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सुयोग्य बनाकर देश सेवा में लगाएं विद्यार्थी : डीएम
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
संत फिदेलिस सीनियर स्कूल के मैदान में काकोरी कांड के शहीद, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा. रोशन सिंह व राजेंद्र लाहिड़ी की स्मृति में कार्यक्रम हुआ।
मुख्य अतिथि डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि हम अपने आपको सुयोग्य बनाकर देश सेवा में लगाएं, तभी देश का विकास होगा। सहारनपुर से पधारे योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण ने शहीदों के संबंध में अनेक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि शहीद भगत सिंह की मां विद्यावती ने मुझे स्वयं अपने गले से लगा कर आशीर्वाद दिया है। अतिथियों के साथ प्रिंसिपल फादर सनी कोटूर, फादर ग्रेगरी व डॉ. पूनम शर्मा ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
शिक्षिका नीलम अवस्थी ने कार्यक्रमों की जानकारी दी। कक्षा 11 के छात्र अनुज माहेश्वरी ने शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा के अंश सुनाए। कक्षा सात के छात्र वेदांश भारद्वाज ने अशफाक उल्ला खां का अपनी बहन को लिखा आखिरी पत्र पढ़कर सुनाया। संगीत शिक्षक जितेन कुमार और उनके समूह ने ने बिस्मिल के लिखे गीत ‘दुश्मन के आगे सर ये झुकाया न जाएगा’ को संगीतबद्ध प्रस्तुत किया। शिक्षिका अंजली सिंह द्वारा कक्षा 11 के छात्रों से तैयार कराई गई ‘माइम’ को विशेष रूप से सराहा गया। इस अवसर पर 16 दिसंबर को दिवंगत कक्षा तीन बी की छात्रा माही सिंह का भी स्मरण किया गया। सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी विद्यार्णव शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं, शिक्षिका शोभा अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।
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संत फिदेलिस सीनियर स्कूल के मैदान में काकोरी कांड के शहीद, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा. रोशन सिंह व राजेंद्र लाहिड़ी की स्मृति में कार्यक्रम हुआ।
मुख्य अतिथि डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि हम अपने आपको सुयोग्य बनाकर देश सेवा में लगाएं, तभी देश का विकास होगा। सहारनपुर से पधारे योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण ने शहीदों के संबंध में अनेक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि शहीद भगत सिंह की मां विद्यावती ने मुझे स्वयं अपने गले से लगा कर आशीर्वाद दिया है। अतिथियों के साथ प्रिंसिपल फादर सनी कोटूर, फादर ग्रेगरी व डॉ. पूनम शर्मा ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
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शिक्षिका नीलम अवस्थी ने कार्यक्रमों की जानकारी दी। कक्षा 11 के छात्र अनुज माहेश्वरी ने शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा के अंश सुनाए। कक्षा सात के छात्र वेदांश भारद्वाज ने अशफाक उल्ला खां का अपनी बहन को लिखा आखिरी पत्र पढ़कर सुनाया। संगीत शिक्षक जितेन कुमार और उनके समूह ने ने बिस्मिल के लिखे गीत ‘दुश्मन के आगे सर ये झुकाया न जाएगा’ को संगीतबद्ध प्रस्तुत किया। शिक्षिका अंजली सिंह द्वारा कक्षा 11 के छात्रों से तैयार कराई गई ‘माइम’ को विशेष रूप से सराहा गया। इस अवसर पर 16 दिसंबर को दिवंगत कक्षा तीन बी की छात्रा माही सिंह का भी स्मरण किया गया। सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी विद्यार्णव शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं, शिक्षिका शोभा अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।
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