Aligarh: गड्ढे भर गए...पीडब्ल्यूडी अफसरों के इस झूठ ने उजाड़ दिया चमन का घर, गर्भवती पत्नी की मौत
अगस्त की दोपहर को करीब एक बजे मंजूर गढ़ी निवासी चमन अपनी गर्भवती पत्नी रोशनी को लेकर उसके मायके जा रहा था। नगला पटवारी मुहल्ले में पुलिस चौकी के पास सड़क पर बने गड्ढों से बाइक फिसल गई। पीछे बैठी रोशनी गिर गई और उसकी मौत हो गई।
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अलीगढ़ पीडब्ल्यूडी अफसरों ने तो बरौली-अमरौली बाईपास पर बने गड्ढों से भी बड़ा झूठ बोल दिया। आलमपुर सुबकरा निवासी रिहान खां और अन्य ग्रामीणों ने 16 जुलाई को इस मार्ग पर हुए गड्ढों को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। 23 जुलाई को जेई स्तर से रिपोर्ट भेज दी गई कि गड्ढे भर गए हैं। अब 7 अगस्त को इन्हीं गड्ढों में बाइक फिसल जाने से मंजूर गढ़ी निवासी चमन की गर्भवती पत्नी की मौत हो गई। चमन अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर मायके ले जा रहा था। मगर इन गड्ढों ने उसका घर उजाड़ दिया। अगर अफसरों ने झूठी रिपोर्ट न देकर सच में सड़क को गड्ढा मुक्त करा दिया होता तो यह हादसा न होता।
इन दिनों अलीगढ़ में बरौली-अमरौली बाईपास गड्ढों में तब्दील हो चुका है। आए दिन हादसे हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदकर बैठे हैं। 7 अगस्त की दोपहर को करीब एक बजे मंजूर गढ़ी निवासी चमन अपनी गर्भवती पत्नी रोशनी को लेकर उसके मायके जा रहा था। नगला पटवारी मुहल्ले में पुलिस चौकी के पास सड़क पर बने गड्ढों से बाइक फिसल गई। पीछे बैठी रोशनी गिर गई और उसकी मौत हो गई। अगर लोकनिर्माण विभाग के अफसरों ने गडढे भरे जाने पर झूठ न बोलकर सड़क को दुरुस्त करा दिया होता तो चमन का घर न उजड़ता।
जेई की रिपोर्ट अफसरों तक चली गई लेकिन किसी ने हकीकत नहीं जानी
नगला पटवारी क्षेत्र में बरौली-अमरौली बाईपास पर हुए गड्ढों को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। कहा था कि हालात बेहद खराब हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोग घायल हो रहे हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। आईजीआरएस पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद इसे संबंधित विभाग के लिए भेज दिया गया। 23 जुलाई को गड्ढे भरने संबंधी रिपोर्ट भी लगा दी गई। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी दूरभाष पर दे दी। इसके बाद जेई, एक्सईएन व एसई के स्तर से रिपोर्ट डीएम को भी भेजी गई, जिसमें इस बात का भी उल्लेख किया गया कि इस जिला मार्ग के निर्माण के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 444 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा गया था, मगर स्वीकृत नहीं हुआ। अब नए वित्तीय वर्ष में फिर से प्रस्ताव तैयार किया गया है।
जिन गड्ढों को भरा, उनकी गिट्टियां भी निकल गईं
बारिश से पहले शहर में नगर निगम ने कुछ सड़कों के गड्ढों को भरने का काम किया था उन स्थानों की स्थिति यह है कि गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। जिससे गड्ढे दिखने लगे हैं। ये हालात रामघाट रोड के अलावा एडीए कॉलोनी से कावेरी वाटिका, रमेश बिहार, नगला तिकोना रोड, रावणटीला, नौरंगाबाद, भुजपुरा, जीवनगढ़, अनूपशहर रोड आदि इलाकों में है।
लोग बोले
सड़कों के गड्ढे आए दिन दुर्घटना का कारण बनते हैं। कई ऐसी सड़कें हैं, जहां गड्ढे भरे नहीं गए हैं, उन पर चलना मुश्किल हो रहा है। कई जगहों पर गड्ढे भरे तो गए हैं, मगर उनकी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। - यतीश वार्ष्णेय, अचल रोड।
सरकार ने गड्ढा मुक्त सड़कों का दावा किया है, लेकिन शहर से लेकर देहात तक की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। शिकायतों के बावजूद अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - विवेक वार्ष्णेय, रामलीला मैदान
नगला पटवारी इलाके को तो मानो उपेक्षित कर रखा है। यहां लंबे समय से सड़कें खराब हैं और आए दिन हादसे होते रहते हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।-कामरान, नगला पटवारी।
बाईपास पर वाहनों की आवाजाही काफी है। गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। अब महिला की मौत के बाद भी अगर प्रशासन नहीं चेता तो लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।-शब्बीर, नगला पटवारी।
अगर शिकायत का निस्तारण गलत पाया जाएगा तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। वहीं सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मौसम साफ होने के बाद हाईवे, जीटी रोड के गड्ढों को भरने के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। शहर की सड़कों का सुधार कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है।- सौरभ बैराठी, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग।