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वार्ता विफल होने पर कर्मचारी नेताओं ने की नारेबाजी
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:48 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के बीच शुक्रवार को होने वाली वार्ता विफल हो गई। यूनियन के पदाधिकारियों ने एआरएम पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आक्रोश देखते ही एआरएम कार्यालय से नदारद हो गए। हालांकि बाद में जारी हुए लेटर में यूनियन को पुन: वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
शुक्रवार को रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बुद्ध विहार योगेंद्र प्रताप के बीच में कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए वार्ता होनी थी।
नियत समय पर कर्मचारी नेता अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर एआरएम के पास पहुंचे। एआरएम ने मांग पत्र पढ़ा तो पहले बिंदु पर ही वह उखड़ गए और कार्यालय से चले गए।
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यह देख कर्मचारी नेताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि एआरएम हिटलरशाही रवैया अपनाने लगे हैं।
यही कारण है कि वार्ता विफल हुई। इधर एआरएम बुद्ध विहार ने बताया कि यूनियन के पदाधिकारियों का उद्देश्य वार्ता करने का नहीं था। बल्कि वह पहले से वार्ता विफल करने की रणनीति बनाकर आए थे।
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रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के बीच शुक्रवार को होने वाली वार्ता विफल हो गई। यूनियन के पदाधिकारियों ने एआरएम पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आक्रोश देखते ही एआरएम कार्यालय से नदारद हो गए। हालांकि बाद में जारी हुए लेटर में यूनियन को पुन: वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
शुक्रवार को रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बुद्ध विहार योगेंद्र प्रताप के बीच में कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए वार्ता होनी थी।
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नियत समय पर कर्मचारी नेता अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर एआरएम के पास पहुंचे। एआरएम ने मांग पत्र पढ़ा तो पहले बिंदु पर ही वह उखड़ गए और कार्यालय से चले गए।
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यह देख कर्मचारी नेताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि एआरएम हिटलरशाही रवैया अपनाने लगे हैं।
यही कारण है कि वार्ता विफल हुई। इधर एआरएम बुद्ध विहार ने बताया कि यूनियन के पदाधिकारियों का उद्देश्य वार्ता करने का नहीं था। बल्कि वह पहले से वार्ता विफल करने की रणनीति बनाकर आए थे।