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अलीगढ़ : अलीगढ़ के धातु कारोबारी से सिंगापुर में साढ़े पांच करोड़ रुपये की ठगी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
महानगर के बन्नादेवी इलाके के एक धातु कारोबारी संग सिंगापुर में साढ़े पांच करोड़ रुपये की ठगी हुई है। यह ठगी उनकी सिंगापुर बेस्ड कंपनी में कार्यरत तमिलनाडु के रहने वाले वित्त अधिकारी ने की है। हालांकि इस संबंध में सिंगापुर में ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। मगर अब स्थानीय स्तर पर कानूनी मदद के लिए कारोबारी परिवार प्रयास कर रहा है।
बन्नादेवी जमीराबाद निवासी वैभव गुप्ता की सिंगापुर में ग्रीन मिंट पीटीआई लिमिटेड नाम से कंपनी है, जिसके जरिये धातुओं की सप्लाई का कारोबार होता है। वैभव उसके निदेशक हैं। वैभव की कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि उनके पिता उमेश कुमार गुप्ता की ओर से एसएसपी को दी गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि वैभव की मुलाकात जून 2020 में सिंगापुर में ही तमिलनाडु निवासी मनोज कन्नन नाम के व्यक्ति से हुई।
उसी समय दोस्ती होने पर मनोज को कंपनी में बतौर वित्त अधिकारी नौकरी दे दी गई। इसी बीच कोविड-19 के चलते लॉकडाउन भी सिंगापुर में लगा हुआ था। जिस वजह से कंपनी के दफ्तर में कम ही लोगों के आने जाने की अनुमति थी। खुद वैभव घर से ही काम देखते थे। उन्होंने कंपनी के लेनदेन को ध्यान में रखते हुए अपने हस्ताक्षरयुक्त कुछ खाली चेक कंपनी दफ्तर में छोड़ रखे थे, जिनकी जानकारी मनोज कन्नन को थी। अपने व्यवहार के दम पर मनोज ने कंपनी के निदेशक मंडल से लेकर बैंकर्स तक में बेहतर रिश्ते भी बना लिए थे और विश्वास भी जमा लिया था।
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शिकायत के अनुसार इसी बीच किसी समय मनोज ने कंपनी दफ्तर से चेक चोरी कर उनकी एवज में 4 जनवरी और 5 जनवरी 2021 को 7 लाख 50 हजार यूएस डॉलर (करीब साढ़े पांच करोड़ भारतीय मुद्रा) अपने सिंगापुर में ही रहने वाले तमिलनाडु निवासी परिचित गोविंद राजू के सिंगापुर के ही डीबी एंड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में 14 जनवरी को गोविंद राजू के खातों से सिंगापुर से यह रकम तमिलनाडु के आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक के अपने, अपनी मां व पत्नी के नाम के बैंक खातों में ट्रांसफर करा दी। इसके तत्काल बाद ही अपनी मां को हार्ट अटैक आने की बात कहकर मनोज कन्नन सिंगापुर से भागकर तमिलनाडु आ गया। भरोसा दिलाने के लिए उसने अपनी पत्नी से भी फोन पर बात कराई।
इसी बीच जब रुपये गायब होने और जांच पर रुपये उसके खाते में जानकारी हुई तो उसे फोन किया गया। इस पर वह गलती मानते हुए यह कहता रहा कि गोविंद राजू से रुपये वापस करा देगा। मगर सिंगापुर में ही इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में यहां आने पर जब तमिलनाडु जाकर उससे रुपये मांगे गए तो वहां उसने अपने कुछ साथियों की मदद से मारपीट कर भगा दिया। बाद में वे तमिलनाडु में पुलिस के पास गए। मगर वहां से मदद नहीं मिली। इस पर शनिवार को वह एसएसपी मुनिराज जी से मिले। साथ में कानूनी मदद मांगी। इधर, इस मामले में पीड़ित से बातचीत का प्रयास किया गया। मगर काफी प्रयास के बाद भी उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।
दूसरा मुकदमा दर्ज होने पर आ सकती है दिक्कत
इस मामले को एसएसपी ने गंभीरता से समझने के बाद कानूनी पहलू पर यही बताया कि जब एक प्रकरण में एक मुकदमा सिंगापुर में दर्ज है तो दूसरा मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। इस पर विधिक राय लेकर ही कोई कार्रवाई आगे की जा सकती है। वहीं दूसरा पहलू यह भी है कि यह बड़ी रकम की ठगी का मामला है। इसलिए इसमें ईडी जांच की मदद से या फिर भारत स्थित सिंगापुर उच्चायोग की मदद से कोई कार्रवाई कराई जा सकती है।
-शहर के बन्नादेवी इलाके के वैभव गुप्ता के पिता उमेश गुप्ता ने यह शिकायत दी है। मसला बेहद गंभीर है। इसमें विधिक राय लेने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। सिंगापुर उच्चायोग या ईडी स्तर से जांच के बाद ही कार्रवाई तय हो सकती है। अभी मसले पर राय लेने के बाद ही कार्रवाई तय की जाएगी।
