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समलैंगिक से दोस्ती और ब्लैकमेलिंग: हॉल मिला, कमरा नहीं, फिर भी हॉस्टल में रह रहा था शहजिल; चौंकाने वाले खुलासे
Sat, 12 Sep 2026 03:07 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 12 Sep 2026 03:07 PM IST
सार
अलीगढ़ में समलैंगिक से दोस्ती कर उन्हें एएमयू के विकारुल मुल्क (वीएम) हॉल में बुलाने और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। ब्लैकमेल करने का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस के सभी हॉस्टलों में बाहरी लोगों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपी छात्र शहजिल को हॉल मिला था, कमरा नहीं, फिर भी वह हॉस्टल में रह रहा था।
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Aligarh Blackmail Gang
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अलीगढ़ में एएमयू के हॉस्टलों में कमरा आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वीएम हॉल मामले की जांच में सामने आया है कि बीबीए छात्र शहजिल को हॉल तो आवंटित था, लेकिन कोई कमरा नहीं मिला था। इसके बावजूद वह हॉस्टल में रह रहा था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिना कमरा आवंटित हुए छात्र को वहां रहने की अनुमति किसने दी और वह किसके जरिए हॉस्टल में रह रहा था। जांच में पता चला कि शहजिल को कमरा दिलाने की जिम्मेदारी दो बाहरी लोगों आरिफ और पूर्व छात्र जुदैन मिंटो ने ली थी। दोनों हॉस्टल में किस हैसियत से दखल दे रहे थे और छात्र को कमरा दिलाने में उनकी क्या भूमिका थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिना कमरा आवंटित हुए छात्र को वहां रहने की अनुमति किसने दी और वह किसके जरिए हॉस्टल में रह रहा था। जांच में पता चला कि शहजिल को कमरा दिलाने की जिम्मेदारी दो बाहरी लोगों आरिफ और पूर्व छात्र जुदैन मिंटो ने ली थी। दोनों हॉस्टल में किस हैसियत से दखल दे रहे थे और छात्र को कमरा दिलाने में उनकी क्या भूमिका थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक, 24 दिसंबर 2025 को हुए राव दानिश हत्याकांड के बाद एएमयू प्रशासन को बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक और कार्रवाई के संबंध में अब तक आठ पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर सवाल बने हुए हैं।
हाल ही में बाइक चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज लेने पहुंची पुलिस टीम को भी अलग-अलग पटल पर भेजे जाने की बात सामने आई है। इससे हॉस्टल और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
पहले भी सामने आया था ऐसा मामला
एएमयू परिसर में इस तरह की संदिग्ध गतिविधि का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2025 के मध्य में सर जियाउद्दीन हॉल में भी लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने और वसूली का मामला सामने आया था। इस मामले में थाना सिविल लाइंस में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एएमयू परिसर में इस तरह की संदिग्ध गतिविधि का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2025 के मध्य में सर जियाउद्दीन हॉल में भी लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने और वसूली का मामला सामने आया था। इस मामले में थाना सिविल लाइंस में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शहजिल को हॉल आवंटित था, लेकिन कमरा नहीं मिला था। जिस कमरे में ये गतिविधियां चल रही थीं, वह बिहार निवासी लुकमान नाम के छात्र को आवंटित है। लुकमान करीब साढ़े तीन माह से घर गया हुआ है। इस संबंध में अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।-प्रो. मोहम्मद जुनैद, प्रॉक्टर, एएमयू
एएमयू में हड़कंप, वीएम हॉल के 10 कमरे सील, छात्र निलंबित
एएमयू के वीएम हॉल में ग्रिंडर और माई बॉय एप के जरिये लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस के सभी हॉस्टलों में बाहरी लोगों की तलाश शुरू कर दी है। वीएम हॉल में संदिग्ध गतिविधियों के शक में 10 कमरे सील कर दिए गए हैं। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी बीबीए छात्र शहजिल को विश्वविद्यालय ने निलंबित कर दिया है।
एएमयू के वीएम हॉल में ग्रिंडर और माई बॉय एप के जरिये लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस के सभी हॉस्टलों में बाहरी लोगों की तलाश शुरू कर दी है। वीएम हॉल में संदिग्ध गतिविधियों के शक में 10 कमरे सील कर दिए गए हैं। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी बीबीए छात्र शहजिल को विश्वविद्यालय ने निलंबित कर दिया है।
एएमयू परिसर में 22 हॉल हैं, जिनमें करीब 24 हजार छात्र रहते हैं। छात्रों की निगरानी के लिए सभी हॉल के मुख्य द्वार और प्रोवोस्ट कार्यालय पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद हॉस्टलों में बाहरी लोगों की आवाजाही विश्वविद्यालय के लिए चुनौती बनी हुई है। कई बार बाहरी लोग खुद को एएमयू का पूर्व छात्र बताकर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं।
मामला सामने आने के बाद शुक्रवार शाम प्रॉक्टर कार्यालय की टीमों ने अलग-अलग हॉस्टलों में सर्च अभियान चलाया। छात्रों के आईकार्ड चेक किए गए। कुछ पूर्व छात्रों को चेतावनी देकर वापस भेज दिया गया। साथ ही कैंपस में प्रवेश और हॉस्टलों में आने-जाने वालों की निगरानी सख्त कर दी गई है।
केवल एक सप्ताह की फुटेज रहती है सुरक्षित
एएमयू के हॉस्टलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज केवल एक सप्ताह तक सुरक्षित रहती है। जबकि पुलिस के मुताबिक वीएम हॉल में संदिग्ध गतिविधियां करीब छह महीने से चल रही थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि लंबे समय से चल रही गतिविधियों की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को क्यों नहीं हुई।
एएमयू के हॉस्टलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज केवल एक सप्ताह तक सुरक्षित रहती है। जबकि पुलिस के मुताबिक वीएम हॉल में संदिग्ध गतिविधियां करीब छह महीने से चल रही थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि लंबे समय से चल रही गतिविधियों की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को क्यों नहीं हुई।
घटना सामने आने के बाद बीबीए छात्र शहजिल को निलंबित कर दिया गया है। पूरे कैंपस के हॉस्टलों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बाहरी लोगों की तलाश के साथ प्रवेश व्यवस्था भी सख्त की गई है। वीएम हॉल में बाहरी लोगों की गतिविधियों के शक में 10 कमरे सील किए गए हैं। हॉस्टलों में आने-जाने वालों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।- प्रो. मोहम्मद नवेद, प्रॉक्टर, एएमयू