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अलीगढ़ : रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर राष्ट्रीयता की दिख रही झलक
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लड्डू गोपाल तैयार करते कारीगर। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
बाजार में रक्षाबंधन के बाद स्वतंत्रता दिवस एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का रंग छाने लगा है। दुकानों में लड्डू गोपाल के छोटे-छोटे चमकीले वस्त्रों, बांसुरी और सज्जा का सामान सज गया है। बाजार में स्वतंत्रता दिवस एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां चल रही हैं, वहीं लोग भी खरीदारी के लिए निकल रहे हैं।
घर के छोटे मंदिरों को सजाने के लिए फूलों की रेडिमेड लड़ियों की मांग बढ़ी है। बाजार में पीतल के लड्डू गोपाल 100 से 800 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। भगवान के वस्त्र 30 से लेकर 500 रुपये तक में मिल रहे हैं। साज सज्जा का सामान बांसुरी, मोर मुकुट, कंगन 20 रुपये से 150 रुपये के बीच हैं।
रंग-बिरंगे झूले कर रहे आकर्षित
भगवान को झूला झुलाने के लिए रंग-बिरंगे झूले भी महिलाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं। चांदी व सोने के कलर वाले आकर्षक झूले 250 से लेकर 500 रुपये तक उपलब्ध हैं। भगवान की मूर्ति के साइज के अनुसार आसन 50 से 200 रुपये तक मिल रहे हैं।
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लड्डू गोपाल की सेवा का महत्व
इस बार 19 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार है। कई लोग अपने घर पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की भी पूजा करते हैं। जन्माष्टमी के दिन कई लोग पंचगव्य से भगवान का विशेष अभिषेक करते हैं। भगवान कृष्ण ने धरती को पापियों से मुक्त करने के लिए भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि रोहिणी नक्षत्र में देवकी और वासुदेव के पुत्ररूप में अवतार लिया था।
भगवान की पोशाक, शृंगार के सामान की बिक्री
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले ही बाजार रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के साथ ही नंद गोपाल के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार और झूला शहर के रेलवे रोड, महावीर गंज, बड़ा बाजार, रामघाट रोड आदि पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं की खूब बिक्री हो रही है। जन्माष्टमी के मौके पर कन्हैया के श्रृंगार का सामान भी लोग खरीद रहे हैं।
बॉक्स
नेताओं को नहीं मिल रहे झंडे, बाजार में बढ़े रेट
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम में हर कोई आजादी की 75वीं वर्षगांठ के महोत्सव के रंग में रंगा है। जिसकी वजह से बाजार में तिरंगे की मांग दस गुना बढ़ गई है। जिसका असर यह है कि मांग बढ़ने के साथ दाम भी बढ़ गए हैं। बाजार में कागज का तिरंगा फुटकर में पांच रुपये का मिलता है, लेकिन इन दिनों दस रुपये में भी नहीं मिल रहा है। वहीं, 20 रुपये में मिलने वाला कपड़े का छोटा झंडा 30 से 40 रुपये में मिल रहा है। तिरंगा झंडे की अधिक मांग पर इस बार महंगाई की मार है, जिससे तिरंगा झंडा भी नहीं बच पाया है। इसके चलते दाम 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए है। तिरंगा झंडा और दूसरे फैंसी सामग्रियों का व्यवसाय करने वालों के अनुसार रॉ- मटेरियल के महंगे होने के कारण सभी के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। छोटा झंडा जो 18-20 रुपये में मिलता था, वो 24 से 26 रुपये में मिल रहा है। जन प्रतिनिधियों का कहना है कि नेताओं को तलाशने पर भी तिरंगा झंडे नहीं मिल पा रहे हैं।
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घर के छोटे मंदिरों को सजाने के लिए फूलों की रेडिमेड लड़ियों की मांग बढ़ी है। बाजार में पीतल के लड्डू गोपाल 100 से 800 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। भगवान के वस्त्र 30 से लेकर 500 रुपये तक में मिल रहे हैं। साज सज्जा का सामान बांसुरी, मोर मुकुट, कंगन 20 रुपये से 150 रुपये के बीच हैं।
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रंग-बिरंगे झूले कर रहे आकर्षित
भगवान को झूला झुलाने के लिए रंग-बिरंगे झूले भी महिलाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं। चांदी व सोने के कलर वाले आकर्षक झूले 250 से लेकर 500 रुपये तक उपलब्ध हैं। भगवान की मूर्ति के साइज के अनुसार आसन 50 से 200 रुपये तक मिल रहे हैं।
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लड्डू गोपाल की सेवा का महत्व
इस बार 19 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार है। कई लोग अपने घर पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की भी पूजा करते हैं। जन्माष्टमी के दिन कई लोग पंचगव्य से भगवान का विशेष अभिषेक करते हैं। भगवान कृष्ण ने धरती को पापियों से मुक्त करने के लिए भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि रोहिणी नक्षत्र में देवकी और वासुदेव के पुत्ररूप में अवतार लिया था।
भगवान की पोशाक, शृंगार के सामान की बिक्री
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले ही बाजार रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के साथ ही नंद गोपाल के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार और झूला शहर के रेलवे रोड, महावीर गंज, बड़ा बाजार, रामघाट रोड आदि पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं की खूब बिक्री हो रही है। जन्माष्टमी के मौके पर कन्हैया के श्रृंगार का सामान भी लोग खरीद रहे हैं।
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नेताओं को नहीं मिल रहे झंडे, बाजार में बढ़े रेट
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम में हर कोई आजादी की 75वीं वर्षगांठ के महोत्सव के रंग में रंगा है। जिसकी वजह से बाजार में तिरंगे की मांग दस गुना बढ़ गई है। जिसका असर यह है कि मांग बढ़ने के साथ दाम भी बढ़ गए हैं। बाजार में कागज का तिरंगा फुटकर में पांच रुपये का मिलता है, लेकिन इन दिनों दस रुपये में भी नहीं मिल रहा है। वहीं, 20 रुपये में मिलने वाला कपड़े का छोटा झंडा 30 से 40 रुपये में मिल रहा है। तिरंगा झंडे की अधिक मांग पर इस बार महंगाई की मार है, जिससे तिरंगा झंडा भी नहीं बच पाया है। इसके चलते दाम 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए है। तिरंगा झंडा और दूसरे फैंसी सामग्रियों का व्यवसाय करने वालों के अनुसार रॉ- मटेरियल के महंगे होने के कारण सभी के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। छोटा झंडा जो 18-20 रुपये में मिलता था, वो 24 से 26 रुपये में मिल रहा है। जन प्रतिनिधियों का कहना है कि नेताओं को तलाशने पर भी तिरंगा झंडे नहीं मिल पा रहे हैं।