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अलीगढ़ के पड़ोसी जिलों में कोरोना के 54 केस, सीमा का हर गांव सील
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लॉकडाउन के चलते अलीगढ़ सीमा में प्रवेश करने वालों की चैकिंग करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : CITY OFFICE
ऊपरवाले का शुक्र है कि अभी तक अलीगढ़ जिले में स्थानीय स्तर पर कोरोना का एक भी केस नहीं मिला है। यहां आए और यहां से गए जमातियों में भी अभी तक इस तरह का संक्रमण नहीं दिखा है। मिर्जा चांदपुर मामले में भी पूरा गांव लगभग सुरक्षित है। मगर, अलीगढ़ को पड़ोसी जनपदों से बहुत बड़ा खतरा पैदा हो गया है, जहां के एक के बाद एक अब तक 54 केस सामने आ चुके हैं। अलीगढ़ की सीमा से सटे नोएडा में 45, बुलंदशहर में 3, हाथरस में 4, आगरा और मुरादाबाद में एक-एक कोरोना केस पुष्ट हो चुका है। ये सभी केस एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में पुष्ट हुए हैं। ऐसे में जिले की सीमाएं सील करने, लोगों को वहां आने जाने से रोकने में जिला प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है।
शनिवार को अब तक की समीक्षा करने के बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि अगर किसी का परिजन, बेटा, बहन-भाई, पति-पत्नी, मां-बाप या अन्य कोई रिश्तेदार उक्त जनपदों में हैं और परेशान है तो इसकी जानकारी मिलने पर उनको वहां के जिलाधिकारी के माध्यम से राहत पहुंचाई जाएगी। लेकिन किसी भी सूरत में अलीगढ़ आने या यहां से किसी को भी उक्त जनपदों में जाने नहीं दिया जाएगा। ऐसा करने पर महामारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। जिले की नोएडा, हरियाणा के पलवल, मथुरा, आगरा, बदायूं की सीमा से सटते सभी गांव सील कर दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति में इन गांवों में किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। पुलिस प्रशासन को इसके लिए सख्ती से अलर्ट कर दिया गया है।
हाईवे से लगती जिले की सभी सीमाएं और सख्ती के साथ सील कर दी गई हैं। अब पड़ोसी जिलों से आने वाले हरेक व्यक्ति पर नजर है। गांव-गांव बढ़ रही जागरूकता के कारण ग्रामीण भी ऐसे आवागमन पर खुद ब खुद रोक लगा रहे हैं। किसी भी के गांव में आने पर या वहां से जाने की ऐसी जानकारी मिलने पर पुलिस को बता रहे हैं। वहीं, जमातियों के प्रकरण के बाद धर्म गुरुओं के साथ बैठक कर डीएम ने इन लोगों के माध्यम से जनता से घरों में रहने की अपील करानी शुरू कर दी है।
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इधर, आलू और गेहूं की फसलों के साथ खेती के अन्य काम प्रभावित होने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने खेती से जुड़े मशीन और स्पेयर पार्ट्स की दुकान और हाईवे पर ट्रक मरम्मत की दुकानों को छूट दी है। गेहूं कटाई के समय को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी मजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि खेती संबंधी मशीनों, खेतों में काम कर रहे मजदूरों को परेशान न किया जाए।
डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि जिले की सीमा से सटते गांवों के बार्डर सील कर दिए गए हैं। इनके रास्ते ब्लॉक करने के बाद निरीक्षण की जिम्मेदार संबंधित थाने के इंस्पेक्टर की है। इंस्पेक्टर के साथ सीओ को भी जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी मुनिराज जी का कहना है कि अलीगढ़ के पड़ोसी जिलों में कोरोना के लगभग 54 केस हुए हैं। ऐसे में आवागमन पूरी तरह से बंद है, अगर कोई आता-जाता मिला तो उसके खिलाफ और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जिले की सीमा पर ये गांव हो गए सील
