए अभियोजन राय व अभियोजन स्वीकृति ली जाएगी। उसके बाद ही चार्जशीट दायर की जाएगी।
- श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
प्रोफेसर ने दायर की अग्रिम जमानत अर्जी
इस मामले में एएमयू प्रोफेसर जितेंद्र कुमार की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की गई है। जिस पर अदालत ने अगले माह की तारीख नियत कर दी है।