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शहर की खुशहाली और अमन के लिए लाखों हाथ उठे
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:23 AM IST
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शहर की खुशहाली और अमन के लिए उठे लाखों हाथ
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
खड़े हो गए एक ही सफ में महमूद-ओ-अयाज, न कोई बंदा रहा और न कोई बंदा नवाज। कुछ ऐसा ही जुमा अलविदा की नमाज में देखने को मिला। जिसको जहां जगह मिली, वो नमाज के लिए वहीं खड़ा हो गया। जुमा अलविदा की नमाज ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में पढ़ी गई। शहर की खुशहाली और तरक्की के लिए लाखों हाथ दुआ में उठ गए। अलविदा- अलविदा शाहे रमजां के खुतबे पर नमाजियों की आंखों से आंसू निकल आए। रो-रोकर दुआएं मांगी गईं।
जामा मस्जिद में नमाज से पहले तकरीर हुई। इमाम मुफ्ती महमूदुल हसन ने रोजे की फजीलत बयान की। कहा, जो शख्स रोजा किसी सूरत में नहीं रख पाए हैं, वो ईद के बाद जब तंदुरुस्ती साथ दे, तब रोजा रखें। क्योंकि रोजा फर्ज है। इसके बाद इमाम जुमा जामा मस्जिद हाफिज शागिल ने नमाज पढ़ाई। बाहर सड़कों पर और दुकानों में नमाज पढ़ी गई। मस्जिद में यासीन पेंटर माइक की बागडोर संभाले रहे।
गरीबों तक पहुंचाएं सदके की रकम : शहर मुफ्ती
जामा मस्जिद में नमाजियों को खिताब करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि रमजान महीने में जकात के साथ सदका भी निकलता है। हर शख्स को सदके की शक्ल में 40 रुपये गरीब व जरूरतमंद को देने होंगे। जरूरतमंद शख्स को ईद का चांद दिखने से पहले ये रुपये मिल जाएं, ताकि वो ईद की खुशियों में शामिल हो सके। अगर किसी परिवार में पांच लोग हैं, तो 200 रुपये सदका देना चाहिए। अगले साल भी यह महीना सबको नसीब हो, इसके लिए दुआ कराई गई।
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यूपी सरकार की तारीफ
जामा मस्जिद से बिजली व्यवस्था को लेकर यूपी सरकार की तारीफ की गई, जबकि पूर्व सरकार पर तंज कसा गया। वहीं, नगर निगम और प्रशासन के कार्यों की भी सराहना की गई।
एएमयू की मस्जिद में भी पढ़ी गई नमाज
एएमयू की जामा मस्जिद, रजिस्ट्रार की मस्जिद, तार बंगले की मस्जिद, सर सैयद हॉल की मस्जिद, हबीब हॉल की मस्जिद, मेडिकल कॉलेज की मस्जिद, मेडिकल कॉलोनी की मस्जिद, गेस्ट हाउस की मस्जिद में भी जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी गई।
ऊपरकोट क्षेत्र में डटे रहे अफसर
नमाज के दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। ऊपर कोट स्थित जामा मस्जिद में नमाज शुरू होने से पहले अधिकारियों ने कई राउंड लगाए। सब्जी मंडी चौराहे पर आरएएफ व पुलिसकर्मी तैनात रहे। ऊपरकोट में अपर जिलाधिकारी (नगर) श्याम बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक (नगर) अतुल श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट सचिन, क्षेत्राधिकारी राजकुमार, राजीव कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। आवारा पशुओं का विचरण सुबह पांच बजे से शाम चार बजे तक प्रतिबंधित किया गया। सफाई कार्य के लिए 100 अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए थे। शहर को चार सेक्टर बांटा गया था। इसमें ऊपरकोट क्षेत्र, सब्जी मंडी क्षेत्र, सिविल लाइन क्षेत्र व जीवन गढ़ ईदगाह क्षेत्र शामिल था।
इनसेट
ईद की नमाज के वक्त का एलान
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने ईद-उल-फितर की नमाज के वक्त का ऐलान किया।
- शाहजमाल स्थित ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 7:30 बजे।
