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जंक्शन पर लगी ईटीवीएम मशीनों पर तैनात होंगे फेसिलिएटर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रेलवे जंक्शन पर एक साल से अधिक समय से सफेद हाथी बनी ईटीवीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट वेंडिग मशीन) से अब जल्द ही धूल हटेगी और यह यात्रियों के लिए लाभदायक साबित होंगे। इलाहाबाद मंडल की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार दोनों मशीनों पर दो फैसिलिएटर (कर्मचारी) की तैनाती की जाएगी। फिलहाल इसके लिए ग्रुप सी के रिटायर्ड कर्मचारियों से आवेदन मांगे गए हैं। जून माह तक इनकी तैनाती कर दी जाएगी।
रेलवे जंक्शन पर ईटीवीएम मशीनों के लगे हुए एक साल का समय हो गया है। मगर, यह मशीनें यात्रियों के किसी काम नहीं आ रही हैं। दरअसल, यात्री इससे स्वयं टिकट खरीदने की प्रक्रिया से अनजान हैं।
इसके कारण मशीन में पैसे फंसने या टिकट न मिलने के डर से मशीन का इस्तेमाल न कर 10 से 20 मिनट लाइन में लगकर टिकट खरीदने को मजबूर हैं। इस बात की शिकायत कई बार स्थानीय अधिकारियों से लेकर इलाहाबाद के अधिकारियों तक से की गई।
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अब रेलवे विभाग ने इस संबंध में कदम उठाया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक तैनाती पाने वाले कर्मचारी का कोई तय मानदेय नहीं होगा। उन्हें टिकट बिक्री की राशि से तीन प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा।
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रेलवे जंक्शन पर एक साल से अधिक समय से सफेद हाथी बनी ईटीवीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट वेंडिग मशीन) से अब जल्द ही धूल हटेगी और यह यात्रियों के लिए लाभदायक साबित होंगे। इलाहाबाद मंडल की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार दोनों मशीनों पर दो फैसिलिएटर (कर्मचारी) की तैनाती की जाएगी। फिलहाल इसके लिए ग्रुप सी के रिटायर्ड कर्मचारियों से आवेदन मांगे गए हैं। जून माह तक इनकी तैनाती कर दी जाएगी।
रेलवे जंक्शन पर ईटीवीएम मशीनों के लगे हुए एक साल का समय हो गया है। मगर, यह मशीनें यात्रियों के किसी काम नहीं आ रही हैं। दरअसल, यात्री इससे स्वयं टिकट खरीदने की प्रक्रिया से अनजान हैं।
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इसके कारण मशीन में पैसे फंसने या टिकट न मिलने के डर से मशीन का इस्तेमाल न कर 10 से 20 मिनट लाइन में लगकर टिकट खरीदने को मजबूर हैं। इस बात की शिकायत कई बार स्थानीय अधिकारियों से लेकर इलाहाबाद के अधिकारियों तक से की गई।
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अब रेलवे विभाग ने इस संबंध में कदम उठाया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक तैनाती पाने वाले कर्मचारी का कोई तय मानदेय नहीं होगा। उन्हें टिकट बिक्री की राशि से तीन प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा।