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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : 15 से 17 वर्ष के 84.2 प्रतिशत किशोर ले चुके हैं प्रथम डोज
Sun, 27 Mar 2022 12:15 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:15 AM IST
सार
जनपद में 2 लाख 57 हजार 671 किशोर (15 से 17 वर्ष) को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। शुक्रवार तक 2 लाख 17 हजार 9 किशोर प्रथम एवं 73 हजार 935 किशोर दूसरी डोज ले चुके हैं।
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छात्रा को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किशोर अच्छी तरह समझ गए हैं कि कोरोना से टीका ही बचाएगा। यही कारण है कि जनपद में 15 से 17 वर्ष के 84.2 प्रतिशत किशोर प्रथम डोज ले चुके हैं। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या 28.7 प्रतिशत है। यह सफलता जनता एवं सरकारी स्कूलों के सहयोग से हासिल हुई है।
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जनपद में 2 लाख 57 हजार 671 किशोर (15 से 17 वर्ष) को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। शुक्रवार तक 2 लाख 17 हजार 9 किशोर प्रथम एवं 73 हजार 935 किशोर दूसरी डोज ले चुके हैं। शत-प्रतिशत सफलता हासिल करने के लिए स्कूल प्रबंधक एवं अभिभावक स्कूलों में एक दिन के बदले एक सप्ताह का कैंप चलाने की वकालत कर रहे हैं। साथ ही बातचीत कर अभिभावकों को विश्वास में लेने का भी सुझाव दे रहे हैं।
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आज का किशोर कल का युवा है। उसके कंधों पर घर, परिवार एवं देश की जिम्मेदारी होगी। दुनिया की नजर भारत पर इसलिए भी है कि यह युवाओं का देश है। स्वस्थ एवं जागरूक किशोर ही कल देश की बागडोर संभालेंगे। सभी बच्चों को टीका लगाकर देश के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी हमारी है। - आलोक झा, निर्यातक, पटेलनगर, आगरा रोड
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महामारी से बहुत नुकसान हुआ है। किसी न किसी ने निकट संबंधियों को खोया है। कुछ बच्चों ने मां तो किसी ने पिता को खोया है। बच्चे अनाथ हुए। कारोबार को कल्पना से अधिक नुकसान हुआ है। कोरोना से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में अधिक से अधिक कैंप लगाकर टीकाकरण होना चाहिए। - अनुराग गुप्ता, प्रभारी, अलीगढ़ अभिभावक एसोसिएशन
स्कूलों में एक दिन कैंप आयोजित करने से काम नहीं चलेगा। शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए स्कूलों में एक सप्ताह तक लगातार टीकाकरण करना होगा। कई कारणों से बच्चे स्कूल में अनुपस्थित भी होते हैं। साथ ही अभिभावकों से बात कर उनके मन की शंकाओं को दूर करने की भी जरूरत है। - डॉ. एम अहमद, उपाध्यक्ष, पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी
स्कूल के 15 से 17 वर्ष के अधिकतर बच्चे टीका लगवा चुके हैं। अभी यूपी बोर्ड परीक्षा चल रही है। ऐसी स्थिति में परीक्षा के बाद ही स्कूल में कैंप का आयोजन संभव है। परीक्षा के बाद 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण कैंप लगवाएंगे। बच्चे स्वास्थ्य केंद्र पर भी टीके लगवा सकते हैं। - कृष्ण कुमार शर्मा, प्रधानाध्यापक, एसएमबी इंटर कॉलेज
दोनो डोज ले चुके किशोर बोले...
सभी लोग समझ गए हैं कि कोरोना से टीका ही बचाएगा। शुरू में इसको लेकर संशय की स्थिति थी। अब साबित हो गया है कि इससे किसी तरह का नुकसान नहीं है। परिवार में सभी टीका लगवा चुके हैं। - नव्या अग्रवाल, सेंट फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल
कोरोना से मौत देख चुकी हूं। सभी लोग डरे हुए थे। कोविड रोधी टीका लगने के बाद मौत की संख्या में कमी आई है। मेरे परिवार में सभी लोग टीका लगवाकर सुरक्षित हो चुके हैं। - कुमारी कोमल, तालशपुर कला
टीके की दोनों डोज लेने के बाद सुरक्षित महसूस कर रही हूं और 12वीं की परीक्षा दे रही हूं। टीका लगवाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। हम सभी सुरक्षित हैं। - कशिश राना, सराय कुतुब, बाबरी मंडी
दोनोें डोज ले चुकी हूं। मेरे परिवार में सभी लोग टीका लगवा चुके हैं और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कोरोना से बहुत नुकसान हुआ है। टीका लगने के बाद लोगों की जिंदगी बची है। - पूनम, 12 वीं की छात्रा
हाथरस, एटा एवं कासगंज से अलीगढ़ पीछे
किशोरों के टीकाकरण के मामले में अलीगढ़ जिला मंडल के दूसरे जिलों से पीछे है। 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में हाथरस में सबसे अधिक 98.6 प्रतिशत किशोर प्रथम डोज ले चुके हैं। कासगंज में 92.4 और एटा में 86.7 प्रतिशत किशोर प्रथम डोज ले चुके हैं। अलीगढ़ में यह प्रतिशत 84.2 है। इसी तरह एटा में 46.6, हाथरस में 43.1 और कासगंज में 30 प्रतिशत किशोर दूसरी डोज लिए हैं। अलीगढ़ में प्रतिशत 28 है।