- ऊपरकोट जामा मस्जिद में सुबह 8:00 बजे।
- ऊपरकोट स्थित बू अली शाह मस्जिद में सुबह 8:30 बजे।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
खड़े हो गए एक ही सफ में महमूद-ओ-अयाज, न कोई बंदा रहा और न कोई बंदा नवाज। कुछ ऐसा ही जुमा अलविदा की नमाज में देखने को मिला। जिसको जहां जगह मिली, वो नमाज के लिए वहीं खड़ा हो गया। जुमा अलविदा की नमाज ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में पढ़ी गई। शहर की खुशहाली और तरक्की के लिए लाखों हाथ दुआ में उठ गए। अलविदा- अलविदा शाहे रमजां के खुतबे पर नमाजियों की आंखों से आंसू निकल आए। रो-रोकर दुआएं मांगी गईं।
जामा मस्जिद में नमाज से पहले तकरीर हुई। इमाम मुफ्ती महमूदुल हसन ने रोजे की फजीलत बयान की। कहा, जो शख्स रोजा किसी सूरत में नहीं रख पाए हैं, वो ईद के बाद जब तंदुरुस्ती साथ दे, तब रोजा रखें। क्योंकि रोजा फर्ज है। इसके बाद इमाम जुमा जामा मस्जिद हाफिज शागिल ने नमाज पढ़ाई। बाहर सड़कों पर और दुकानों में नमाज पढ़ी गई। मस्जिद में यासीन पेंटर माइक की बागडोर संभाले रहे।
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गरीबों तक पहुंचाएं सदके की रकम : शहर मुफ्ती
जामा मस्जिद में नमाजियों को खिताब करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि रमजान महीने में जकात के साथ सदका भी निकलता है। हर शख्स को सदके की शक्ल में 40 रुपये गरीब व जरूरतमंद को देने होंगे। जरूरतमंद शख्स को ईद का चांद दिखने से पहले ये रुपये मिल जाएं, ताकि वो ईद की खुशियों में शामिल हो सके। अगर किसी परिवार में पांच लोग हैं, तो 200 रुपये सदका देना चाहिए। अगले साल भी यह महीना सबको नसीब हो, इसके लिए दुआ कराई गई।
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यूपी सरकार की तारीफ
जामा मस्जिद से बिजली व्यवस्था को लेकर यूपी सरकार की तारीफ की गई, जबकि पूर्व सरकार पर तंज कसा गया। वहीं, नगर निगम और प्रशासन के कार्यों की भी सराहना की गई।
एएमयू की मस्जिद में भी पढ़ी गई नमाज
एएमयू की जामा मस्जिद, रजिस्ट्रार की मस्जिद, तार बंगले की मस्जिद, सर सैयद हॉल की मस्जिद, हबीब हॉल की मस्जिद, मेडिकल कॉलेज की मस्जिद, मेडिकल कॉलोनी की मस्जिद, गेस्ट हाउस की मस्जिद में भी जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी गई।
ऊपरकोट क्षेत्र में डटे रहे अफसर
नमाज के दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। ऊपर कोट स्थित जामा मस्जिद में नमाज शुरू होने से पहले अधिकारियों ने कई राउंड लगाए। सब्जी मंडी चौराहे पर आरएएफ व पुलिसकर्मी तैनात रहे। ऊपरकोट में अपर जिलाधिकारी (नगर) श्याम बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक (नगर) अतुल श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट सचिन, क्षेत्राधिकारी राजकुमार, राजीव कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। आवारा पशुओं का विचरण सुबह पांच बजे से शाम चार बजे तक प्रतिबंधित किया गया। सफाई कार्य के लिए 100 अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए थे। शहर को चार सेक्टर बांटा गया था। इसमें ऊपरकोट क्षेत्र, सब्जी मंडी क्षेत्र, सिविल लाइन क्षेत्र व जीवन गढ़ ईदगाह क्षेत्र शामिल था।
इनसेट
ईद की नमाज के वक्त का एलान
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने ईद-उल-फितर की नमाज के वक्त का ऐलान किया।
- शाहजमाल स्थित ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 7:30 बजे।
- ऊपरकोट जामा मस्जिद में सुबह 8:00 बजे।
- ऊपरकोट स्थित बू अली शाह मस्जिद में सुबह 8:30 बजे।