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अब होगा स्ट्रीम का सही चुनाव, पैक्ट करेगा राह आसान
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:41 AM IST
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अब होगा स्ट्रीम का सही चुनाव, पैक्ट करेगा राह आसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आमतौर पर स्कूली शिक्षा के दौरान छात्र-छात्रों में सही स्ट्रीम का चुनाव एवं स्कूली शिक्षा के बाद किस क्षेत्र में अपने कैरियर को ले जाना है, यह चिंता न सिर्फ छात्रों को होती है, बल्कि अभिभावकों को भी रहती है। सही चुनाव करना एक कठिन कार्य होता है। इसी समस्या को देखते हुए अमर उजाला के माध्यम से बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल में साइकोमेट्रिक असेसमेंट कैरियर टेस्ट (पैक्ट) के प्रथम पड़ाव यानी इंट्रेस्ट टेस्ट को पार करने के बाद दूसरे व अंतिम पड़ाव यानी एप्टीट्यूड टेस्ट को आयोजित किया गया। टेस्ट आयोजित कराने में प्रधानाचार्या रश्मि ग्रोवर, आरती खंडेलवाल, पूर्णिमा मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।
जब बच्चों ने एप्टीट्यूड पेपर को देखा तो उनके चेहरे खिल उठे। अधिकतर बच्चों का कहना यही था कि जो उनका एप्टीट्यूड पेपर आया है। उन्हीं विषयों में उनका रुझान अधिकतम है एवं उनकी रुचि का विषय भी यही है। ज्यादातर का कहना यही था कि उनका इंटरेस्ट भी इन्हीं विषयों में है, जो टेस्ट के अनुसार निकला है।
अमर उजाला एजूकेशन ने देशभर के स्कूली बच्चों के लिए एक साइकोमेट्रिक असेसमेंट कैरियर टेस्ट की शुरुआत की है। पैक्ट को भारत के प्रमुख मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर डॉक्टर के. डी. ब्रूटा एवं प्रोफेसर डॉ. अरुणा ब्रूटा ने तैयार किया है। पैक्ट की सबसे अच्छी बात यह है कि वह बहुत कम कीमत पर यह टेस्ट देश के सभी हिंदी और अंग्रेजी मीडियम वाले सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में उपलब्ध है। सैकड़ों संस्थानों के बावजूद युवा पीढ़ी मैं कैरियर को लेकर अनिश्चितता है। ऐसा शुरुआती स्तर यानी दसवीं और बारहवीं कक्षा में और भी ज्यादा रहता है। ऐसे मेंए पैक्ट विद्यार्थियों को उनकी रुचि, कौशल और क्षमताओं को जानने में मदद करेगा, जिससे वह अपने लिए सही कैरियर का निर्धारण कर सकें।
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कई बार ऐसा देखने में आता है कि युवा अपने अभिभावकों या समाज के दबाव या फिर दोस्तों की बातों में आकर अपनी रुचि के अनुसार अपना कैरियर चुनने में गलती कर बैठते हैं। इसकी एक और वजह अपनी रुचि और एप्टिट्यूड में भेद ना कर पाना भी है। मान लीजिए अगर व्यक्ति के कैरियर के किसी क्षेत्र में खास रुचि है तो जरूरी नहीं कि उस व्यक्ति का एप्टिट्यूड और क्षमता उस क्षेत्र में सफलता पाने के लिए पर्याप्त हो। मिसाल के तौर पर आपकी रुचि हवाई जहाज को उड़ाने में है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपका तकनीकी कौशल आपकी इस सूची से मेल खाता हो। पैक्ट में आपकी रुचि और एप्टीट्यूड दोनों की परख की जाती है। इन दोनों के उपयुक्त होने पर ही बच्चे आगे अपने कैरियर के लिए सही स्ट्रीम का चुनाव बेहतर ढंग से कर पाते हैं।