- मुनिराज जी, एसएसपी
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महानगर के बन्नादेवी इलाके के एक धातु कारोबारी संग सिंगापुर में साढ़े पांच करोड़ रुपये की ठगी हुई है। यह ठगी उनकी सिंगापुर बेस्ड कंपनी में कार्यरत तमिलनाडु के रहने वाले वित्त अधिकारी ने की है। हालांकि इस संबंध में सिंगापुर में ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। मगर अब स्थानीय स्तर पर कानूनी मदद के लिए कारोबारी परिवार प्रयास कर रहा है।
बन्नादेवी जमीराबाद निवासी वैभव गुप्ता की सिंगापुर में ग्रीन मिंट पीटीआई लिमिटेड नाम से कंपनी है, जिसके जरिये धातुओं की सप्लाई का कारोबार होता है। वैभव उसके निदेशक हैं। वैभव की कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि उनके पिता उमेश कुमार गुप्ता की ओर से एसएसपी को दी गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि वैभव की मुलाकात जून 2020 में सिंगापुर में ही तमिलनाडु निवासी मनोज कन्नन नाम के व्यक्ति से हुई।
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उसी समय दोस्ती होने पर मनोज को कंपनी में बतौर वित्त अधिकारी नौकरी दे दी गई। इसी बीच कोविड-19 के चलते लॉकडाउन भी सिंगापुर में लगा हुआ था। जिस वजह से कंपनी के दफ्तर में कम ही लोगों के आने जाने की अनुमति थी। खुद वैभव घर से ही काम देखते थे। उन्होंने कंपनी के लेनदेन को ध्यान में रखते हुए अपने हस्ताक्षरयुक्त कुछ खाली चेक कंपनी दफ्तर में छोड़ रखे थे, जिनकी जानकारी मनोज कन्नन को थी। अपने व्यवहार के दम पर मनोज ने कंपनी के निदेशक मंडल से लेकर बैंकर्स तक में बेहतर रिश्ते भी बना लिए थे और विश्वास भी जमा लिया था।
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शिकायत के अनुसार इसी बीच किसी समय मनोज ने कंपनी दफ्तर से चेक चोरी कर उनकी एवज में 4 जनवरी और 5 जनवरी 2021 को 7 लाख 50 हजार यूएस डॉलर (करीब साढ़े पांच करोड़ भारतीय मुद्रा) अपने सिंगापुर में ही रहने वाले तमिलनाडु निवासी परिचित गोविंद राजू के सिंगापुर के ही डीबी एंड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में 14 जनवरी को गोविंद राजू के खातों से सिंगापुर से यह रकम तमिलनाडु के आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक के अपने, अपनी मां व पत्नी के नाम के बैंक खातों में ट्रांसफर करा दी। इसके तत्काल बाद ही अपनी मां को हार्ट अटैक आने की बात कहकर मनोज कन्नन सिंगापुर से भागकर तमिलनाडु आ गया। भरोसा दिलाने के लिए उसने अपनी पत्नी से भी फोन पर बात कराई।
इसी बीच जब रुपये गायब होने और जांच पर रुपये उसके खाते में जानकारी हुई तो उसे फोन किया गया। इस पर वह गलती मानते हुए यह कहता रहा कि गोविंद राजू से रुपये वापस करा देगा। मगर सिंगापुर में ही इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में यहां आने पर जब तमिलनाडु जाकर उससे रुपये मांगे गए तो वहां उसने अपने कुछ साथियों की मदद से मारपीट कर भगा दिया। बाद में वे तमिलनाडु में पुलिस के पास गए। मगर वहां से मदद नहीं मिली। इस पर शनिवार को वह एसएसपी मुनिराज जी से मिले। साथ में कानूनी मदद मांगी। इधर, इस मामले में पीड़ित से बातचीत का प्रयास किया गया। मगर काफी प्रयास के बाद भी उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।
दूसरा मुकदमा दर्ज होने पर आ सकती है दिक्कत
इस मामले को एसएसपी ने गंभीरता से समझने के बाद कानूनी पहलू पर यही बताया कि जब एक प्रकरण में एक मुकदमा सिंगापुर में दर्ज है तो दूसरा मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। इस पर विधिक राय लेकर ही कोई कार्रवाई आगे की जा सकती है। वहीं दूसरा पहलू यह भी है कि यह बड़ी रकम की ठगी का मामला है। इसलिए इसमें ईडी जांच की मदद से या फिर भारत स्थित सिंगापुर उच्चायोग की मदद से कोई कार्रवाई कराई जा सकती है।
-शहर के बन्नादेवी इलाके के वैभव गुप्ता के पिता उमेश गुप्ता ने यह शिकायत दी है। मसला बेहद गंभीर है। इसमें विधिक राय लेने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। सिंगापुर उच्चायोग या ईडी स्तर से जांच के बाद ही कार्रवाई तय हो सकती है। अभी मसले पर राय लेने के बाद ही कार्रवाई तय की जाएगी।
- मुनिराज जी, एसएसपी