Aligarh: इलाज के दौरान पत्नी की मौत, बाहर पति को बस ने कुचला, नर्सिंग होम किया सील
आधी रात को दो बजे के करीब पत्नी की मृत्यु हो गई। इस पर परिजन हंगामा कर रहे थे। परेशान पति इधर-उधर भटक रहा था। इसी बीच चार बजे के करीब सड़क पार करते समय तेज गति से आती रोडवेज बस पति को टक्कर मारते हुए चली गई।
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अलीगढ़ में क्वार्सी इलाके के एक नर्सिंग होम में पत्नी की मौत के कुछ देर बाद बाहर सड़क पर पति की बस की चपेट में आकर मौत हो गई। 22 फरवरी तड़के अनूपशहर बाईपास पर हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार ने महिला के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर परिवार को शांत किया।
अतरौली के गांव सिमथली निवासी अर्जुन सिंह उर्फ दीपू (30) मजदूरी करते थे। उनकी पत्नी रेखा को बच्चेदानी में समस्या थी। 16 फरवरी को अनूपशहर बाईपास के केआई अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने यहां रेखा की बच्चेदानी का ऑपरेशन किया। तब से वह यहीं भर्ती थीं। आपरेशन के बाद उसे आईसीयू में रखा गया। आरोप है कि 21 फरवरी रात को महिला की हालत बिगड़ गई। लेकिन, अस्पताल ने उन्हें न तो रेफर किया न किसी अन्य चिकित्सक को बुलाकर दिखाया। उल्टा रुपयों की मांग करते रहे।
आधी रात को दो बजे के करीब महिला की मृत्यु हो गई। इस पर परिजन हंगामा कर रहे थे। परेशान पति इधर-उधर भटक रहा था। इसी बीच चार बजे के करीब सड़क पार करते समय तेज गति से आती रोडवेज बस अर्जुन को टक्कर मारते हुए चली गई। लोगों ने बताया कि उसके ऊपर से पहिया निकल गया। वही मृत्यु हो गई। इस पर परिजन और भड़क गए और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर इन्हें शांत किया।
पत्नी की मौत के बाद युवक परेशान हालत में इधर-उधर घूम रहा था। तभी बस की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। परिजनों को पोस्टमार्टम के बाद शव दे दिए गए। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - अभय पांडेय, सीओ तृतीय
बिना पंजीकरण चल रहा था नर्सिंग होम, किया सील
जिस नर्सिंग होम में महिला की मौत हुई उसका पंजीकरण नहीं था। सुबह जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री की अगुवाई में पहुंची। टीम ने जांच में पाया कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण आईसीयू सहित चल रहा था। उसे सील कर दिया गया है। डॉ. खत्री के अनुसार पूर्व में भी इस नर्सिंग होम को पंजीकरण कराने के लिए नोटिस दिया गया था।
युवक के आत्महत्या करने की होती रही चर्चा
अर्जुन की मौत के बाद इस बात की चर्चा हुई कि पत्नी की मृत्यु के बाद दुखी होकर उन्होंने बस के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। वह चिकित्सक द्वारा रुपये मांगने से भी आहत थे। एसएचओ क्वार्सी शिशुपाल शर्मा ने बताया कि इस तरह का शोर मचा था। बाद में परिजनों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सड़क पार करते समय वह बस की चपेट में आ गए। चालक बस लेकर फरार हो गया।
पिता की हो चुकी है मौत, दो बच्चे अब दादी के सहारे
दंपती की मौत के बाद दोनों शवों का गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। अर्जुन सिंह अपने पिता का इकलौता बेटा था। पिता जसवीर सिंह की तीन साल पहले मृत्यु हो चुकी है। अर्जुन और रेखा के छह वर्षीय बेटी सानवी और ढाई वर्ष का बेटा रिसू हैं। जो दादी विजयकांता देवी के पास बिलखते रहे थे। अर्जुन की दो बहनें कविता और शिखा हैं जिनकी शादी हो चुकी है। इस तरह अब बच्चे दादी के सहारे रह गए। जिन्हें परिजन संभाल नहीं पा रहे थे।