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पारा 40 के पार, पानी को हाहाकार, बच्चे पड़ रहे बीमार
Sat, 27 Apr 2019 02:19 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 27 Apr 2019 02:19 AM IST
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नई बस्ती में पानी की समस्या को लेकर हंगामा करते लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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अप्रैल में ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस हालत में शहर में कुछ इलाकों में जहां पेयजल संकट हो गया है तो गंदे पानी के इस्तेमाल के चलते बच्चे भी बीमार होने लगे हैं।
आने वाले दिनों में बिजली की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए बिजली विभाग भी अपनी ओर से पहले से ही बढ़ी हुई मांग के अनुरूप तैयारी करने में लगा है। साथ ही खराबी होने की स्थिति में उपभोक्ता तक सही सूचना पहुंचने की भी तैयारी की गई है।
कासिमपुर की यूनिट सात में बिजली उत्पादन बंद
हरदुआगंज तापीय परियोजना कासिमपुर पावर हाउस की यूनिट नंबर सात में बिजली का उत्पादन इन दिनों बंद है। इसकी क्षमता 105 मेगावाट की है। जबकि दो अन्य इकाईयों में उत्पादन पूरी क्षमता से हो रहा है। इनकी क्षमता 250 और 250 मेगावाट, यानि कुल 500 मेगावाट की क्षमता है। परियोजना के महाप्रबंधक आरके वाही कहते हैं कि यूनिट नंबर सात में उत्पादन बंद किया गया क्योंकि मांग में कमी आई। जैसे ही डिमांड आएगी तो इसका उत्पादन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
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प्रीपेड मीटर के लिए उदासीनता
अधीक्षण अभियंता शहर बीएस पाल कहते हैं कि वह लोग जो अधिकांश शहर से बाहर रहते हैं। या कुछ महीने शहर में और कुछ महीने दूसरे शहर में रहते हैं। उनके लिए प्रीपेड मीटर अच्छा विकल्प है। गर्मी में कुछ अस्थायी आवेदन भी आते हैं। शहर में इस वक्त करीब ढाई हजार प्रीपेड उपभोक्ता हैं। बीच में रिचार्ज में दिक्कत आई थी लेकिन अभी स्थिति बहुत ठीक है। आने वाले समय में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल रिचार्ज में कोई परेशानी नहीं है। नए कनेक्शनों के मामलों में जरूरत एक्टीवेट होने में कुछ समय लग सकता है।
गर्मी के तेवर देखे तो परख रहे हैं तार की मजबूती
भीषण गर्मी में बिजली की बढ़ी हुई मांग को देखते हुए बिजली विभाग शहरी इलाके के सभी 33-11 की लाइनों को फिट करने में जुट गया है। इन लाइनों के जंफर, पेड़ की टहनियों के क्लीयरेंस आदि को परखा जा रहा है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता शहर बीएस पाल ने बताया कि 132 केवी से 33-11 की लाइनें निकलती हैं। इन्हीं तारों की फिटनेस गर्मी में सबसे ज्यादा जरूरी होती है। इनके इंश्यूलेटर, जंफर, ज्वाइंट को बारीकी से देखा जा रहा है। इसके लिए अधीनस्थों सहित सारा स्टाफ लगा दिया है।
आधा घंटे से ज्यादा कटौती तो पहुंचे एसएमएस
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता शहर बीएस पाल कहते हैं कि गर्मी में बिजली कटौती होना सामान्य सी बात है। रोस्टर या फाल्ट होने पर भी आपूर्ति बाधित होती है। गर्मी के समय में परेशान हो रहे उपभोक्ता को अगर बिजली आपूर्ति के संबंध में सही सूचना मिल जाए तो लोगों का संयम बना रहता है। आधा घंटे से ज्यादा की कटौती होने पर सभी उपभोक्ताओं के फोन पर स्वयं ही एसएमएस पहुंच जाएगा, कि क्या फाल्ट है और कितनी देर में सही हो जाएगा।
इसके लिए विभाग ने बिल जमा करने आने वाले उपभोक्ताओं से मोबाइल नंबर जुटाए। शहर में करीब 2.50 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 50 फीसदी के नंबर हमारे पास हैं। पहले आपूर्ति बाधित होने पर सभी लोग कुछ निर्धारित नंबरों पर फोन करते थे और सिस्टम हैंग जाता था। अब आधे घंटे से ज्यादा कटौती होने पर साफ्टवेयर के माध्यम से 1.25 लाख उपभोक्ताओं पर सूचना पहुंच जाएगी।
सराय रहमान में जुमे के दिन पानी का टैंकर नहीं भेजा
