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यूपी बोर्ड परीक्षा में छापेमार कार्रवाई।
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के जिले में नकल रोकने के लिए प्रशासन जहां पूरा जोर लगा रहा है और बेहद सख्त कार्रवाई कर रहा है, ऐसे में भी माफिया अभी बाज नहीं आ रहे। अतरौली में तो नकल माफिया थोड़ी दहशत में रहे, लेकिन अब टप्पल क्षेत्र में माफिया की सक्रियता सामने आई।
टप्पल क्षेत्र में पुलिस ने शनिवार को फिर एक फॉर्म हाउस से पांच सॉल्वरों को प्रश्नपत्र व कॉपियों सहित गिरफ्तार किया। इस मामले में इन पांचों सॉल्वरों के अलावा विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस परीक्षा केंद्र को डिबार करने के अलावा रि-एग्जाम की संस्तुति की गई है।
डीआईओएस ने भी एक परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी। एक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त नहीं पाए गए। इस सहित दो परीक्षा केंद्रों को डिबार करने और रि-एग्जाम की भी संस्तुति की है। सचल दलों की छापेमारी के दौरान कई मुन्नाभाई व नकलची भी पकड़े गए।
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अतरौली के गांव तेवथू में एक साथ 62 लोगोें के पकड़े जाने के बाद भी नकल माफिया अभी अपनी हरकतों के बाज नहीं आ रहे। अब टप्पल क्षेत्र के गांव नगला मेवा में एक फॉर्म हाउस में पुलिस ने अंग्रेजी की इंटरमीडिएट की दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान पांच सॉल्वरों को पकड़ा।
डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने आदर्श टीकाराम सिंह इंटर कॉलेज खुशीपुरा पर छापा मारा। डीआईओएस ने पाया कि वहां प्रबंधक द्वारा छात्राओं को नकल कराई जा रही थी। उन्होंने प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रेवाराम इंटर कॉलेज जिरौली में भी उन्होेंने एक समान उत्तर पुस्तिकाएं पाई। इस पर उन्होंने विशेष स्क्रीनिंग के आदेश दिए।
जनहितकारी शिक्षा समिति नगला झाबरिया में भी डीआईओएस ने एक मुन्नाभाई पकड़ा। टप्पल संवाददाता के अनुसार शनिवार दोपहर की पाली में टप्पल के चंद्रलोक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की अंग्रेजी क ी परीक्षा थी। पुलिस ने गोपनीय सूचना पर उक्त स्कूल से संबंधित फॅार्म हाउस पर छापा मारा। वहां पर एक कमरे में पांच सॉल्वर पकड़ लिए।
यह वहां पेपर सॉल्व कर रहे थे। पकड़े गए सॉल्वरों ने अपने नाम दिनेश शर्मा पुत्र जयकिशोर निवासी मेवा नगला, रामबाबू पुत्र आनंद स्वरूप शर्मा निवासी खंडेहा, पुष्पेंद्र कुमार पुत्र चंद्रवीर सिंह निवासी निगुना-सिगुना, राकेश कुमार पुत्र राजवीर सिंह निवासी बसेरा, शरीफ खान पुत्र शब्बीर निवासी नूरपुर बताए।
उपजिलाधिकारी खैर जोगिंदर सिंह ने बताया कि फार्म हाउस से पकड़े गए 5 सॉल्वरों सहित चंद्रलोक इंटर कॉलेज टप्पल के प्रधानाचार्य के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया जाएगा।
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फर्जी छात्र के रूप में पकड़ा आर्मी मैन
गंगीरी। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा के साथ शनिवार को दूसरी पाली में एसडीएम शिवकुमार व सीओ सुरेश कुमार ने क्षेत्र का दौरा किया तो वहां चंद्रपाल सिंह इंटर कॉलेज औधाखेंडा में सामूहिक नकल मिली। उन्होंने एक केंद्र को डिबार कर परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की। साथ ही कक्ष निरीक्षक के खिलाफ मुकदमा कायम कराने के निर्देश दिए। वहां उन्हें एक फर्जी छात्र भी मिला। वह पहले से ही इंटरमीडिएट पास था और इंडियन आर्मी में कांस्टेबिल के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ भी उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
तेवथू में कार्रवाई से क्षेत्र में माफिया सकते में
गांव तेवथू के स्कूल प्रबंधक के घर से पकड़े गए 62 लोगों में से 56 के जेल जाने और तीन नाबालिग के बाल सुधार ग्रह जाने की हुई कार्रवाई के बाद शनिवार को शिक्षा माफिया में प्रशासन का खौफ रहा। शनिवार को द्वितीय पाली में हुई अंग्रेजी की परीक्षा में माफिया एसडीएम-सीओ के काफिले की लोकेशन लेते रहे। बताते चलें कि इस बार शिक्षा माफिया ने सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए नकल का नया तोड़ निकाला था। नकल माफिया गोपनीय स्थान पर कॉपी लिखवाते और परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपी बदल दी जातीं, लेकिन गुरुवार को एसडीएम शिवकुमार और सीओ सुरेश कुमार मलिक ने बाइक से ही तेवथू के बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक व भाजपा नेता के घर छापा मारा तो यहां से तीन लड़की व तीन नाबालिगों सहित 62 लोगों को बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लिखते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए 62 में 56 लोगों को जेल भेजा गया जबकि तीन नाबालिगों को बाल सुधार गृह। इतनी बड़ी कार्रवाई से शिक्षा माफिया भी सकते में आ गए। नकल के गढ़ कहे जाने वाले अतरौलिया बोर्ड के माफिया के भी होश उड़े हुए हैं।
