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मूल अंकपत्र पर चला दिया लाल पेन
Updated Fri, 03 Nov 2017 01:26 AM IST
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मूल अंकपत्र पर चला दिया लाल पेन
ब्यूरो अमर उजाला अलीगढ़।
मार्कशीट हर बच्चे के लिए सालभर की कड़ी मेहनत का परिणाम होती है। लेकिन जब इसी मार्कशीट पर कोई लाल पेन से अपनी काबिलीयत का मुलम्मा चढ़ा दे, तो उस शिक्षाविद् की प्रतिभा का अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है।
एसवी कॉलेज में सुरेंद्र नगर निवासी गोपाल हरी ओझा व पूनम सारस्वत के बेटे अभियु ओझा ने बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया है। उसने विजडम पब्लिक स्कूल से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। कॉलेज में दाखिला होने से पहले सभी आवेदकों के डॉक्यूमेंट का वेरीफिकेशन होता है। अभियु के डॉक्यूमेंट का भी वेरीफिकेशन हुआ। इस दौरान अभियु के मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र पर शिक्षिका ने लाल पेन से नंबर पर टिक का निशान लगा दिया। यही नहीं शिक्षिका ने रोल नंबर को उसी पेन से घेर भी दिया।
अभियु ने बताया कि जब उसने शिक्षिका से आपत्ति जताई, तो उन्होंने दूसरी मार्कशीट बनवाने की नसीहत दे दी। साथ ही दूसरी मार्कशीट कैसे बनती है, लगे हाथ इसका तरीका भी बता दिया। बकौल अभियु, मार्कशाीट खोने की रिपोर्ट दर्ज कराकर दूसरी मार्कशीट के लिए आवेदन कर सकते हैं। उधर, प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र पर वेरीफिकेशन के दौरान कोई भी निशान नहीं लगा सकता। वाकई में यह शर्मनाक है।
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ब्यूरो अमर उजाला अलीगढ़।
मार्कशीट हर बच्चे के लिए सालभर की कड़ी मेहनत का परिणाम होती है। लेकिन जब इसी मार्कशीट पर कोई लाल पेन से अपनी काबिलीयत का मुलम्मा चढ़ा दे, तो उस शिक्षाविद् की प्रतिभा का अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है।
एसवी कॉलेज में सुरेंद्र नगर निवासी गोपाल हरी ओझा व पूनम सारस्वत के बेटे अभियु ओझा ने बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया है। उसने विजडम पब्लिक स्कूल से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। कॉलेज में दाखिला होने से पहले सभी आवेदकों के डॉक्यूमेंट का वेरीफिकेशन होता है। अभियु के डॉक्यूमेंट का भी वेरीफिकेशन हुआ। इस दौरान अभियु के मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र पर शिक्षिका ने लाल पेन से नंबर पर टिक का निशान लगा दिया। यही नहीं शिक्षिका ने रोल नंबर को उसी पेन से घेर भी दिया।
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अभियु ने बताया कि जब उसने शिक्षिका से आपत्ति जताई, तो उन्होंने दूसरी मार्कशीट बनवाने की नसीहत दे दी। साथ ही दूसरी मार्कशीट कैसे बनती है, लगे हाथ इसका तरीका भी बता दिया। बकौल अभियु, मार्कशाीट खोने की रिपोर्ट दर्ज कराकर दूसरी मार्कशीट के लिए आवेदन कर सकते हैं। उधर, प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र पर वेरीफिकेशन के दौरान कोई भी निशान नहीं लगा सकता। वाकई में यह शर्मनाक है।
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