जुमे के दिन भी सराय रहमान की खिल्लू वाली गली में पानी नहीं आया। यहां पर हबीबाबाद नंबर पांच स्कूल इलाके में पानी नहीं है। जुमे को देखते हुए लोगों ने टैंकर की मांग की लेकिन टैंकर भी नहीं भेजा गया। इससे लोगों में रोष है।
दूसरी ओर शहर के आवास विकास कालोनी के रहने वाले पीके सिंह कहते हैं कि जैसे ही गर्मी की दस्तक हुई है वैसे ही सुबह शाम पानी की आपूर्ति बहुत ही कम हो गई है। इसके अलावा नई बस्ती में पिछले कई दिनों से नलकूप खराब पड़ा हुआ है। यहां पर कुछ ही हैंडपंप हैं, जो बहुत बड़ी आबादी के लिए अपर्याप्त हैं। सबसे ज्यादा निराशाजनक स्थिति रसलगंज धोबी वाली गली में है। यहां पर नगर निगम की पाइप लाइन से पानी आपूर्ति हो नहीं रहा है।
जो हैंडपंप हैं उनमें से गंदा और पीला पानी आ रहा है। घटना के संबंध में जब अमर उजाला में समाचार प्रकाशित हुए तो नगर निगम के जल कल विभाग की टीम मौके पर तो पहुंच गई लेकिन समस्या का ठोस समाधान नहीं निकला है। अब यहां पर हालत यह हो गई है कि पानी से बच्चों के पेट में दर्द और डायरिया जैसी समस्याएं होने लगी हैं। यहां के रहने वाले बच्चे अशफिया, रेयान और जियान बीमार हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिन पहले अवगत भी कराया था कि शहर के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति हो रहे या उपलब्ध दूषित पानी से डायरिया के मामले आ रहे हैं। लेकिन उस समय नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार ने कहा था कि इस संबंध में जलकल विभाग को निर्देशित कर दिया गया है। इसके अलावा सुरेंद्र नगर, पला साहिबाबाद, जयगंज के कुछ इलाके, अशोक नगर, ऊपर कोट, रसलगंज, एडीए शाहजमाल अदि में भी पानी की किल्लत बनी हुई है।
‘मछली वाली गली, धोबी वाली गली सहित कई इलाकों में पानी का गहरा संकट है। सराय रहमान में जुमे के दिन टैंकर मांगा था लेकिन नहीं भेजा। नई बस्ती में पांच दिन से पानी नहीं है। वहां टैंकर भेज दिया था। लगातार नगर निगम और अधिकारियों से कहा जा रहा है। टीम भी यहां आई थी लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ’ - माशा अल्लाह, स्थानीय पार्षद
‘पिछले कुछ दिनों में तापमान तेजी से बढ़ा है। बढ़ी हुई मांग के लिए कार्य योजना तैयार है। जल्द ही इसका असर भी दिखने लगेगा। जिन इलाकों में नलकूप सही नहीं हो रहे हैं तब तक टैंकर से आपूर्ति की जाएगी। नलकूपों पर जेनरेटर भी रखे जा रहे हैं’ - सत्य प्रकाश पटेल, नगर आयुक्त
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आने वाले दिनों में बिजली की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए बिजली विभाग भी अपनी ओर से पहले से ही बढ़ी हुई मांग के अनुरूप तैयारी करने में लगा है। साथ ही खराबी होने की स्थिति में उपभोक्ता तक सही सूचना पहुंचने की भी तैयारी की गई है।
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कासिमपुर की यूनिट सात में बिजली उत्पादन बंद
हरदुआगंज तापीय परियोजना कासिमपुर पावर हाउस की यूनिट नंबर सात में बिजली का उत्पादन इन दिनों बंद है। इसकी क्षमता 105 मेगावाट की है। जबकि दो अन्य इकाईयों में उत्पादन पूरी क्षमता से हो रहा है। इनकी क्षमता 250 और 250 मेगावाट, यानि कुल 500 मेगावाट की क्षमता है। परियोजना के महाप्रबंधक आरके वाही कहते हैं कि यूनिट नंबर सात में उत्पादन बंद किया गया क्योंकि मांग में कमी आई। जैसे ही डिमांड आएगी तो इसका उत्पादन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
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प्रीपेड मीटर के लिए उदासीनता
अधीक्षण अभियंता शहर बीएस पाल कहते हैं कि वह लोग जो अधिकांश शहर से बाहर रहते हैं। या कुछ महीने शहर में और कुछ महीने दूसरे शहर में रहते हैं। उनके लिए प्रीपेड मीटर अच्छा विकल्प है। गर्मी में कुछ अस्थायी आवेदन भी आते हैं। शहर में इस वक्त करीब ढाई हजार प्रीपेड उपभोक्ता हैं। बीच में रिचार्ज में दिक्कत आई थी लेकिन अभी स्थिति बहुत ठीक है। आने वाले समय में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल रिचार्ज में कोई परेशानी नहीं है। नए कनेक्शनों के मामलों में जरूरत एक्टीवेट होने में कुछ समय लग सकता है।
गर्मी के तेवर देखे तो परख रहे हैं तार की मजबूती
