Aligarh News: 2000 के नोट बंद होने की चर्चाएं खूब, पर बेचैनी नहीं, 23 मई से लगेंगे नोट बदलने के लिए काउंटर
आम लोगों के पास 2000 के नोट बहुत अधिक संख्या में नहीं मिलेंगे, क्योंकि काफी पहले ही इसका चलन कम हो गया है। उच्च वर्ग से जुड़े लोगों, व्यापारियों एवं कारोबारियों के पास 2000 के नोट हो सकते हैं। चार महीने में उनको बदलने का समय पर्याप्त है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा 2000 के नोट वापस करने के निर्णय को लेकर लोगों में चर्चा तो खूब है, लेकिन इस बार वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी की तरह बेचैनी देखने को नहीं मिली। कुछ बैंकों में बैंक उपभोक्ता पहुंचे तो उन्हें नोट बदलने एवं रुपये जमा करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। 2000 के नोट को चलन से बाहर करने के निर्णय को लेकर शनिवार को अमर उजाला ने शहरवासियों से बातचीत की तो उन्होंने इसको लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त की।
अधिकांश का मानना था कि आम लोगों के पास 2000 के नोट बहुत अधिक संख्या में नहीं मिलेंगे, क्योंकि काफी पहले ही इसका चलन कम हो गया है। उच्च वर्ग से जुड़े लोगों, व्यापारियों एवं कारोबारियों के पास 2000 के नोट हो सकते हैं। चार महीने में उनको बदलने का समय पर्याप्त है। अगर किसी के पास नोट हैं भी तो वो इससे लेन-देन कर सकता है। 23 मई से बैंक में इसके लिए काउंटर भी लगेंगे।
बैंकों में कामकाज सामान्य रहा
2000 के नोट वापस लेने की सरकार की घोषणा चर्चा में है। पिछली बार नोटबंदी के बाद बैंक शाखाओं के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगने के साथ ही मारामारी के हालात थे। इस बार ऐसे हालात बनने के आसार नहीं है। अधिकांश बैंकों में शनिवार को आधे दिन ही काम होने के बावजूद वहां कामकाज सामान्य रहा। कुछ ही ग्राहक 2000 के नोट बैंक खाते में जमा कराने पहुंचे। घंटाघर स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में भी आम दिनों की कामकाज होता नजर आया। सेंटर प्वाइंट पर पंजाब नेशनल बैंक, गांधीपार्क पर आईसीआईसीआई, नौरंगाबाद पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, रामघाट रोड पर एचडीएफसी बैंक शाखा में आम दिनों की तरह ग्राहकों की भीड़ थी। यही हाल शहर के एटीएम का था।
पब्लिक बोली
2000 के नोट बदलने की प्रक्रिया 23 मई से शुरू हो रही है। जिनके पास जीएसटी नंबर है, उन व्यापारियों के लिए नोट बदलने की समय सीमा बढ़ाई जाए। - राकेश खंडेलवाल, दुकानदार, तस्वीर महल
बैंक में 2000 के नोट बदलने चाहिए। इसके लिए अच्छे इंतजाम हो। इस बार पिछली बार की तरह लोगों को परेशान न होना पड़े।- मोनू बंसल, देवी नगला
आरबीआई का कदम सही है। सरकार को अब ऐसे इंतजाम करने होंगे जिससे 2016 की स्थिति न बने। भ्रष्टाचारियों की नकदी जमा करने को कड़े इंतजाम हों। - मनोज अग्रवाल, दुकानदार, सेंटर प्वाइंट
आम आदमी इतना बड़ा नोट नहीं रखता हैै। डिजिटल लेन-देन भी बढ़ा है। जिनके पास नोट हैं, उन्हें दिक्कत नहीं होगी और उन्हें कतार में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। - राजेश कुमार, बारहद्वारी
बैंकों में 2000 के नोट मिलने बंद हो गए थे, इसलिए इसे बंद करने से लोगों को बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है, वापस करने का भी समय पर्याप्त है। - अतुल वार्ष्णेय, मानसरोवर
सरकार ने जब इस नोट का चलन कम किया था, तभी लोगों को अंदाजा हो गया था कि इसे कभी भी वापस लिया जा सकता है। इसलिए लेन-देन हो रहा था। - लवीश अग्रवाल, गांधी नगर
बाजार में ज्यादातर लोग नोट की जगह डिजिटल ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। इसलिए पिछली बार की तरह इस बार नोट बदलने को लेकर अधिक समस्या नहीं है। - उमेश कुमार, नौरंगाबाद
2000 रुपये का नोट पहले ही बाजार में ज्यादा नहीं था, इसलिए इसका ज्यादा असर नहीं होगा। आम आदमी को इससे बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होगी। - राकेश कुमार, रामघाट रोड
जिस तरह से डिजिटलाइजेशन पर जोर था, उससे लोगों को अंदाजा था कि 2000 के नोट को बंद किया जा सकता है। लोग 2000 के नोट निकाल रहे थे। -निखिल निवासी बैंक कॉलोनी
सरकार ने 2000 के नोट वापस करने का कदम उठा कर कालाबाजारी करने वालों को सबक सिखाया है। इससे आमजन को बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होगी। - विवेक गुप्ता निवासी अचल ताल
2000 का नोट जमा करने के लिए 23 मई से नई व्यवस्था लागू की है। सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधकों को मुद्रा प्राप्त करने में पारदर्शिता बरतने एवं उपभोक्ताओं को परेशानी न हो इसका ध्यान रखने को कहा गया है। कैश काउंटर पर भीड़भाड़ से बचने के लिए पर्याप्त स्टाफ की तैनाती रखने को कहा गया है।- सुरेश राम, अग्रणी बैंक प्रबंधक, अलीगढ़