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मदर्स मीटिंग में पैसा ट्रांसफर में गड़बड़ी
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:49 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्वास्थ्य विभाग में पिछले दिनों मदर्स मीटिंग के लिए आशाओं के खाते में पैसा न देकर ठेकेदार के खाते में डाल दिए जाने के मामले में जब प्रशासन की ओर से जांच में सख्ती की जा रही है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह ठीकरा स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों के सिर फोड़ दिया है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक पत्र केंद्र प्रभारियों को लेकर उनसे जवाब मांग लिया है। केंद्र प्रभारी अपनी कोई भूूमिका नहीं होने पर भी इस तरह जवाब मांगे जाने से हतप्रभ हैं।
मदर्स मीटिंग के तहत आशाओं को महिलाओं के साथ संपर्क कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी देने का प्रावधान था। इसका पैसा सीधे आशाओं के खाते में पहुंचना था, लेकिन विभाग ने यह पैसा संबंधित ठेकेदार के खाते में दिया, क्योंकि खरीदी गई खाद्य सामग्री आदि के लिए उसी के बिल लगाए गए थे।
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आशाओं को अंधेरे में रखा गया। इस मामले की जांच एडीएम फाइनेंस कर रहे हैं। इस प्रकरण में उनके पास कुछ दस्तावेज पहुंच चुके हैं जबकि कुछ दस्तावेज अभी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने हैं। अब दस्तावेज उपलब्ध कराने से पहले सभी कागजों को दुरुस्त करने की कवायद की जा रही है।
12 ब्लाकों के केंद्र प्रभारियों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें से पांच ने ठेकेदार से पैसा लेकर आशाओं के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। अन्य भी जवाब दाखिल करेंगे। हमने तो केंद्रों को ही पैसा भेजा था।
- डॉ. पीके शर्मा, एसीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग में पिछले दिनों मदर्स मीटिंग के लिए आशाओं के खाते में पैसा न देकर ठेकेदार के खाते में डाल दिए जाने के मामले में जब प्रशासन की ओर से जांच में सख्ती की जा रही है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह ठीकरा स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों के सिर फोड़ दिया है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक पत्र केंद्र प्रभारियों को लेकर उनसे जवाब मांग लिया है। केंद्र प्रभारी अपनी कोई भूूमिका नहीं होने पर भी इस तरह जवाब मांगे जाने से हतप्रभ हैं।
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मदर्स मीटिंग के तहत आशाओं को महिलाओं के साथ संपर्क कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी देने का प्रावधान था। इसका पैसा सीधे आशाओं के खाते में पहुंचना था, लेकिन विभाग ने यह पैसा संबंधित ठेकेदार के खाते में दिया, क्योंकि खरीदी गई खाद्य सामग्री आदि के लिए उसी के बिल लगाए गए थे।
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आशाओं को अंधेरे में रखा गया। इस मामले की जांच एडीएम फाइनेंस कर रहे हैं। इस प्रकरण में उनके पास कुछ दस्तावेज पहुंच चुके हैं जबकि कुछ दस्तावेज अभी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने हैं। अब दस्तावेज उपलब्ध कराने से पहले सभी कागजों को दुरुस्त करने की कवायद की जा रही है।
12 ब्लाकों के केंद्र प्रभारियों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें से पांच ने ठेकेदार से पैसा लेकर आशाओं के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। अन्य भी जवाब दाखिल करेंगे। हमने तो केंद्रों को ही पैसा भेजा था।
- डॉ. पीके शर्मा, एसीएमओ