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अलीगढ़ महोत्सव में कृष् णांजलि... मुहब्बत बरसा देना तू्...
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:16 AM IST
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मुहब्बत बरसा देना तू, सावन आया है...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मुहब्बत बरसा देना तू सावन आया है, तेरे और मेरे मिलने का मौसम आया है... वालीवुड मिक्स गीत, पंजाबी गीत, भरत नाट्यम, देशभक्ति गीत और ऊपर से सूफी संगीत का तड़का, भई वाह, संगीत प्रेमियों को और क्या चाहिए। मौका था कृष्णांजलि सभागार में शनिवार शाम सात बजे से आयोजित संगीत की इन सारी विधाओं को समेटे सांस्कृतिक कार्यक्रम का।
कार्यक्रम में जलवा बिखेरा प्रख्यात रंगमंच कलाकार सीमा मोदी और उनके ग्रुप ने। इन सभी ने गीत संगीत और नृत्य की ऐसी बयार बहायी की संगीत प्रेमी अश अश कर उठे। कार्यक्रम का शुभारंभ नुमाइश के अध्यक्ष एवं डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद, नुमाइश प्रभारी एवं एडीएम सिटी एसबी सिंह एवं स्वयं सीमा मोदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात सीमा मोदी ने गणेश वंदना देवा श्री गणेश प्रस्तुत की।
उनके द्वारा प्रस्तुत भरत नाट्यम को देखकर नृत्य प्रेमी अपने को ताली बजाने से नहीं रोक सके। इसके बाद कलाकारों ने पंजाबी गीत तारे गिन गिन याद में तेरी प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। फिर आई वालीवुड मिक्स गीत मुहब्बत बरसा देना तू की बारी। गाने को सुनकर तथा कलाकारों का नृत्य देखकर कई दर्शक तो सीटों से खड़े हो गए और सीटियों और तरह तरह की आवाजें निकालकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाने लगे। इसके बाद आई सूफी संगीत की बारी। मोहे पिया मिलन की आस गाना सुनकर संगीत प्रेमी अपने को धन्य मान रहे थे। इसके बाद प्रस्तुत हुए देशभक्ति गीत तीन रंग थे एक चक्र था, सुनकर दर्शकों की भुजाएं फड़क उठीं।
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रंगमंच है मेरी प्रेरणा और पैशन : सीमा मोदी
शनिवार को कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आई रंगमंच की प्रख्यात कलाकार सीमा मोदी ने कहा कि रंगमंच उनका पहला प्यार है, प्रेरणा है और पैशन भी है। वर्ष 2008 में चित्रा मोहन के नाटक से कैरियर शुरू करने वाली मोदी ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1996 में जेजे कालेज झुमरी तलैया से स्नातक पास किया था और केजीके कालेज मुरादाबाद से वर्ष 2004 में एमए किया।
2010 में पीएचडी की डिग्री ली। इस दौरान स्कूल कालेज में होने वाले संगीत कार्यक्रमों में नियमित रूप से हिस्सा लिया। मेरे पिता और स्वयं मै संगीत की प्रेरणा थे। वर्ष 2005 में प्रज्ञा संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत वोकल की शिक्षा ली। अब तक मुझे उत्तर प्रदेश रत्न अवार्ड, शक्ति अवार्ड, हेल्प यू नारी अस्मिता सम्मान, वर्ष 2016 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कर्मशील नारी अवार्ड, उत्तर प्रदेश प्राइड अवार्ड, हिंदुस्तान टाइम्स वीमेंस अचीवमेंट अवार्ड 2017, बेस्ट एक्टर अवार्ड, महिला सशक्तीकरण अवार्ड मिल चुका है। मै कला और अभिनय के माध्यम से समाज में संदेश देने का काम करती हूं। झारखंड व यूपी में मैने एनीमियां से पीड़ित महिलाओं के लिए शिविर लगवाए। फिल्म शोरगुल में अभिनय किया और