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प्रभारी के आदेश पर नुमाइश की लाइट काटी
Updated Wed, 14 Feb 2018 02:12 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नुमाइश में मंगलवार की शाम खरीददारी कर रहे ग्राहकों में उस समय हड़बड़ी मच गई जब करीब शाम छह बजे बत्ती गुल हो गई। पता चला कि नुमाइश प्रभारी के आदेश पर नुमाइश की लाइट काट दी गई है। यह कदम नुमाइश का समय खत्म होने के बावजूद चल रहे मेले के चलते उठाया गया। बाद में नुमाइश प्रभारी ने भीड़ को देखते हुए दो घंटे बाद इस शर्त पर लाइट दोबारा चालू कराई कि बुधवार सुबह तक सभी दुकानदार एवं झूले तमाशे वाले नुमाइश परिसर खाली कर देंगे।
नौ फरवरी को हुए राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के समापन के चलते दुकानदारों की अपील पर कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा एवं डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने नुमाइश को दो दिन बढ़ाने की अधिकृत रूप से घोषणा की थी।
यही नहीं दुकानदारों को अगले दो दिनों में अपना सामान नुमाइश परिसर से हटाने के निर्देश भी दिए थे। बताया जाता है कि उनके आदेश का फायदा उठाते हुए बिजली ठेकेदार ने दुकानदारों से चार दिन के पैसे अनधिकृत रूप से वसूल लिए। बताया जाता है कि ठेकेदार ने नुमाइश फंड में पैसा जमा नहीं कराया।
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मंगलवार को शाम नुमाइश की बिजली जलती देखकर नुमाइश प्रभारी व एडीएम सिटी तत्काल बिजली काटने का आदेश दिया। इसके बाद बिजली काट दी गई। इससे हड़कंप मच गया।
अंधेरा के चलते ग्राहक लौटने लगे। इसका विरोध करने के लिए कुछ दुकानदार नुमाइश गेस्ट हाउस पहुंच गए। उन्होंने नुमाइश प्रभारी को लाइट ठेकेदार को बिजली का पैसा देने की बात कहते हुए बिजली चालू कराने की मांग की।
ठेकेदार की इस हरकत से नाराज एडीएम ने इस शर्त पर करीब आठ बजे दोबारा बिजली चालू करवाई कि दुकानदार बुधवार सुबह परिसर खाली कर देंगे। एडीएम सिटी एवं प्रभारी नुमाइश एसबी सिंह ने स्वीकार किया कि अनधिकृत रूप से जलती बिजली मंगलवार शाम कटवा दी गई थी। बाद में भीड़ को देखते हुए दोबारा चालू करा दिया गया।
हो सकता था कोई हादसा
नुमाइश प्रशासन द्वारा बगैर सोचे समझे कटवाई गई लाइट से नुमाइश परिसर में अंधेरा होने से कोई अपराधिक वारदात या हादसा हो सकता था। उस समय नुमाइश में बड़ी संख्या में ग्राहक मौजूद थे।
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नुमाइश में मंगलवार की शाम खरीददारी कर रहे ग्राहकों में उस समय हड़बड़ी मच गई जब करीब शाम छह बजे बत्ती गुल हो गई। पता चला कि नुमाइश प्रभारी के आदेश पर नुमाइश की लाइट काट दी गई है। यह कदम नुमाइश का समय खत्म होने के बावजूद चल रहे मेले के चलते उठाया गया। बाद में नुमाइश प्रभारी ने भीड़ को देखते हुए दो घंटे बाद इस शर्त पर लाइट दोबारा चालू कराई कि बुधवार सुबह तक सभी दुकानदार एवं झूले तमाशे वाले नुमाइश परिसर खाली कर देंगे।
नौ फरवरी को हुए राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के समापन के चलते दुकानदारों की अपील पर कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा एवं डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने नुमाइश को दो दिन बढ़ाने की अधिकृत रूप से घोषणा की थी।
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यही नहीं दुकानदारों को अगले दो दिनों में अपना सामान नुमाइश परिसर से हटाने के निर्देश भी दिए थे। बताया जाता है कि उनके आदेश का फायदा उठाते हुए बिजली ठेकेदार ने दुकानदारों से चार दिन के पैसे अनधिकृत रूप से वसूल लिए। बताया जाता है कि ठेकेदार ने नुमाइश फंड में पैसा जमा नहीं कराया।
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मंगलवार को शाम नुमाइश की बिजली जलती देखकर नुमाइश प्रभारी व एडीएम सिटी तत्काल बिजली काटने का आदेश दिया। इसके बाद बिजली काट दी गई। इससे हड़कंप मच गया।
अंधेरा के चलते ग्राहक लौटने लगे। इसका विरोध करने के लिए कुछ दुकानदार नुमाइश गेस्ट हाउस पहुंच गए। उन्होंने नुमाइश प्रभारी को लाइट ठेकेदार को बिजली का पैसा देने की बात कहते हुए बिजली चालू कराने की मांग की।
ठेकेदार की इस हरकत से नाराज एडीएम ने इस शर्त पर करीब आठ बजे दोबारा बिजली चालू करवाई कि दुकानदार बुधवार सुबह परिसर खाली कर देंगे। एडीएम सिटी एवं प्रभारी नुमाइश एसबी सिंह ने स्वीकार किया कि अनधिकृत रूप से जलती बिजली मंगलवार शाम कटवा दी गई थी। बाद में भीड़ को देखते हुए दोबारा चालू करा दिया गया।
हो सकता था कोई हादसा
नुमाइश प्रशासन द्वारा बगैर सोचे समझे कटवाई गई लाइट से नुमाइश परिसर में अंधेरा होने से कोई अपराधिक वारदात या हादसा हो सकता था। उस समय नुमाइश में बड़ी संख्या में ग्राहक मौजूद थे।