भीषण गर्मी में बिजली की बढ़ी हुई मांग को देखते हुए बिजली विभाग शहरी इलाके के सभी 33-11 की लाइनों को फिट करने में जुट गया है। इन लाइनों के जंफर, पेड़ की टहनियों के क्लीयरेंस आदि को परखा जा रहा है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता शहर बीएस पाल ने बताया कि 132 केवी से 33-11 की लाइनें निकलती हैं। इन्हीं तारों की फिटनेस गर्मी में सबसे ज्यादा जरूरी होती है। इनके इंश्यूलेटर, जंफर, ज्वाइंट को बारीकी से देखा जा रहा है। इसके लिए अधीनस्थों सहित सारा स्टाफ लगा दिया है।
आधा घंटे से ज्यादा कटौती तो पहुंचे एसएमएस
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता शहर बीएस पाल कहते हैं कि गर्मी में बिजली कटौती होना सामान्य सी बात है। रोस्टर या फाल्ट होने पर भी आपूर्ति बाधित होती है। गर्मी के समय में परेशान हो रहे उपभोक्ता को अगर बिजली आपूर्ति के संबंध में सही सूचना मिल जाए तो लोगों का संयम बना रहता है। आधा घंटे से ज्यादा की कटौती होने पर सभी उपभोक्ताओं के फोन पर स्वयं ही एसएमएस पहुंच जाएगा, कि क्या फाल्ट है और कितनी देर में सही हो जाएगा।
इसके लिए विभाग ने बिल जमा करने आने वाले उपभोक्ताओं से मोबाइल नंबर जुटाए। शहर में करीब 2.50 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 50 फीसदी के नंबर हमारे पास हैं। पहले आपूर्ति बाधित होने पर सभी लोग कुछ निर्धारित नंबरों पर फोन करते थे और सिस्टम हैंग जाता था। अब आधे घंटे से ज्यादा कटौती होने पर साफ्टवेयर के माध्यम से 1.25 लाख उपभोक्ताओं पर सूचना पहुंच जाएगी।
सराय रहमान में जुमे के दिन पानी का टैंकर नहीं भेजा
जुमे के दिन भी सराय रहमान की खिल्लू वाली गली में पानी नहीं आया। यहां पर हबीबाबाद नंबर पांच स्कूल इलाके में पानी नहीं है। जुमे को देखते हुए लोगों ने टैंकर की मांग की लेकिन टैंकर भी नहीं भेजा गया। इससे लोगों में रोष है।
दूसरी ओर शहर के आवास विकास कालोनी के रहने वाले पीके सिंह कहते हैं कि जैसे ही गर्मी की दस्तक हुई है वैसे ही सुबह शाम पानी की आपूर्ति बहुत ही कम हो गई है। इसके अलावा नई बस्ती में पिछले कई दिनों से नलकूप खराब पड़ा हुआ है। यहां पर कुछ ही हैंडपंप हैं, जो बहुत बड़ी आबादी के लिए अपर्याप्त हैं। सबसे ज्यादा निराशाजनक स्थिति रसलगंज धोबी वाली गली में है। यहां पर नगर निगम की पाइप लाइन से पानी आपूर्ति हो नहीं रहा है।
जो हैंडपंप हैं उनमें से गंदा और पीला पानी आ रहा है। घटना के संबंध में जब अमर उजाला में समाचार प्रकाशित हुए तो नगर निगम के जल कल विभाग की टीम मौके पर तो पहुंच गई लेकिन समस्या का ठोस समाधान नहीं निकला है। अब यहां पर हालत यह हो गई है कि पानी से बच्चों के पेट में दर्द और डायरिया जैसी समस्याएं होने लगी हैं। यहां के रहने वाले बच्चे अशफिया, रेयान और जियान बीमार हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिन पहले अवगत भी कराया था कि शहर के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति हो रहे या उपलब्ध दूषित पानी से डायरिया के मामले आ रहे हैं। लेकिन उस समय नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार ने कहा था कि इस संबंध में जलकल विभाग को निर्देशित कर दिया गया है। इसके अलावा सुरेंद्र नगर, पला साहिबाबाद, जयगंज के कुछ इलाके, अशोक नगर, ऊपर कोट, रसलगंज, एडीए शाहजमाल अदि में भी पानी की किल्लत बनी हुई है।
‘मछली वाली गली, धोबी वाली गली सहित कई इलाकों में पानी का गहरा संकट है। सराय रहमान में जुमे के दिन टैंकर मांगा था लेकिन नहीं भेजा। नई बस्ती में पांच दिन से पानी नहीं है। वहां टैंकर भेज दिया था। लगातार नगर निगम और अधिकारियों से कहा जा रहा है। टीम भी यहां आई थी लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ’ - माशा अल्लाह, स्थानीय पार्षद
‘पिछले कुछ दिनों में तापमान तेजी से बढ़ा है। बढ़ी हुई मांग के लिए कार्य योजना तैयार है। जल्द ही इसका असर भी दिखने लगेगा। जिन इलाकों में नलकूप सही नहीं हो रहे हैं तब तक टैंकर से आपूर्ति की जाएगी। नलकूपों पर जेनरेटर भी रखे जा रहे हैं’ - सत्य प्रकाश पटेल, नगर आयुक्त