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गर्भवती पत्नी की हत्या में पति को सजा
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:24 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गर्भवती पत्नी की हत्या के आरोपी को न्यायालय ने सात साल कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद तोमर के अनुसार रोशनलाल पुत्र प्रसाद लाल निवासी मूढै़ल बरला ने थाना बरला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपनी धेवती शशि की शादी योगेश पुत्र लख्मी सिंह निवासी काजिमाबाद थाना अतरौली के साथ की। शादी में दान-दहेज भी दिया। शशि का पति इसके बाद भी लगातार दहेज की मांग करता था।
रक्षाबंधन के त्योहार पर शशि अपने नाना के यहां ही आई थी। उस समय शशि गर्भवती थी। रिपोर्ट के मुताबिक 14 अगस्त 2014 को शाम साढ़े सात बजे योगेश ने शशि को फोन किया तो फोन सुनकर शशि चली गई और वापस लौटकर नहीं आई। जब उसे तलाश किया तो वह गांव में मंदिर के पीछे फटे कपड़ों में मरणासन्न अवस्था में पड़ी थी।
वहां से उसे जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि शशि की उसके पति योगेश ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हत्या की है। इस मामले की रिपोर्ट विभिन्न धाराओं में दर्ज कराई गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अच्छेलाल सरोज के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने आरोपी योगेश को सात साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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गर्भवती पत्नी की हत्या के आरोपी को न्यायालय ने सात साल कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद तोमर के अनुसार रोशनलाल पुत्र प्रसाद लाल निवासी मूढै़ल बरला ने थाना बरला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपनी धेवती शशि की शादी योगेश पुत्र लख्मी सिंह निवासी काजिमाबाद थाना अतरौली के साथ की। शादी में दान-दहेज भी दिया। शशि का पति इसके बाद भी लगातार दहेज की मांग करता था।
रक्षाबंधन के त्योहार पर शशि अपने नाना के यहां ही आई थी। उस समय शशि गर्भवती थी। रिपोर्ट के मुताबिक 14 अगस्त 2014 को शाम साढ़े सात बजे योगेश ने शशि को फोन किया तो फोन सुनकर शशि चली गई और वापस लौटकर नहीं आई। जब उसे तलाश किया तो वह गांव में मंदिर के पीछे फटे कपड़ों में मरणासन्न अवस्था में पड़ी थी।
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वहां से उसे जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि शशि की उसके पति योगेश ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हत्या की है। इस मामले की रिपोर्ट विभिन्न धाराओं में दर्ज कराई गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अच्छेलाल सरोज के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने आरोपी योगेश को सात साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।