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अलीगढ़ : 156 लोगों की जांच में 43 डेंगू पॉजिटिव
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जिले में डेंगू तेज रफ्तार से फैल रहा है। 156 टेस्ट में 43 लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले में अब तक डेंगू की चपेट में आए लोगों की संख्या 946 तक पहुंच गई है। पंडित दीनदयाल अस्पताल, मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं विभिन्न गांवों में लगाए गए कैंप में करीब 450 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं।
मलखान सिंह जिला अस्पताल के लैब में 156 की जांच में 43 लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। डेंगू की चपेट में आए 43 लोगों में 23 मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं 20 पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में उपचार कराने आए थे।
वहीं पर उनका नमूना डेंगू जांच के लिए लिया गया था। बुधवार को दीनदयाल अस्पताल के ओपीडी में 1046 लोग पहुंचे, जिसमें 131 बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंचे 1650 लोगों में से 150 से अधिक बुखार के मरीज थे। विभिन्न गांवों में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में बुखार के 183 मरीज मिले।
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जिलाधिकारी स्वयं रख रहीं नजर
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे स्वयं नजर रख रही हैं। उनके निर्देश पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में बरौली, जवां, वानिया, सारौल टप्पल, दतावली व नगरीय क्षेत्र न्यू राजेंद्र नगर, जवाहरनगर, इंद्रानगर, क्वार्सी में शिविर लगाकर 283 मरीजों को दवा दी गई। 141 मलेरिया के टेस्ट व 180 घरों का सर्वे किया गया। डीएमओ ने बताया कि जनपद में डेंगू से किसी भी प्रकार की मृत्यु की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
घर-घर जाकर कूलर व पानी के पात्रों को देख रहे कर्मचारी
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सोर्स रिडक्शन कार्रवाई चल रही है। भुजपुरा, कुंवरनगर, न्यू अशोक नगर, गांधीपार्क, उस्मानपाड़ा आदि में अभियान चलाया गया। 2285 घरों का भ्रमण किया गया। 1012 कूलर, 2081 फ्रिज, 4454 गमले एवं 4017 अन्य पात्रों को चेक किया गया, जिसमें 28 पात्र धनात्मक पाए गए।
बुखार के 88 रोगियों की रक्त पट्टिका बनाई गई। मलेरिया विभाग की टीम द्वारा लोगों को मलेरिया एवं डेंगू से बचाव के लिए प्रेरित किया जा रहा है। टीम में डॉ. तेजवीर, डॉ. अतिया, मोनू, उमा रानी, भानुप्रताप, मदन, गोविंद, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद थे।
मच्छरों पर करें वार : डॉ. गोयल
स्वास्थ्य विभाग के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रोहित गोयल ने कहा कि डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाना है। मच्छर कूलर के पानी, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, फ्रिजर के नीचे वाली ट्रे, छत पर पड़े पुराने टायर, गमले आदि में पनपते हैं।
इसके साथ ही आसपास के जलभराव एवं झाड़ियों, नालियों आदि में पनपते हैं। रोकथाम के लिए घर में और आसपास पानी एकत्र न होने दें। नालियों को साफ कराएं, कूलर, फूलदानों के पानी खाली कर सुखाएं और फिर भरें। खाली व टूटे टायरों, डिब्बों तथा बोतल आदि को हटा दें।
पानी की टंकी एवं बर्तन को सही तरीके से ढक कर रखें। उन्होंने कहा कि फ्रिज की नियमित सफाई करें एवं ट्रे को खाली कर साफ करें। मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स व कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। मच्छरदानी लगाकर सोएं। गूगल के धुएं से मच्छर भगाना एक अच्छा देशी उपाय है।
बुखार आने पर क्या करें...
