{"_id":"59a86efa4f1c1b14278b4ac1","slug":"71504210682-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च न्यायालय ने तलब किए डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च न्यायालय ने तलब किए डीएम
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्च न्यायालय ने तलब किए डीएम
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर शासनादेश का हवाला देते हुए एक साल तक तारीख न देने के मामले में उच्च न्यायालय ने डीएम को तलब कर लिया है। उन्होंने चार सितंबर को न्यायालय बुलाया गया है।
बताते चलें कि पूर्व में उच्च न्यायालय ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लौटाते हुए विपक्षियों को दोबारा से प्रस्ताव प्रशासन को देने का विकल्प दिया था। इस मामले में विपक्षियों ने जब डीएम से मुलाकात की तो उन्होंने पहले शासन से निर्देश लेने की बात कही और उसके बाद शासनादेश का हवाला देते हुए नियमानुसार एक वर्ष तक अविश्वास प्रस्ताव मामले में तारीख न देने की बात कही। इससे नाराज विपक्षियों ने दोबारा से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ ने बताया कि इस मामले में गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय ने कहा कि जब न्यायालय की डबल बैंच ने अविश्वास प्रस्ताव की दोबारा से तारीख नियत करने का आदेश दिया था तो इस पर शासन से निर्देश लेने की क्या तुक थी। सरकारी पक्ष जानने के लिए न्यायालय ने चार सितंबर को डीएम को तलब कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर शासनादेश का हवाला देते हुए एक साल तक तारीख न देने के मामले में उच्च न्यायालय ने डीएम को तलब कर लिया है। उन्होंने चार सितंबर को न्यायालय बुलाया गया है।
बताते चलें कि पूर्व में उच्च न्यायालय ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लौटाते हुए विपक्षियों को दोबारा से प्रस्ताव प्रशासन को देने का विकल्प दिया था। इस मामले में विपक्षियों ने जब डीएम से मुलाकात की तो उन्होंने पहले शासन से निर्देश लेने की बात कही और उसके बाद शासनादेश का हवाला देते हुए नियमानुसार एक वर्ष तक अविश्वास प्रस्ताव मामले में तारीख न देने की बात कही। इससे नाराज विपक्षियों ने दोबारा से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ ने बताया कि इस मामले में गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय ने कहा कि जब न्यायालय की डबल बैंच ने अविश्वास प्रस्ताव की दोबारा से तारीख नियत करने का आदेश दिया था तो इस पर शासन से निर्देश लेने की क्या तुक थी। सरकारी पक्ष जानने के लिए न्यायालय ने चार सितंबर को डीएम को तलब कर लिया है।
विज्ञापन