मेरी आने वाली फिल्में हैं वन टू फोर, झुमकी व दोस्ती जिंदाबाद। ईटीवी के साधना कार्यक्रम में भी काम किया है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मुहब्बत बरसा देना तू सावन आया है, तेरे और मेरे मिलने का मौसम आया है... वालीवुड मिक्स गीत, पंजाबी गीत, भरत नाट्यम, देशभक्ति गीत और ऊपर से सूफी संगीत का तड़का, भई वाह, संगीत प्रेमियों को और क्या चाहिए। मौका था कृष्णांजलि सभागार में शनिवार शाम सात बजे से आयोजित संगीत की इन सारी विधाओं को समेटे सांस्कृतिक कार्यक्रम का।
कार्यक्रम में जलवा बिखेरा प्रख्यात रंगमंच कलाकार सीमा मोदी और उनके ग्रुप ने। इन सभी ने गीत संगीत और नृत्य की ऐसी बयार बहायी की संगीत प्रेमी अश अश कर उठे। कार्यक्रम का शुभारंभ नुमाइश के अध्यक्ष एवं डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद, नुमाइश प्रभारी एवं एडीएम सिटी एसबी सिंह एवं स्वयं सीमा मोदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात सीमा मोदी ने गणेश वंदना देवा श्री गणेश प्रस्तुत की।
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उनके द्वारा प्रस्तुत भरत नाट्यम को देखकर नृत्य प्रेमी अपने को ताली बजाने से नहीं रोक सके। इसके बाद कलाकारों ने पंजाबी गीत तारे गिन गिन याद में तेरी प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। फिर आई वालीवुड मिक्स गीत मुहब्बत बरसा देना तू की बारी। गाने को सुनकर तथा कलाकारों का नृत्य देखकर कई दर्शक तो सीटों से खड़े हो गए और सीटियों और तरह तरह की आवाजें निकालकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाने लगे। इसके बाद आई सूफी संगीत की बारी। मोहे पिया मिलन की आस गाना सुनकर संगीत प्रेमी अपने को धन्य मान रहे थे। इसके बाद प्रस्तुत हुए देशभक्ति गीत तीन रंग थे एक चक्र था, सुनकर दर्शकों की भुजाएं फड़क उठीं।
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रंगमंच है मेरी प्रेरणा और पैशन : सीमा मोदी
शनिवार को कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आई रंगमंच की प्रख्यात कलाकार सीमा मोदी ने कहा कि रंगमंच उनका पहला प्यार है, प्रेरणा है और पैशन भी है। वर्ष 2008 में चित्रा मोहन के नाटक से कैरियर शुरू करने वाली मोदी ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1996 में जेजे कालेज झुमरी तलैया से स्नातक पास किया था और केजीके कालेज मुरादाबाद से वर्ष 2004 में एमए किया।
2010 में पीएचडी की डिग्री ली। इस दौरान स्कूल कालेज में होने वाले संगीत कार्यक्रमों में नियमित रूप से हिस्सा लिया। मेरे पिता और स्वयं मै संगीत की प्रेरणा थे। वर्ष 2005 में प्रज्ञा संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत वोकल की शिक्षा ली। अब तक मुझे उत्तर प्रदेश रत्न अवार्ड, शक्ति अवार्ड, हेल्प यू नारी अस्मिता सम्मान, वर्ष 2016 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कर्मशील नारी अवार्ड, उत्तर प्रदेश प्राइड अवार्ड, हिंदुस्तान टाइम्स वीमेंस अचीवमेंट अवार्ड 2017, बेस्ट एक्टर अवार्ड, महिला सशक्तीकरण अवार्ड मिल चुका है। मै कला और अभिनय के माध्यम से समाज में संदेश देने का काम करती हूं। झारखंड व यूपी में मैने एनीमियां से पीड़ित महिलाओं के लिए शिविर लगवाए। फिल्म शोरगुल में अभिनय किया और मेरी आने वाली फिल्में हैं वन टू फोर, झुमकी व दोस्ती जिंदाबाद। ईटीवी के साधना कार्यक्रम में भी काम किया है।