एक साथ इतने लोग कभी नहीं गए जेल
यूपी बोर्ड परीक्षा हो या फिर कोई अन्य घटना। आजादी के बाद तो इतनी बड़ी संख्या में लोग कभी जेल नहीं गए। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश गौतम बताते हैं कि नकल के मामले में 56 लोगों का जेल जाना बड़ी कार्रवाई है। अतरौली में एक ही केस में एक साथ इतनी बड़ी तादात में लोग कभी जेल नहीं गए।
जमानत के लिए परेशान हैं लोग
56 लोगों व तीन नाबालिगों को छुड़ाने के लिए लोग परेशान रहे। शिक्षा माफिया की करतूत जेल जाने वाले लोगों के परिजनों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। लोग जमानत के लिए वकील और जमानतदार तलाश करते फिर रहे हैं। शनिवार को किसी भी बेल मंजूर नहीं हो सकी। सोमवार को हड़ताल के कारण जमानत होने की उम्मीद कम ही दिख रही है। कुल 59 लोगों के लिए 118 तो जमानतदार चाहिए। इससे लोग बेहद परेशान हैं। आलम यह है कि जेल गए लोगों में किसी घर शादी है तो किसी के घर कोई परेशानी। बहरहाल छोटी सी गलती से सबके सब परेशान हैं।
प्रबंधक कब होंगे गिरफ्तार
अतरौली के समाज सेवी प्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा गया है कि 56 लोगों को तो पुलिस ने जेल भेज दिया। मगर प्रबंधक और डीआईओएस ऑफिस के कर्मचारियों को पुलिस के द्वारा बचाया जा रहा है। माना जा रहा है कि सत्ता का दुरुपयोग कर पुलिस इन लोगों को बचा रही है। पकड़े गए लोगों ने कॉलेज प्रबंधक द्वारा पैसे लेने और कॉपी लिखवाने की बात अधिकारियों के सामने कबूली गई थी। इसके बाद भी इन लोगों को पकड़ा नहीं जा रहा। इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, डीएम, कमिशभनर व सचिव माध्यमिक शिक्षा को भी भेजी गई है।
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शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के जिले में नकल रोकने के लिए प्रशासन जहां पूरा जोर लगा रहा है और बेहद सख्त कार्रवाई कर रहा है, ऐसे में भी माफिया अभी बाज नहीं आ रहे। अतरौली में तो नकल माफिया थोड़ी दहशत में रहे, लेकिन अब टप्पल क्षेत्र में माफिया की सक्रियता सामने आई।
टप्पल क्षेत्र में पुलिस ने शनिवार को फिर एक फॉर्म हाउस से पांच सॉल्वरों को प्रश्नपत्र व कॉपियों सहित गिरफ्तार किया। इस मामले में इन पांचों सॉल्वरों के अलावा विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस परीक्षा केंद्र को डिबार करने के अलावा रि-एग्जाम की संस्तुति की गई है।
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डीआईओएस ने भी एक परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी। एक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त नहीं पाए गए। इस सहित दो परीक्षा केंद्रों को डिबार करने और रि-एग्जाम की भी संस्तुति की है। सचल दलों की छापेमारी के दौरान कई मुन्नाभाई व नकलची भी पकड़े गए।
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अतरौली के गांव तेवथू में एक साथ 62 लोगोें के पकड़े जाने के बाद भी नकल माफिया अभी अपनी हरकतों के बाज नहीं आ रहे। अब टप्पल क्षेत्र के गांव नगला मेवा में एक फॉर्म हाउस में पुलिस ने अंग्रेजी की इंटरमीडिएट की दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान पांच सॉल्वरों को पकड़ा।
डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने आदर्श टीकाराम सिंह इंटर कॉलेज खुशीपुरा पर छापा मारा। डीआईओएस ने पाया कि वहां प्रबंधक द्वारा छात्राओं को नकल कराई जा रही थी। उन्होंने प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रेवाराम इंटर कॉलेज जिरौली में भी उन्होेंने एक समान उत्तर पुस्तिकाएं पाई। इस पर उन्होंने विशेष स्क्रीनिंग के आदेश दिए।
जनहितकारी शिक्षा समिति नगला झाबरिया में भी डीआईओएस ने एक मुन्नाभाई पकड़ा। टप्पल संवाददाता के अनुसार शनिवार दोपहर की पाली में टप्पल के चंद्रलोक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की अंग्रेजी क ी परीक्षा थी। पुलिस ने गोपनीय सूचना पर उक्त स्कूल से संबंधित फॅार्म हाउस पर छापा मारा। वहां पर एक कमरे में पांच सॉल्वर पकड़ लिए।
