UP: विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी के बाद अलीगढ़ में खेत में उतारा; प्रशिक्षक-ट्रेनी पायलट सुरक्षित
अलीगढ़ में तकनीकी खराबी के कारण विमान की खेत में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। जहाज के पहिए खेत की मिट्टी में धंस गए और वह वहीं रुक गया। जहाज में सवार पायलट और प्रशिक्षु छात्र दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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अलीगढ़ एयरपोर्ट से संचालित पायनियर फ्लाइंग एकेडमी का एक प्रशिक्षु एयरक्राफ्ट 24 मई सुबह हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर प्रशिक्षक और ट्रेनी पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए गांव चंगेरी के पास एक खाली खेत में एयरक्राफ्ट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। प्रारंभिक जांच में इंजन फेल होने या अन्य तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम जांच के बाद वास्तविक कारण स्पष्ट करेगी।
धनीपुर स्थित अलीगढ़ एयरपोर्ट से संचालित पायनियर फ्लाइंग एकेडमी का प्रशिक्षु एयरक्राफ्ट वीटी-पीएफबी डायमंड डीए-40 डायमंड स्टार रविवार सुबह करीब पौने नौ बजे उड़ान पर रवाना हुआ था। एयरक्राफ्ट के उड़ान भरने का निर्धारित समय सुबह 8 बजकर 38 मिनट था। एयरक्राफ्ट को जालंधर निवासी प्रशिक्षक कैप्टन असद उड़ा रहे थे। उनके साथ ग्रेटर नोएडा निवासी ट्रेनी पायलट कुणाल कसाना मौजूद थे। करीब 20 से 25 मिनट की उड़ान के बाद कॉकपिट में अचानक खतरे का अलार्म बजने लगा। इसके बाद दोनों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को सूचना दी।
एयरपोर्ट निदेशक सत्यव्रत सारस्वत के अनुसार, कम ऊंचाई पर उड़ान होने के कारण एयरक्राफ्ट को वापस एयरपोर्ट तक लाना जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे में प्रशिक्षक ने आबादी से दूर गांव चंगेरी के पास हेमेंद्र सिंह के खाली खेत में एयरक्राफ्ट उतारने का फैसला किया। खेत में उतरते ही एयरक्राफ्ट के पहिये जमीन में धंस गए, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही अलीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और हरदुआगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रशिक्षक और ट्रेनी पायलट को प्राथमिक जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।
इमरजेंसी लैंडिंग में देर होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
एयरपोर्ट निदेशक सत्यव्रत सारस्वत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में इंजन फेल होने अथवा किसी तकनीकी खराबी की संभावना लग रही है। फिलहाल एयरक्राफ्ट मौके पर ही खड़ा है। डीजीसीए की टीम जांच के बाद ही उसे एयरपोर्ट लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर इमरजेंसी लैंडिंग में देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता ने बताया कि एयरक्राफ्ट को सुरक्षित उतार लिया गया और उसमें किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। डीजीसीए की जांच के बाद ही तकनीकी खराबी का वास्तविक कारण सामने आएगा।
अलीगढ़ एयरपोर्ट पर पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
अलीगढ़ एयरपोर्ट पर इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2011-12 में एक प्रशिक्षु एयरक्राफ्ट पनैठी के पास खेत में गिर गया था, जिसमें ट्रेनी पायलट घायल हुआ था। वर्ष 2019 में मरम्मत के बाद लौट रहा एक एयरक्राफ्ट उतरते समय बिजली के तारों में उलझकर आग की चपेट में आ गया था। वर्ष 2021 में भी लैंडिंग के दौरान एक एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वहीं मई 2025 में सोलो लैंडिंग के दौरान एक एयरक्राफ्ट एयरपोर्ट की दीवार से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया था।
एडीएम सिटी अतुल गुप्ता ने बताया कि पायलट और प्रशिक्षु छात्र सुरक्षित हैं। उन्होंने सुबह आठ बजकर पच्चीस मिनट पर उड़ान भरी थी। करीब एक घंटे की उड़ान के बाद तकनीकी खराबी आई। पायलट ने सूझबूझ से जहाज को खेत में उतारा। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।