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सपा नेता के भतीजे की हत्या में मुनीर के तीन शूटरों को उम्रकैद
Tue, 23 Jul 2019 11:26 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 23 Jul 2019 11:26 PM IST
सार
1-हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर ककराला पर रासुका के तहत भी हुई थी कार्रवाई
2-समीर ककराला और अंबर जाफरी पर घोषित हुआ था 15-15 हजार का इनाम भी
3-जमानत के बाद फरार होने पर अंबर के खिलाफ जारी है अदालत से कुर्की नोटिस
4-समीर और अंबर पर अलीगढ़ पुलिस के रिकार्ड में दर्ज हैं कुल 19-19 मुकदमे
5-मुनीर गैंग के सूचीबद्ध गैंग के शूटर के रूप में रिकार्ड में शामिल हैं यह चारों ही
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सपा नेता के भतीजे की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ महानगर के रोशन होटल संचालक व तत्कालीन सपा जिला उपाध्यक्ष सगीर अहमद के भतीजे की हत्या के आरोपी कुख्यात अपराधी मुनीर गैंग के तीन शूटरों को एडीजे-8 नंद प्रताप ओझा के न्यायालय से उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। केला नगर चौराहे पर तीन साल पहले हुए हत्याकांड के बाद उत्तेजित भीड़ ने जमकर बवाल काटा था।
इस दौरान पब्लिक के आक्रोश के चलते बाजारों में भगदड़ तक मच गई थी और पुलिस को भी भीड़ का आक्रोश झेलना पड़ा था। मंगलवार को फैसला सुनाए जाने से पहले अदालत के संदेश पर भारी संख्या में पुलिस बल कोर्ट के बाहर पहुंच गई और आरोपियों को कड़ी अभिरक्षा में दीवानी से जेल ले जाकर दाखिल किया गया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार वाकया 18 अगस्त 2016 की शाम साढ़े पांच बजे का है। अनूपशहर रोड के एक निजी कॉलेज से बीबीए कर रहा सगीर अहमद व कमालपुर के पूर्व प्रधान जहीर अहमद का भतीजा आदिल खान पुत्र जमील अहमद पिता के साथ केला नगर स्थित घर में खाना खा रहा था। तभी आदिल के फोन पर एक कॉल आई और वह उठकर चल दिया।
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इस पर पिता ने पूछा कि कहां जा रहा है तो उसने एहतसाम का नाम लेते हुए कहा कि वह घर के बाहर खड़ा है। उससे मिलने जा रहा है। इसके चार-पांच मिनट बाद ही घर के बाहर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं।
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इस दौरान पब्लिक के आक्रोश के चलते बाजारों में भगदड़ तक मच गई थी और पुलिस को भी भीड़ का आक्रोश झेलना पड़ा था। मंगलवार को फैसला सुनाए जाने से पहले अदालत के संदेश पर भारी संख्या में पुलिस बल कोर्ट के बाहर पहुंच गई और आरोपियों को कड़ी अभिरक्षा में दीवानी से जेल ले जाकर दाखिल किया गया।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार वाकया 18 अगस्त 2016 की शाम साढ़े पांच बजे का है। अनूपशहर रोड के एक निजी कॉलेज से बीबीए कर रहा सगीर अहमद व कमालपुर के पूर्व प्रधान जहीर अहमद का भतीजा आदिल खान पुत्र जमील अहमद पिता के साथ केला नगर स्थित घर में खाना खा रहा था। तभी आदिल के फोन पर एक कॉल आई और वह उठकर चल दिया।
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इस पर पिता ने पूछा कि कहां जा रहा है तो उसने एहतसाम का नाम लेते हुए कहा कि वह घर के बाहर खड़ा है। उससे मिलने जा रहा है। इसके चार-पांच मिनट बाद ही घर के बाहर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं।
इस पर जमील अहमद बाहर दौड़े गए तो उन्होंने देखा कि एहतसाम सहित उसके अन्य साथी आदिल व सगीर के पार्टनर इलियास चौधरी के साले फहीम पर चाकुओं से प्रहार कर जख्मी कर लोगों को धमकाते हुए भाग रहे थे। आनन-फानन घायल आदिल व फहीम को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चाकुओं के गंभीर वार से जख्मी होने के कारण आदिल की मौत हो गई।
इस हत्या का मुकदमा आदिल के पिता की ओर से एहतसाम पुत्र अंसार निवासी जंगलगढ़ी बाईपास देहली गेट, समीर ककराला पुत्र औसाफ खां निवासी ककराला अलापुर बदायूं, ईशान पुत्र बब्बू निवासी ऊपरकोट कोतवाली व एक अन्य अंबर जाफरी को नामजद व उनके अज्ञात साथियों को आरोपी बनाया गया।
