Aligarh: एटा से पीछे और हाथरस-कासगंज से आगे रहा अलीगढ़, विकास कार्यों की समीक्षा में 47वें स्थान पर
संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान में मंडल की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगस्त में हुए प्रदेश स्तरीय विकास कार्यों की रैंकिंग में एटा 17वें, अलीगढ़ 47वें, हाथरस 60वें और कासगंज 65वें स्थान पर रहा। वहीं, जुलाई में एटा 38वें, हाथरस 53वें, कासगंज 63वें व अलीगढ़ 75वें स्थान पर था। 23 सितंबर को कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त चैत्रा वी. ने विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।
उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान में मंडल की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। विभागीय योजनाओं में टॉप-5 में रहने पर प्रशस्ति पत्र दिए जाने की घोषणा की। बीएसए, डीपीआरओ व समाज कल्याण अधिकारी कासगंज के बैठक में उपस्थित न होने पर वेतन काटने के निर्देश दिए।
वहीं, मनरेगा कार्यों की रैंकिंग में हाथरस जिले की 58वीं रैंकिंग होने पर डीसी मनरेगा हाथरस को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फसल व जानमाल नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट प्रस्तुत करने व प्रभावितों को राहत सहायता पहुंचाने के लिए कहा। एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज में कासगंज के ई श्रेणी में पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ को माॅनिटरिंग करने के लिए कहा। अन्य तीन जिलों की डी रैंकिंग पर भी असंतोष जताया।
गोवंश को पर्याप्त सुरक्षा और संरक्षण में असंतोषजनक प्रगति पर अपर निदेशक पशुपालन को चेतावनी दी। पशुपालन विभाग की समीक्षा में संतोषजनक गोसंरक्षण न करने पर एटा, हाथरस व कासगंज सीवीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन योजना में गिरती रैंकिंग पर अधिशासी अभियंता मो. इमरान ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि दिसंबर में कार्य पूरे हो जाएंगे। ग्राम पंचायतों में उपलब्ध धनराशि व्यय न किए जाने पर डीडी पंचायत अमरजीत को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने मध्यान्ह भोजन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एडी बेसिक एसके वर्मा को प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। सिकंदराराऊ-जलेसर, एटा-जलेसर मार्ग की मरम्मत के लिए शासन स्तर से एस्टीमेट स्वीकृति के लिए विशेष पहल करने के लिए कहा है।