यह वहां पेपर सॉल्व कर रहे थे। पकड़े गए सॉल्वरों ने अपने नाम दिनेश शर्मा पुत्र जयकिशोर निवासी मेवा नगला, रामबाबू पुत्र आनंद स्वरूप शर्मा निवासी खंडेहा, पुष्पेंद्र कुमार पुत्र चंद्रवीर सिंह निवासी निगुना-सिगुना, राकेश कुमार पुत्र राजवीर सिंह निवासी बसेरा, शरीफ खान पुत्र शब्बीर निवासी नूरपुर बताए।
उपजिलाधिकारी खैर जोगिंदर सिंह ने बताया कि फार्म हाउस से पकड़े गए 5 सॉल्वरों सहित चंद्रलोक इंटर कॉलेज टप्पल के प्रधानाचार्य के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया जाएगा।
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फर्जी छात्र के रूप में पकड़ा आर्मी मैन
गंगीरी। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा के साथ शनिवार को दूसरी पाली में एसडीएम शिवकुमार व सीओ सुरेश कुमार ने क्षेत्र का दौरा किया तो वहां चंद्रपाल सिंह इंटर कॉलेज औधाखेंडा में सामूहिक नकल मिली। उन्होंने एक केंद्र को डिबार कर परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की। साथ ही कक्ष निरीक्षक के खिलाफ मुकदमा कायम कराने के निर्देश दिए। वहां उन्हें एक फर्जी छात्र भी मिला। वह पहले से ही इंटरमीडिएट पास था और इंडियन आर्मी में कांस्टेबिल के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ भी उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
तेवथू में कार्रवाई से क्षेत्र में माफिया सकते में
गांव तेवथू के स्कूल प्रबंधक के घर से पकड़े गए 62 लोगों में से 56 के जेल जाने और तीन नाबालिग के बाल सुधार ग्रह जाने की हुई कार्रवाई के बाद शनिवार को शिक्षा माफिया में प्रशासन का खौफ रहा। शनिवार को द्वितीय पाली में हुई अंग्रेजी की परीक्षा में माफिया एसडीएम-सीओ के काफिले की लोकेशन लेते रहे। बताते चलें कि इस बार शिक्षा माफिया ने सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए नकल का नया तोड़ निकाला था। नकल माफिया गोपनीय स्थान पर कॉपी लिखवाते और परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपी बदल दी जातीं, लेकिन गुरुवार को एसडीएम शिवकुमार और सीओ सुरेश कुमार मलिक ने बाइक से ही तेवथू के बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक व भाजपा नेता के घर छापा मारा तो यहां से तीन लड़की व तीन नाबालिगों सहित 62 लोगों को बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लिखते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए 62 में 56 लोगों को जेल भेजा गया जबकि तीन नाबालिगों को बाल सुधार गृह। इतनी बड़ी कार्रवाई से शिक्षा माफिया भी सकते में आ गए। नकल के गढ़ कहे जाने वाले अतरौलिया बोर्ड के माफिया के भी होश उड़े हुए हैं।
एक साथ इतने लोग कभी नहीं गए जेल
यूपी बोर्ड परीक्षा हो या फिर कोई अन्य घटना। आजादी के बाद तो इतनी बड़ी संख्या में लोग कभी जेल नहीं गए। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश गौतम बताते हैं कि नकल के मामले में 56 लोगों का जेल जाना बड़ी कार्रवाई है। अतरौली में एक ही केस में एक साथ इतनी बड़ी तादात में लोग कभी जेल नहीं गए।
जमानत के लिए परेशान हैं लोग
56 लोगों व तीन नाबालिगों को छुड़ाने के लिए लोग परेशान रहे। शिक्षा माफिया की करतूत जेल जाने वाले लोगों के परिजनों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। लोग जमानत के लिए वकील और जमानतदार तलाश करते फिर रहे हैं। शनिवार को किसी भी बेल मंजूर नहीं हो सकी। सोमवार को हड़ताल के कारण जमानत होने की उम्मीद कम ही दिख रही है। कुल 59 लोगों के लिए 118 तो जमानतदार चाहिए। इससे लोग बेहद परेशान हैं। आलम यह है कि जेल गए लोगों में किसी घर शादी है तो किसी के घर कोई परेशानी। बहरहाल छोटी सी गलती से सबके सब परेशान हैं।
प्रबंधक कब होंगे गिरफ्तार
अतरौली के समाज सेवी प्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा गया है कि 56 लोगों को तो पुलिस ने जेल भेज दिया। मगर प्रबंधक और डीआईओएस ऑफिस के कर्मचारियों को पुलिस के द्वारा बचाया जा रहा है। माना जा रहा है कि सत्ता का दुरुपयोग कर पुलिस इन लोगों को बचा रही है। पकड़े गए लोगों ने कॉलेज प्रबंधक द्वारा पैसे लेने और कॉपी लिखवाने की बात अधिकारियों के सामने कबूली गई थी। इसके बाद भी इन लोगों को पकड़ा नहीं जा रहा। इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, डीएम, कमिशभनर व सचिव माध्यमिक शिक्षा को भी भेजी गई है।