- खुर्जा सीमा से लगते गभाना तहसील के गांव रनियावली, मुनि, लखनवाड़ा, खेड़ा, मानगढ़ी गांव।
- मथुरा सीमा से सटते इगलास तहसील के गांव जुवार, मानपुर, असरोही, मनिपुर, दौलताबाद, हरिरामपुर, कारोना, अक्षयपुर, वैरामगढ़ी, नगला गोपाल, बाजगढ़ी गांव।
- हाथरस सीमा से सटते कोल तहसील गांव मडराक, मुकुदपुर, न्होटी, पालीरजापुर गांव।
- हरियाणा और नोएडा की सीमा से सटते खैर तहसील पीपली, हमीदपुद, टपल्ल इंटरचेंज।
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शनिवार को अब तक की समीक्षा करने के बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि अगर किसी का परिजन, बेटा, बहन-भाई, पति-पत्नी, मां-बाप या अन्य कोई रिश्तेदार उक्त जनपदों में हैं और परेशान है तो इसकी जानकारी मिलने पर उनको वहां के जिलाधिकारी के माध्यम से राहत पहुंचाई जाएगी। लेकिन किसी भी सूरत में अलीगढ़ आने या यहां से किसी को भी उक्त जनपदों में जाने नहीं दिया जाएगा। ऐसा करने पर महामारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। जिले की नोएडा, हरियाणा के पलवल, मथुरा, आगरा, बदायूं की सीमा से सटते सभी गांव सील कर दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति में इन गांवों में किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। पुलिस प्रशासन को इसके लिए सख्ती से अलर्ट कर दिया गया है।
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हाईवे से लगती जिले की सभी सीमाएं और सख्ती के साथ सील कर दी गई हैं। अब पड़ोसी जिलों से आने वाले हरेक व्यक्ति पर नजर है। गांव-गांव बढ़ रही जागरूकता के कारण ग्रामीण भी ऐसे आवागमन पर खुद ब खुद रोक लगा रहे हैं। किसी भी के गांव में आने पर या वहां से जाने की ऐसी जानकारी मिलने पर पुलिस को बता रहे हैं। वहीं, जमातियों के प्रकरण के बाद धर्म गुरुओं के साथ बैठक कर डीएम ने इन लोगों के माध्यम से जनता से घरों में रहने की अपील करानी शुरू कर दी है।
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इधर, आलू और गेहूं की फसलों के साथ खेती के अन्य काम प्रभावित होने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने खेती से जुड़े मशीन और स्पेयर पार्ट्स की दुकान और हाईवे पर ट्रक मरम्मत की दुकानों को छूट दी है। गेहूं कटाई के समय को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी मजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि खेती संबंधी मशीनों, खेतों में काम कर रहे मजदूरों को परेशान न किया जाए।
डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि जिले की सीमा से सटते गांवों के बार्डर सील कर दिए गए हैं। इनके रास्ते ब्लॉक करने के बाद निरीक्षण की जिम्मेदार संबंधित थाने के इंस्पेक्टर की है। इंस्पेक्टर के साथ सीओ को भी जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी मुनिराज जी का कहना है कि अलीगढ़ के पड़ोसी जिलों में कोरोना के लगभग 54 केस हुए हैं। ऐसे में आवागमन पूरी तरह से बंद है, अगर कोई आता-जाता मिला तो उसके खिलाफ और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जिले की सीमा पर ये गांव हो गए सील
- खुर्जा सीमा से लगते गभाना तहसील के गांव रनियावली, मुनि, लखनवाड़ा, खेड़ा, मानगढ़ी गांव।
- मथुरा सीमा से सटते इगलास तहसील के गांव जुवार, मानपुर, असरोही, मनिपुर, दौलताबाद, हरिरामपुर, कारोना, अक्षयपुर, वैरामगढ़ी, नगला गोपाल, बाजगढ़ी गांव।
- हाथरस सीमा से सटते कोल तहसील गांव मडराक, मुकुदपुर, न्होटी, पालीरजापुर गांव।
- हरियाणा और नोएडा की सीमा से सटते खैर तहसील पीपली, हमीदपुद, टपल्ल इंटरचेंज।