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अफजाल का मामला नहीं उठाने का अब हो रहा अफसोस
Updated Wed, 28 Nov 2018 02:03 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला ब्यूरो
कठपुला के समीप वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की कथित थप्पड़ से जान गंवाने वाले बरौली के अफजाल का मामला नहीं उठाने का अफसोस अब कुछ भाजपा नेताओं को हो रहा है।
वाहन चेकिंग के दौरान गाड़ी की चॉबी छिनने एवं लोगों के साथ बदसलूकी का आरोप पुलिस पर लग रहा है। पुलिसकर्मियों पर एबीवीपी कार्यालय में पहुंचकर तोड़-फोड़ करने तथा सामान इधर-उधर फेंकने का भी आरोप लग रहा है।
एबीवीपी के प्रति सहानुभूति रखने वाले कुछ भाजपा नेता जब कार्यालय पहुंचे तो अफजाल की घटना का उल्लेख करने लगे। एक नेता ने तो कहा कि अफसोस है कि अफजाल की घटना के समय वे लोग मुद्दे को नहीं उठा सकें।
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गरीब आदमी दवा लेने जा रहा था एवं बर्बरता का शिकार बन गया। पुलिस अपने बर्बर व्यवहार के लिए कुख्यात है। वहीं एबीवीपी से जुड़े रहे एक पुराने नेता ने सोशल मीडिया में कटाक्ष किया है कि अलीगढ़ के कार्यकर्ताओं की ठुकाई की पटकथा तो 12 जुलाई को ही लिख दी गई थी।
आज जिसको हम अपना कहते हैं, उन्होंने उस समय प्रशासन की सराहना की थी। अब बेचारे प्रशासन को दोष क्यों दे रहे हो। वो तो अपना कर्त्तव्य पूरा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई को एसएसपी आफिस में हिंदू जागरण मंच के नेताओं की जमकर धुनाई हुई थी।
अचलताल मामले में पुलिस का बर्बर चेहरा एक बार फिर सामने आया है। जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार है तो जनता के साथ किस प्रकार का व्यवहार करते हैं। एबीवीपी के कार्यकर्ता अनुशासित है, इसलिए कोई अप्रिय घटना नहीं होने दिया। सभी ने संयम से कार्य लिया।
- डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, प्रदेश उपाध्यक्ष
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कठपुला के समीप वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की कथित थप्पड़ से जान गंवाने वाले बरौली के अफजाल का मामला नहीं उठाने का अफसोस अब कुछ भाजपा नेताओं को हो रहा है।
वाहन चेकिंग के दौरान गाड़ी की चॉबी छिनने एवं लोगों के साथ बदसलूकी का आरोप पुलिस पर लग रहा है। पुलिसकर्मियों पर एबीवीपी कार्यालय में पहुंचकर तोड़-फोड़ करने तथा सामान इधर-उधर फेंकने का भी आरोप लग रहा है।
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एबीवीपी के प्रति सहानुभूति रखने वाले कुछ भाजपा नेता जब कार्यालय पहुंचे तो अफजाल की घटना का उल्लेख करने लगे। एक नेता ने तो कहा कि अफसोस है कि अफजाल की घटना के समय वे लोग मुद्दे को नहीं उठा सकें।
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गरीब आदमी दवा लेने जा रहा था एवं बर्बरता का शिकार बन गया। पुलिस अपने बर्बर व्यवहार के लिए कुख्यात है। वहीं एबीवीपी से जुड़े रहे एक पुराने नेता ने सोशल मीडिया में कटाक्ष किया है कि अलीगढ़ के कार्यकर्ताओं की ठुकाई की पटकथा तो 12 जुलाई को ही लिख दी गई थी।
आज जिसको हम अपना कहते हैं, उन्होंने उस समय प्रशासन की सराहना की थी। अब बेचारे प्रशासन को दोष क्यों दे रहे हो। वो तो अपना कर्त्तव्य पूरा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई को एसएसपी आफिस में हिंदू जागरण मंच के नेताओं की जमकर धुनाई हुई थी।
अचलताल मामले में पुलिस का बर्बर चेहरा एक बार फिर सामने आया है। जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार है तो जनता के साथ किस प्रकार का व्यवहार करते हैं। एबीवीपी के कार्यकर्ता अनुशासित है, इसलिए कोई अप्रिय घटना नहीं होने दिया। सभी ने संयम से कार्य लिया।
- डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, प्रदेश उपाध्यक्ष