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अलीगढ़ : कोरोना : बूस्टर डोज लगवाने में सुस्ती पड़ सकती है भारी
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दिल्ली, एनसीआर सहित आसपास के जनपदों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद कोविड रोधी टीके की एहतियात (बूस्टर) डोज के मामले में अलीगढ़ पिछड़ रहा है। दरअसल, 18 से 59 साल के लोगों को बूस्टर डोज निजी अस्पतालाें में खुद के खर्च पर लगवानी है। कीमत भी तय है लेकिन ज्यादातर निजी अस्पताल एहतियात डोज को लेकर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। राहत की बात यह है कि आज से बूस्टर डोज की सुविधा शेखर सराफ मेमोरियल हॉस्पिटल में शुरू हो गई है।
जनपद में 24 लाख लोगों (18 से 59 वर्ष) को एहतियात डोज लगनी है। दूसरी डोज के नौ माह बाद एहतियात डोज लगनी है। इसकी जिम्मेदारी निजी अस्पतालों को सौंपी गई है। निजी अस्पताल अधिकतम 375 रुपये में कोविड रोधी टीका लगाएंगे। अब तक निजी अस्पताल एहतियात डोज को लेकर रुचि नहीं ले रहे थे। वहीं, सरकारी अस्पतालों में सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी, अग्रिम पंक्ति के योद्धा और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को एहतियात डोज लग रही है।
किशोरों एवं बच्चों को लेकर भी उदासीनता
जनपद में किशोरों एवं बच्चों को टीका लगवाने को लेकर लोग उदासीन हैं, जबकि 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को टीका लग जाना चाहिए। कोविड-19 से बचाव के लिए यह जरूरी है। जनपद में 12 से 14 वर्ष के 55.7 प्रतिशत बच्चे प्रथम डोज लेकर सुरक्षा घेरे में आए हैं। 15 से 17 वर्ष के 86.86 प्रतिशत बच्चे प्रथम डोज ले चुके हैं। दूसरी डोज लेने वालों का प्रतिशत 47.97 है। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 101.02 प्रतिशत लोग प्रथम एवं 77.98 प्रतिशत दूसरी डोज ले चुके हैं।
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18 से अधिक उम्र के लोगों को एहतियात डोज लगाने के लिए कोवाक्सिन मंगा ली गई है। इच्छुक व्यक्ति 350 रुपये में रविवार से टीका लगवा सकते हैं। कोवाक्सिन की प्रथम एवं दूसरी डोज भी निर्धारित शुल्क जमा कर लगवा सकते हैं।
- सुमित सराफ, निदेशक, शेखर सराफ मेमोरियल अस्पताल
अधिक से अधिक टीकाकरण का प्रयास किया जा रहा है। रमजान एवं रोजा की वजह से कुछ दिक्कत आ रही है। लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। एहतियात डोज की सेवा शुरू करने के लिए निजी अस्पतालों से बात चल रही है।
- डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
12 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति टीका के लिए पात्र है। अलीगढ़ के आसपास के जनपदों में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है। सभी लोग निर्धारित समय पर टीके की डोज लगवाएं।
- डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय, सर्विलांस अधिकारी, अलीगढ़ मंडल
अभी हमारे पास एहतियात डोज लगवाने से संबंधित कोई लिखित सूचना नहीं है। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करेंगे। दरअसल कोविड रोधी टीके की एक शीशी में दस या बीस डोज होते हैं। शीशी खुलने के चार घंटे बाद शेष डोज बर्बाद हो जाती हैं।
- डॉ. जयंत शर्मा, अध्यक्ष आईएमए
जिले में टीकाकरण की स्थिति...
18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग...
- प्रथम डोज - 101.02 प्रतिशत
- द्वितीय डोज - 77.98 प्रतिशत
15 से 17 वर्ष के किशोर
- प्रथम डोज - 86.86 प्रतिशत
- द्वितीय डोज - 47.97 प्रतिशत
12 से 14 वर्ष के बच्चे...
- प्रथम डोज - 55.7 प्रतिशत
- द्वितीय डोज - 0.11 प्रतिशत
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जनपद में 24 लाख लोगों (18 से 59 वर्ष) को एहतियात डोज लगनी है। दूसरी डोज के नौ माह बाद एहतियात डोज लगनी है। इसकी जिम्मेदारी निजी अस्पतालों को सौंपी गई है। निजी अस्पताल अधिकतम 375 रुपये में कोविड रोधी टीका लगाएंगे। अब तक निजी अस्पताल एहतियात डोज को लेकर रुचि नहीं ले रहे थे। वहीं, सरकारी अस्पतालों में सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी, अग्रिम पंक्ति के योद्धा और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को एहतियात डोज लग रही है।
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किशोरों एवं बच्चों को लेकर भी उदासीनता
जनपद में किशोरों एवं बच्चों को टीका लगवाने को लेकर लोग उदासीन हैं, जबकि 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को टीका लग जाना चाहिए। कोविड-19 से बचाव के लिए यह जरूरी है। जनपद में 12 से 14 वर्ष के 55.7 प्रतिशत बच्चे प्रथम डोज लेकर सुरक्षा घेरे में आए हैं। 15 से 17 वर्ष के 86.86 प्रतिशत बच्चे प्रथम डोज ले चुके हैं। दूसरी डोज लेने वालों का प्रतिशत 47.97 है। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 101.02 प्रतिशत लोग प्रथम एवं 77.98 प्रतिशत दूसरी डोज ले चुके हैं।
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18 से अधिक उम्र के लोगों को एहतियात डोज लगाने के लिए कोवाक्सिन मंगा ली गई है। इच्छुक व्यक्ति 350 रुपये में रविवार से टीका लगवा सकते हैं। कोवाक्सिन की प्रथम एवं दूसरी डोज भी निर्धारित शुल्क जमा कर लगवा सकते हैं।
- सुमित सराफ, निदेशक, शेखर सराफ मेमोरियल अस्पताल
अधिक से अधिक टीकाकरण का प्रयास किया जा रहा है। रमजान एवं रोजा की वजह से कुछ दिक्कत आ रही है। लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। एहतियात डोज की सेवा शुरू करने के लिए निजी अस्पतालों से बात चल रही है।
- डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
12 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति टीका के लिए पात्र है। अलीगढ़ के आसपास के जनपदों में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है। सभी लोग निर्धारित समय पर टीके की डोज लगवाएं।
- डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय, सर्विलांस अधिकारी, अलीगढ़ मंडल
अभी हमारे पास एहतियात डोज लगवाने से संबंधित कोई लिखित सूचना नहीं है। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करेंगे। दरअसल कोविड रोधी टीके की एक शीशी में दस या बीस डोज होते हैं। शीशी खुलने के चार घंटे बाद शेष डोज बर्बाद हो जाती हैं।
- डॉ. जयंत शर्मा, अध्यक्ष आईएमए
जिले में टीकाकरण की स्थिति...
18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग...
- प्रथम डोज - 101.02 प्रतिशत
- द्वितीय डोज - 77.98 प्रतिशत
15 से 17 वर्ष के किशोर
- प्रथम डोज - 86.86 प्रतिशत
- द्वितीय डोज - 47.97 प्रतिशत
12 से 14 वर्ष के बच्चे...
- प्रथम डोज - 55.7 प्रतिशत
- द्वितीय डोज - 0.11 प्रतिशत