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इस बार ठंडा रहा गरम कपड़ों का कारोबार
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
मध्य दिसंबर से लेकर मध्य जनवरी मकर संक्रांति तक अक्सर पड़ने वाली कड़ाके की सर्दी इस बार नहीं पड़ने से गरम कपड़ों का बाजार भी ठंडा रहा। व्यापारी जिन्होंने अच्छा खासा विंटर कलेक्शन इकट्ठा किया था। उनके माथे पर चिंता की लकीरें हैं। इस बार सर्दी का मौसम कारोबारी दृष्टिकोण से बहुत अच्छा नहीं रहा है।
मकर संक्रांति के बाद मानकर चला जाता है कि सर्दियों की तल्खी कम होनी शुरू हो जाती है। सूर्य का पथ बदल जाता है। दिन बड़े होने शुरू हो जाते हैं। रेडीमेड गारमेंट्स के वह दुकानदार जिन्होंने सर्दियों को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में गरम कपड़ों का स्टाक किया था, सर्दी के सामान्य रहने से निराश हैं। क्योंकि कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ने का असर गरम कपड़ों की सेल पर हुआ है।
हर बार की तरह इस बार विंटर सीजन की सेल में भारी फर्क है। स्टाक हमारे पास भरपूर है, लेकिन उसके अनुपात में सेल बहुत कम रही है। पहले प्रत्येक दिन ढाई से तीन लाख रुपये तक की सेल होती थी। इस बार आंकड़ा एक से डेढ़ लाख रुपये पर सिमट गया है।
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रवि कुमार शर्मा, मैनेजर वीमार्ट
इस बार एक तो शादी के सहालग कम हैं। इस कारण भी कंपनियों ने उत्पादन कम किया है। दूसरा सर्दी का कम पड़ना भी सेल के कम होने का एक कारण है। युवा अक्सर गर्म कैप और ग्लब्स पसंद करते थे। इस बार बिल्कुल भी डिमांड नहीं है। थोक में माल मंगाने वाले भी नया माल अब नहीं मंगा रहे हैं।
- राजा राजानी, दरवेश रेडीमेड
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मध्य दिसंबर से लेकर मध्य जनवरी मकर संक्रांति तक अक्सर पड़ने वाली कड़ाके की सर्दी इस बार नहीं पड़ने से गरम कपड़ों का बाजार भी ठंडा रहा। व्यापारी जिन्होंने अच्छा खासा विंटर कलेक्शन इकट्ठा किया था। उनके माथे पर चिंता की लकीरें हैं। इस बार सर्दी का मौसम कारोबारी दृष्टिकोण से बहुत अच्छा नहीं रहा है।
मकर संक्रांति के बाद मानकर चला जाता है कि सर्दियों की तल्खी कम होनी शुरू हो जाती है। सूर्य का पथ बदल जाता है। दिन बड़े होने शुरू हो जाते हैं। रेडीमेड गारमेंट्स के वह दुकानदार जिन्होंने सर्दियों को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में गरम कपड़ों का स्टाक किया था, सर्दी के सामान्य रहने से निराश हैं। क्योंकि कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ने का असर गरम कपड़ों की सेल पर हुआ है।
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हर बार की तरह इस बार विंटर सीजन की सेल में भारी फर्क है। स्टाक हमारे पास भरपूर है, लेकिन उसके अनुपात में सेल बहुत कम रही है। पहले प्रत्येक दिन ढाई से तीन लाख रुपये तक की सेल होती थी। इस बार आंकड़ा एक से डेढ़ लाख रुपये पर सिमट गया है।
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रवि कुमार शर्मा, मैनेजर वीमार्ट
इस बार एक तो शादी के सहालग कम हैं। इस कारण भी कंपनियों ने उत्पादन कम किया है। दूसरा सर्दी का कम पड़ना भी सेल के कम होने का एक कारण है। युवा अक्सर गर्म कैप और ग्लब्स पसंद करते थे। इस बार बिल्कुल भी डिमांड नहीं है। थोक में माल मंगाने वाले भी नया माल अब नहीं मंगा रहे हैं।
- राजा राजानी, दरवेश रेडीमेड