पैक्ट के तहत कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों के लिए टू स्टेप असेसमेंट की प्रक्रिया होगी। इसमें पहले टेस्ट से विद्यार्थी की रुचि और रुझान का पता चलेगा। पहले टेस्ट के नतीजे के आधार पर दूसरा टेस्ट होगा, जो विद्यार्थी के एप्टिट्यूड की समग्र जांच करेगा। इसकी अधिक जानकारी छात्र अपने स्कूल से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त 222.ह्यड्डद्घड्डद्यह्लड्ड.ष्शद्व/क्कभनष्टञ्ज या मोबाइल नं. 9675201315 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आमतौर पर स्कूली शिक्षा के दौरान छात्र-छात्रों में सही स्ट्रीम का चुनाव एवं स्कूली शिक्षा के बाद किस क्षेत्र में अपने कैरियर को ले जाना है, यह चिंता न सिर्फ छात्रों को होती है, बल्कि अभिभावकों को भी रहती है। सही चुनाव करना एक कठिन कार्य होता है। इसी समस्या को देखते हुए अमर उजाला के माध्यम से बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल में साइकोमेट्रिक असेसमेंट कैरियर टेस्ट (पैक्ट) के प्रथम पड़ाव यानी इंट्रेस्ट टेस्ट को पार करने के बाद दूसरे व अंतिम पड़ाव यानी एप्टीट्यूड टेस्ट को आयोजित किया गया। टेस्ट आयोजित कराने में प्रधानाचार्या रश्मि ग्रोवर, आरती खंडेलवाल, पूर्णिमा मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।
जब बच्चों ने एप्टीट्यूड पेपर को देखा तो उनके चेहरे खिल उठे। अधिकतर बच्चों का कहना यही था कि जो उनका एप्टीट्यूड पेपर आया है। उन्हीं विषयों में उनका रुझान अधिकतम है एवं उनकी रुचि का विषय भी यही है। ज्यादातर का कहना यही था कि उनका इंटरेस्ट भी इन्हीं विषयों में है, जो टेस्ट के अनुसार निकला है।
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अमर उजाला एजूकेशन ने देशभर के स्कूली बच्चों के लिए एक साइकोमेट्रिक असेसमेंट कैरियर टेस्ट की शुरुआत की है। पैक्ट को भारत के प्रमुख मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर डॉक्टर के. डी. ब्रूटा एवं प्रोफेसर डॉ. अरुणा ब्रूटा ने तैयार किया है। पैक्ट की सबसे अच्छी बात यह है कि वह बहुत कम कीमत पर यह टेस्ट देश के सभी हिंदी और अंग्रेजी मीडियम वाले सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में उपलब्ध है। सैकड़ों संस्थानों के बावजूद युवा पीढ़ी मैं कैरियर को लेकर अनिश्चितता है। ऐसा शुरुआती स्तर यानी दसवीं और बारहवीं कक्षा में और भी ज्यादा रहता है। ऐसे मेंए पैक्ट विद्यार्थियों को उनकी रुचि, कौशल और क्षमताओं को जानने में मदद करेगा, जिससे वह अपने लिए सही कैरियर का निर्धारण कर सकें।
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कई बार ऐसा देखने में आता है कि युवा अपने अभिभावकों या समाज के दबाव या फिर दोस्तों की बातों में आकर अपनी रुचि के अनुसार अपना कैरियर चुनने में गलती कर बैठते हैं। इसकी एक और वजह अपनी रुचि और एप्टिट्यूड में भेद ना कर पाना भी है। मान लीजिए अगर व्यक्ति के कैरियर के किसी क्षेत्र में खास रुचि है तो जरूरी नहीं कि उस व्यक्ति का एप्टिट्यूड और क्षमता उस क्षेत्र में सफलता पाने के लिए पर्याप्त हो। मिसाल के तौर पर आपकी रुचि हवाई जहाज को उड़ाने में है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपका तकनीकी कौशल आपकी इस सूची से मेल खाता हो। पैक्ट में आपकी रुचि और एप्टीट्यूड दोनों की परख की जाती है। इन दोनों के उपयुक्त होने पर ही बच्चे आगे अपने कैरियर के लिए सही स्ट्रीम का चुनाव बेहतर ढंग से कर पाते हैं।
पैक्ट के तहत कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों के लिए टू स्टेप असेसमेंट की प्रक्रिया होगी। इसमें पहले टेस्ट से विद्यार्थी की रुचि और रुझान का पता चलेगा। पहले टेस्ट के नतीजे के आधार पर दूसरा टेस्ट होगा, जो विद्यार्थी के एप्टिट्यूड की समग्र जांच करेगा। इसकी अधिक जानकारी छात्र अपने स्कूल से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त 222.ह्यड्डद्घड्डद्यह्लड्ड.ष्शद्व/क्कभनष्टञ्ज या मोबाइल नं. 9675201315 पर भी संपर्क किया जा सकता है।