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शिक्षा रूपी दूध पीने वाला शेर की तरह दहाड़ता है : राजभर
Updated Thu, 24 May 2018 01:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि शिक्षा रूपी दूध पीने वाला व्यक्ति शेर की तरह दहाड़ता है। जबकि अशिक्षित व्यक्ति की हालत सियार की तरह होती है।
कैबिनेट मंत्री राजभर बुधवार को नुमाइश मैदान के कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर करीब 200 दिव्यांग व्यक्तियों को ट्राई साइकिल एवं 400 व्यक्ति को बैसाखी वितरित की गई।
उन्होंने दिव्यांग अभिभावकों से बेटियों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के बीच जूता, मोजा, बैग एवं ड्रेस आदि के वितरण से स्कूलों के प्रति इमेज बदली है।
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उन्होंने कहा कि पहले बच्चे पीठ पर बोरा, हाथ में झोला एवं कटोरा लेकर स्कूल जाते थे, जिसे देखकर अच्छा नहीं लगता था। उन्होंने दिव्यांग लोगों से कहा कि पेंशन एवं अन्य योजनाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भर दें।
राजभर के मंत्री रहते पेंशन की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनके विभाग द्वारा इतना काम किया जा रहा है कि अगले साल साइकिल लेने वाला कोई नहीं बचेगा। विभिन्न विभागों में दिव्यांगों को नौकरी आदि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभी ढाई महीने किसी से कुछ नहीं कहूंगा।
उसके बाद सबसे हिसाब लूंगा कि किस विभाग में कितने दिव्यांगों को नौकरी दी गई। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सिंह, एसीएम प्रथम अनिल कुमार त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह, दिव्यांग अधिकारी वीके सत्यार्थी, कर्मचारी संघ के सुरेेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
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पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि शिक्षा रूपी दूध पीने वाला व्यक्ति शेर की तरह दहाड़ता है। जबकि अशिक्षित व्यक्ति की हालत सियार की तरह होती है।
कैबिनेट मंत्री राजभर बुधवार को नुमाइश मैदान के कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर करीब 200 दिव्यांग व्यक्तियों को ट्राई साइकिल एवं 400 व्यक्ति को बैसाखी वितरित की गई।
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उन्होंने दिव्यांग अभिभावकों से बेटियों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के बीच जूता, मोजा, बैग एवं ड्रेस आदि के वितरण से स्कूलों के प्रति इमेज बदली है।
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उन्होंने कहा कि पहले बच्चे पीठ पर बोरा, हाथ में झोला एवं कटोरा लेकर स्कूल जाते थे, जिसे देखकर अच्छा नहीं लगता था। उन्होंने दिव्यांग लोगों से कहा कि पेंशन एवं अन्य योजनाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भर दें।
राजभर के मंत्री रहते पेंशन की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनके विभाग द्वारा इतना काम किया जा रहा है कि अगले साल साइकिल लेने वाला कोई नहीं बचेगा। विभिन्न विभागों में दिव्यांगों को नौकरी आदि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभी ढाई महीने किसी से कुछ नहीं कहूंगा।
उसके बाद सबसे हिसाब लूंगा कि किस विभाग में कितने दिव्यांगों को नौकरी दी गई। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सिंह, एसीएम प्रथम अनिल कुमार त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह, दिव्यांग अधिकारी वीके सत्यार्थी, कर्मचारी संघ के सुरेेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।