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हम तो जीने के लिए ताजा हवा प्रदूषण का जहर
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:44 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
प्रत्येक वर्ष दीपावली के आते ही बाजार में होम एप्लाइंसेस और इलेक्ट्रिक उपकरणों की जबरदस्त मांग रहती है। लेकिन इस बार एक ऐसा उपकरण मांग में है जिसकी बढ़ती मांग लोगों की चिंता बढ़ा रही है। यह है एयर प्यूरीफायर। दुकानदारों की बात करें तो इस बार इसकी मांग को देखते हुए खास तौर से इसे मंगवाया गया है। साफ इशारा है कि शहर की हवा जहरीली हो रही है और सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं।
करीब 70 एयर प्यूरीफायर बेच चुके रेलवे रोड पर नैमीचंद्रा जैन एंड संस के मालिक नवीन जैन ने बताया कि उनके पास जो भी व्यक्ति आया, उसे डॉक्टर ने सलाह दी थी। डाक्टरों ने इन लोगों से कहा था कि यह सांस की बीमारी वाले मरीजों के लिए अत्यधिक लाभदायक है। कमरे के अंदर एअर प्यूरीफायर छह तरीके के बैक्टीरिया को खत्म करके हवा को शुद्ध बनाता है। इसी के साथ यह प्यूरीफायर नवजात बच्चों के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने कहा कि नवजात को प्रदूषण सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है। यदि हमारे नवजात के सेल्स ठीक तरह से विकसित नहीं हुए तो आगामी जीवन में परेशानी दिखाई देती है। जबकि प्यूरीफायर लगाने से नवजात बच्चों को प्रदूषण की कोई बीमारी नहीं लगेगी।
छोटे बच्चों को सांस लेने की समस्या की शिकायत सामने आने पर हम माता पिता से यही पूछते हैं कि कहां रहते हैं। घर के आसपास फैक्ट्रूी या कारखाना आदि है। इसके बाद हम यही सलाह देते हैं कि बच्चे के फेफड़ों में साफ हवा जानी चाहिए। इसलिए प्यूरीफायर की सलाह दी जाती है। अब यह माता पिता के ऊपर है कि वह इसे ले या न लें। यहां पर यह जिक्र करना जरूरी है कि एनसीआर दिल्ली में खतरनाक स्तर पर बढ़े प्रदूषण ने अलीगढ़ के लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है।
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- डॉ. गीता प्रधान, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
और जहर न फैले, इसके लिए अपील कर रहे हैं:
शहर के पर्यावरणविद् जहरीली होती आबोहवा के लिए पहले ही अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। इसके लिए वह दीपावली के अवसर पर पटाखों का प्रयोग नहीं करने की अपील कर रहे हैं। पर्यारणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने 50 हजार पर्चे छपवा कर बंटवाने का काम शुरू किया है। इसके लिए वह बच्चों के स्कूल भी जा रहे हैं।
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प्रत्येक वर्ष दीपावली के आते ही बाजार में होम एप्लाइंसेस और इलेक्ट्रिक उपकरणों की जबरदस्त मांग रहती है। लेकिन इस बार एक ऐसा उपकरण मांग में है जिसकी बढ़ती मांग लोगों की चिंता बढ़ा रही है। यह है एयर प्यूरीफायर। दुकानदारों की बात करें तो इस बार इसकी मांग को देखते हुए खास तौर से इसे मंगवाया गया है। साफ इशारा है कि शहर की हवा जहरीली हो रही है और सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं।
करीब 70 एयर प्यूरीफायर बेच चुके रेलवे रोड पर नैमीचंद्रा जैन एंड संस के मालिक नवीन जैन ने बताया कि उनके पास जो भी व्यक्ति आया, उसे डॉक्टर ने सलाह दी थी। डाक्टरों ने इन लोगों से कहा था कि यह सांस की बीमारी वाले मरीजों के लिए अत्यधिक लाभदायक है। कमरे के अंदर एअर प्यूरीफायर छह तरीके के बैक्टीरिया को खत्म करके हवा को शुद्ध बनाता है। इसी के साथ यह प्यूरीफायर नवजात बच्चों के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने कहा कि नवजात को प्रदूषण सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है। यदि हमारे नवजात के सेल्स ठीक तरह से विकसित नहीं हुए तो आगामी जीवन में परेशानी दिखाई देती है। जबकि प्यूरीफायर लगाने से नवजात बच्चों को प्रदूषण की कोई बीमारी नहीं लगेगी।
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छोटे बच्चों को सांस लेने की समस्या की शिकायत सामने आने पर हम माता पिता से यही पूछते हैं कि कहां रहते हैं। घर के आसपास फैक्ट्रूी या कारखाना आदि है। इसके बाद हम यही सलाह देते हैं कि बच्चे के फेफड़ों में साफ हवा जानी चाहिए। इसलिए प्यूरीफायर की सलाह दी जाती है। अब यह माता पिता के ऊपर है कि वह इसे ले या न लें। यहां पर यह जिक्र करना जरूरी है कि एनसीआर दिल्ली में खतरनाक स्तर पर बढ़े प्रदूषण ने अलीगढ़ के लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है।
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- डॉ. गीता प्रधान, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
और जहर न फैले, इसके लिए अपील कर रहे हैं:
शहर के पर्यावरणविद् जहरीली होती आबोहवा के लिए पहले ही अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। इसके लिए वह दीपावली के अवसर पर पटाखों का प्रयोग नहीं करने की अपील कर रहे हैं। पर्यारणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने 50 हजार पर्चे छपवा कर बंटवाने का काम शुरू किया है। इसके लिए वह बच्चों के स्कूल भी जा रहे हैं।