- कोई भी दर्द निवारक दवाई न लें। इससे प्लेटलेट्स कम हो सकती है।
- बुखार आने पर पैरासीटामॉल की गोली ले सकते हैं।
- डॉक्टर की सलाह से ही कोइ दवाई लें, अपने आप कोई दवाई न लें।
- बुखार आने पर अपने नजदीकी चिकित्सा केन्द्र पर डॉक्टर से परामर्श लें।
- किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से दवाई न लें।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल के लैब में 156 की जांच में 43 लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। डेंगू की चपेट में आए 43 लोगों में 23 मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं 20 पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में उपचार कराने आए थे।
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वहीं पर उनका नमूना डेंगू जांच के लिए लिया गया था। बुधवार को दीनदयाल अस्पताल के ओपीडी में 1046 लोग पहुंचे, जिसमें 131 बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंचे 1650 लोगों में से 150 से अधिक बुखार के मरीज थे। विभिन्न गांवों में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में बुखार के 183 मरीज मिले।
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जिलाधिकारी स्वयं रख रहीं नजर
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे स्वयं नजर रख रही हैं। उनके निर्देश पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में बरौली, जवां, वानिया, सारौल टप्पल, दतावली व नगरीय क्षेत्र न्यू राजेंद्र नगर, जवाहरनगर, इंद्रानगर, क्वार्सी में शिविर लगाकर 283 मरीजों को दवा दी गई। 141 मलेरिया के टेस्ट व 180 घरों का सर्वे किया गया। डीएमओ ने बताया कि जनपद में डेंगू से किसी भी प्रकार की मृत्यु की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
घर-घर जाकर कूलर व पानी के पात्रों को देख रहे कर्मचारी
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सोर्स रिडक्शन कार्रवाई चल रही है। भुजपुरा, कुंवरनगर, न्यू अशोक नगर, गांधीपार्क, उस्मानपाड़ा आदि में अभियान चलाया गया। 2285 घरों का भ्रमण किया गया। 1012 कूलर, 2081 फ्रिज, 4454 गमले एवं 4017 अन्य पात्रों को चेक किया गया, जिसमें 28 पात्र धनात्मक पाए गए।
बुखार के 88 रोगियों की रक्त पट्टिका बनाई गई। मलेरिया विभाग की टीम द्वारा लोगों को मलेरिया एवं डेंगू से बचाव के लिए प्रेरित किया जा रहा है। टीम में डॉ. तेजवीर, डॉ. अतिया, मोनू, उमा रानी, भानुप्रताप, मदन, गोविंद, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद थे।
मच्छरों पर करें वार : डॉ. गोयल
स्वास्थ्य विभाग के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रोहित गोयल ने कहा कि डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाना है। मच्छर कूलर के पानी, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, फ्रिजर के नीचे वाली ट्रे, छत पर पड़े पुराने टायर, गमले आदि में पनपते हैं।
इसके साथ ही आसपास के जलभराव एवं झाड़ियों, नालियों आदि में पनपते हैं। रोकथाम के लिए घर में और आसपास पानी एकत्र न होने दें। नालियों को साफ कराएं, कूलर, फूलदानों के पानी खाली कर सुखाएं और फिर भरें। खाली व टूटे टायरों, डिब्बों तथा बोतल आदि को हटा दें।
पानी की टंकी एवं बर्तन को सही तरीके से ढक कर रखें। उन्होंने कहा कि फ्रिज की नियमित सफाई करें एवं ट्रे को खाली कर साफ करें। मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स व कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। मच्छरदानी लगाकर सोएं। गूगल के धुएं से मच्छर भगाना एक अच्छा देशी उपाय है।
बुखार आने पर क्या करें...
- कोई भी दर्द निवारक दवाई न लें। इससे प्लेटलेट्स कम हो सकती है।
- बुखार आने पर पैरासीटामॉल की गोली ले सकते हैं।
- डॉक्टर की सलाह से ही कोइ दवाई लें, अपने आप कोई दवाई न लें।
- बुखार आने पर अपने नजदीकी चिकित्सा केन्द्र पर डॉक्टर से परामर्श लें।
- किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से दवाई न लें।