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अलीगढ़ में ठेकेदारों की जीत, अंतिम दिन भी नहीं बिका कोई टेंटर
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:27 PM IST
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ठेकेदारों की जीत: अंतिम दिन भी नहीं बिका एक भी टेंडर
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आखिर ठेकेदारों की जीत हुई। विकास प्राधिकरण प्रबंधन के तमाम प्रयासों के बावजूद भी टेंडर की अंतिम तिथि 25 सितंबर गुजर जाने के बाद भी नौ करोड़ के 20 कार्यों के टेंडर किसी ठेकेदार ने नहीं खरीदे।
बताते चलें कि विकास प्राधिकरण ने जीटी रोड के चौड़ीकरण, सीवर समेत अन्य 20 कार्यों के लिए 16 से 25 सितंबर तक टेंडर आमंत्रित किए थे। लेकिन प्राधिकरण द्वारा दो साल पुरानी दरों पर निविदाएं आमंत्रित करने एवं निविदाओं में जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख न करने से नाराज ठेकेदारों ने ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के बैनरतले पहले ही दिन टेंडरों का बहिष्कार कर दिया था।
अपने आंदोलन को तेज करने के लिए ठेकेदारों ने प्राधिकरण कार्यालय में पोस्टर चिपकाए थे। सोमवार को टेंडर भरने के अंतिम दिन भी किसी भी ठेकेदार ने टेंडर भरना तो दूर फार्म तक नहीं खरीदा। संगठन के महासचिव मनोज सिंह ने इसे ठेकेदारों की एकजुटता की जीत करार दिया।
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उन्होंने कहा कि जब तक निविदाओं से अनियमितताएं दूर नहीं हो जाती हैं। तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। इस मौके पर सत्येंद्र सिंह, नरेश पाल सिंह, मनवीर चौधरी, सुरेंद्र पाल शर्मा, निशांत सिंह, सुमित शर्मा, राहुल चौधरी, मनोज उर्फ ढालू, कुशल अग्रवाल, हिमांशु चौधरी आदि उपस्थित थे।
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ठेकेदारों की जीत: अंतिम दिन भी नहीं बिका एक भी टेंडर
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आखिर ठेकेदारों की जीत हुई। विकास प्राधिकरण प्रबंधन के तमाम प्रयासों के बावजूद भी टेंडर की अंतिम तिथि 25 सितंबर गुजर जाने के बाद भी नौ करोड़ के 20 कार्यों के टेंडर किसी ठेकेदार ने नहीं खरीदे।
बताते चलें कि विकास प्राधिकरण ने जीटी रोड के चौड़ीकरण, सीवर समेत अन्य 20 कार्यों के लिए 16 से 25 सितंबर तक टेंडर आमंत्रित किए थे। लेकिन प्राधिकरण द्वारा दो साल पुरानी दरों पर निविदाएं आमंत्रित करने एवं निविदाओं में जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख न करने से नाराज ठेकेदारों ने ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के बैनरतले पहले ही दिन टेंडरों का बहिष्कार कर दिया था।
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अपने आंदोलन को तेज करने के लिए ठेकेदारों ने प्राधिकरण कार्यालय में पोस्टर चिपकाए थे। सोमवार को टेंडर भरने के अंतिम दिन भी किसी भी ठेकेदार ने टेंडर भरना तो दूर फार्म तक नहीं खरीदा। संगठन के महासचिव मनोज सिंह ने इसे ठेकेदारों की एकजुटता की जीत करार दिया।
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उन्होंने कहा कि जब तक निविदाओं से अनियमितताएं दूर नहीं हो जाती हैं। तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। इस मौके पर सत्येंद्र सिंह, नरेश पाल सिंह, मनवीर चौधरी, सुरेंद्र पाल शर्मा, निशांत सिंह, सुमित शर्मा, राहुल चौधरी, मनोज उर्फ ढालू, कुशल अग्रवाल, हिमांशु चौधरी आदि उपस्थित थे।