मुकदमे में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चार्जशीट दायर कर दी। दौरान-ए-सत्र परीक्षण समीर ककराला को छोड़कर सभी को जमानत मिल गई। इनमें से अंबर जाफरी जमानत पाने के बाद फरार हो गया।
जिसकी पत्रावली अदालत ने अलग कर दी। बाकी तीन जेल में निरुद्ध समीर ककराला, एहतसाम व ईशान के खिलाफ आरोप सिद्ध करते हुए इन्हें उन्हें मंगलवार को उम्रकैद व 80-80 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
इस हत्या का मुकदमा आदिल के पिता की ओर से एहतसाम पुत्र अंसार निवासी जंगलगढ़ी बाईपास देहली गेट, समीर ककराला पुत्र औसाफ खां निवासी ककराला अलापुर बदायूं, ईशान पुत्र बब्बू निवासी ऊपरकोट कोतवाली व एक अन्य अंबर जाफरी को नामजद व उनके अज्ञात साथियों को आरोपी बनाया गया।
मुकदमे में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चार्जशीट दायर कर दी। दौरान-ए-सत्र परीक्षण समीर ककराला को छोड़कर सभी को जमानत मिल गई। इनमें से अंबर जाफरी जमानत पाने के बाद फरार हो गया।
जिसकी पत्रावली अदालत ने अलग कर दी। बाकी तीन जेल में निरुद्ध समीर ककराला, एहतसाम व ईशान के खिलाफ आरोप सिद्ध करते हुए इन्हें उन्हें मंगलवार को उम्रकैद व 80-80 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
एडीजीसी को मिली मुकदमे में पैरवी न करने की धमकी
इस मुकदमे में अदालत में अभियोजन यानि मृतक पक्ष से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह की ओर से अदालत को और एसएसपी को एक लिखित शिकायती पत्र 12 जुलाई को दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उसी दिन दोपहर 2 बजे वह लंच के बाद बरामदे में होकर अदालत की ओर जा रहे थे।
तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके बराबर में आया और उसने आदिल की हत्या से जुड़े मुकदमे का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस मामले में पैरवी न करें। उसने यह भी कहा कि अदालत में जजमेंट से पहले बहस नियत है। आप उससे भी दूर रहें। वरना परिणाम गंभीर होंगे। इस लिखित शिकायत पर अदालत ने एसएसपी को प्रकरण संदर्भित किया है। वहीं एसएसपी ने सीओ एलआईयू से प्रकरण पर जांच रिपोर्ट मांगी है।
तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके बराबर में आया और उसने आदिल की हत्या से जुड़े मुकदमे का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस मामले में पैरवी न करें। उसने यह भी कहा कि अदालत में जजमेंट से पहले बहस नियत है। आप उससे भी दूर रहें। वरना परिणाम गंभीर होंगे। इस लिखित शिकायत पर अदालत ने एसएसपी को प्रकरण संदर्भित किया है। वहीं एसएसपी ने सीओ एलआईयू से प्रकरण पर जांच रिपोर्ट मांगी है।
जेल में बनी थी समीर की हत्या की प्लानिंग
पिछले दिनों आगरा के सर्राफ को अलीगढ़ जेल में निरुद्ध आगरा के ही कुख्यात बिल्लू वर्मा द्वारा फोन पर रंगदारी मांगे जाने की घटना की जांच में यह खुलासा हुआ था कि कुख्यात बिल्लू वर्मा को जेल के अंदर ही समीर की हत्या की सुपारी मिली है। इसी मकसद से जेल के सिपाही ने बिल्लू को मोबाइल मुहैया कराया था और पिस्टल जेल में पहुंचाने की भी सिपाही की प्लानिंग थी। मगर बात पुलिस तक पहुंच गई और मोबाइल बरामद कर लिया गया। बाद में जेल के उस सिपाही को निलंबित कर दिया गया था।
सिविल इंजीनियर समीर ककराला दो चाकू लेकर चलता था साथ
शारदा विश्वविद्यालय से 2013 में सिविल इंजीनियरिंग कर चुका समीर ककराला एएमयू में पढ़ने आया था। यहां आकर वह छात्र गुटों के झगड़ों में फंसकर अपराध की दुनिया में उतर गया और मुनीर गैंग के लिए काम करने लगा। उसने अपने साथ अंबर जाफरी आदि को भी मिला लिया। समीर के विषय में जगजाहिर था कि वह अपने साथ दो चाकू लेकर चलता है। किसी पर भी बड़ी बेरहमी से वार करता है। मुनीर के कई झगड़ों में वह साथ रहा और समीर व अंबर पर यहां 19-19 मुकदमे दर्ज हुए। इसी तरह के झगड़े को रंगबाजी में निपटाने वह आदिल के पास पहुंचा था। वहां बीच बचाव के दौरान ऐसा माहौल बन गया कि आदिल की हत्या हो गई।