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पशुधन की रक्षा के लिए ‘आहुति’ का गठन

Fri, 17 Jan 2014 05:44 AM IST
Aligarh
Aligarh Updated Fri, 17 Jan 2014 05:44 AM IST
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अलीगढ़। शासन ने अलीगढ़ के मीट फैक्ट्रियों को प्रतिदिन 7950 और प्रति वर्ष करीब 29 लाख पशुओं को काटने की अनुमति दे रखी है। जबकि जिले में गाय एवं भैंसवंशीय पशुओं की संख्या करीब 31 लाख है। अवैध कट्टीघरों की बात करें तो पशुओं के रोज कटान की संख्या करीब 25 हजार के आसपास है। यह दावा नवगठित सामाजिक संगठन ‘आहुति’ के पदाधिकारियों ने बुधवार को पत्रकारों के समक्ष की। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन और माफिया गठजोड़ के कारण कट्टी की समस्या अब खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है और यह एक सामाजिक समस्या का रूप धारण कर चुका है। इसके समाधान तथा पशुधन को बचाने के लिए ही ‘आहुति’ का गठन किया गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उत्तर प्रदेश को मीट हब बनाने की घोषणा नितांत जनविरोधी एवं विनाशकारी है। उन्होंने प्रदेश के दो जिलो गाजियाबाद एवं अलीगढ़ को इसके लिए चुना है। इसकी हम घोर भर्त्सना करते है। यही हाल रहा तो भविष्य में दूध संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। अलीगढ़ में ही कई फैक्ट्रियां ऐसी है जिसमें रैडरिंग प्लांट नहीं लगे है, फिर भी इनको संचालन की अनुमति दे दी गई है। पत्रकार वर्ता में महापौर शकुंतला भारती, अशोक चौधरी, डॉ. मधु आंधीवाल, मनीष वूल, मुकेश राजपूत, अरविंद पांडे, दिनेश कुमार दादा, संजीव माहेश्वरी, विमल खेमानी आदि उपस्थित थे।
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