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गांधी पार्क बस स्टैंड के स्टोर में ट्राईसाइकिल फांक रही धूल
Updated Mon, 26 Nov 2018 02:07 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
पीपीपी मॉडल के तहत बनाए गए गांधी पार्क बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन कुछ संसाधन तो ऐसे हैं जो कि आज भी स्टोर में धूल फांक रहे हैं। इसमें से एक है ट्राई साइकिल। ट्राई साइकिल के स्टोर में धूल फांकने के कारण बस स्टैंड से यार्ड तक दिव्यांगों को अपने परिजनों की पीठ पर सवार होकर जाना पड़ता है। कुछ विकलांग तो ऐसे हैं जो कि जमीन पर अपने शरीर को घिसते हुए बस तक पहुंचते हैं।
पीपीपी मॉडल के बने बस स्टैंडों पर विकलांगों के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां तक कि उनके लिए बने शौचालय में कमोड तक लगाए गए हैं ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। साथ ही बस से उतरने के बाद दूसरे बस में सवार होने के लिए ट्राइसाइकिल भी उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है कि गांधी पार्क बस अड्डे पर रखी ट्राई साइकिल महीनों से धूल फांक रही है। मंगलवार को स्टोर की सफाई हुई तो ट्राई साइकिल को उठाकर दूसरे स्थान पर रख दिया गया है, लेकिन उसे ऐसे स्थान पर नहीं रखा गया है जहां से ट्राई साइकिल का दिव्यांग और उनके परिजन इस्तेमाल कर सके।
यदि कोई दिव्यांग या उसका परिजन ट्राई साइकिल की मांग करता है तो उसे उपलब्ध कराई जाती है। गांधी पार्क बस स्टैंड के पूछताछ पर ट्राई साइकिल की उपलब्धता के संबंध में एक बोर्ड लगवाया जाएगा। ताकि दिव्यांगों र्ट्राई साइकिल का प्रयोग कर सके।
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यूपी सिंह, एआरएम फाइनेंस
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पीपीपी मॉडल के तहत बनाए गए गांधी पार्क बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन कुछ संसाधन तो ऐसे हैं जो कि आज भी स्टोर में धूल फांक रहे हैं। इसमें से एक है ट्राई साइकिल। ट्राई साइकिल के स्टोर में धूल फांकने के कारण बस स्टैंड से यार्ड तक दिव्यांगों को अपने परिजनों की पीठ पर सवार होकर जाना पड़ता है। कुछ विकलांग तो ऐसे हैं जो कि जमीन पर अपने शरीर को घिसते हुए बस तक पहुंचते हैं।
पीपीपी मॉडल के बने बस स्टैंडों पर विकलांगों के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां तक कि उनके लिए बने शौचालय में कमोड तक लगाए गए हैं ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। साथ ही बस से उतरने के बाद दूसरे बस में सवार होने के लिए ट्राइसाइकिल भी उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है कि गांधी पार्क बस अड्डे पर रखी ट्राई साइकिल महीनों से धूल फांक रही है। मंगलवार को स्टोर की सफाई हुई तो ट्राई साइकिल को उठाकर दूसरे स्थान पर रख दिया गया है, लेकिन उसे ऐसे स्थान पर नहीं रखा गया है जहां से ट्राई साइकिल का दिव्यांग और उनके परिजन इस्तेमाल कर सके।
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यदि कोई दिव्यांग या उसका परिजन ट्राई साइकिल की मांग करता है तो उसे उपलब्ध कराई जाती है। गांधी पार्क बस स्टैंड के पूछताछ पर ट्राई साइकिल की उपलब्धता के संबंध में एक बोर्ड लगवाया जाएगा। ताकि दिव्यांगों र्ट्राई साइकिल का प्रयोग कर सके।
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यूपी सिंह, एआरएम फाइनेंस