{"_id":"5b4909ec4f1c1b3f748b4837","slug":"61531513324-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी नहीं तो महिलाएं आ गईं बच्चों की नानी के घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी नहीं तो महिलाएं आ गईं बच्चों की नानी के घर
Updated Sat, 14 Jul 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जलापूर्ति बाधित होने से पुराने शहर में अब पेयजल के लिए हाहाकार मचने लगा है। नगर निगम के टैंकर के पानी से नमाजियों ने वजू किया। लगातार पेयजल की किल्लत के चलते महिलाएं मायके जाने लगी हैं।
जुमे की नमाज पढ़ने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इधर-उधर से पानी का जुगाड़ करके नहाया-धोया। इलाके में कई दिनों से पेयजल की किल्लत बनी है। इस किल्लत से मोहल्ले के लोगों में उबाल है। तमाम प्रयासों के बाद चौक बुंदू, लुत्फिया इंटर कॉलेज, जामा मस्जिद सहित अन्य जगहों पर नगर निगम के टैंकर भिजवाए।
उधर, काला महल मोहल्ले में जलापूर्ति बाधित होने से महिलाएं अपने मायके जाने लगी हैं, जो परिवार के लिए चिंता का सबब बन गया है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो महिलाओं का मायका और ससुराल आने का सिलसिला जारी रहेगा।
विज्ञापन
ट्यूबवेल खराब होने से पानी की किल्लत हो रही है। ऊपर कोट पर कोतवाली के सामने ही कुछ दिनों पहले बोरिंग नए नलकूप का शुभारंभ हुआ था। इस नलकूप की बोरिंग 450 फीट की है।
जैसे ही गर्मी का प्रकोप बढ़ा, इस नलकूप ने पानी देना बंद कर दिया। फिर, नया मोटर लगाया गया, लेकिन वह भी बेकार साबित हुआ। इससे पीर अताउल्ला, मोहल्ला शेखान, देहलीगेट, हाथी वाला पुल, सुनहर, आतिशबाजान, जयगंज डाकखाना, घास की मंडी आदि इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है।
मैंने अपनी जिंदगी में पानी की किल्लत कभी इतनी नहीं देखी, जितना इन दिनों देख रहा हूं। नगर निगम को इस ओर ध्यान की जरूरत है।
- हाजी यामीन अहमद, काला महल
पानी की किल्लत के चलते लोगों में काफी गुस्सा है। पिछले कई दिनों से इस समस्या से आमजन जूझ रहे हैं। ट्यूबवेल की मरम्मत जल्द हो।
- गुलजार अहमद, समाजसेवी
विज्ञापन
जलापूर्ति बाधित होने से पुराने शहर में अब पेयजल के लिए हाहाकार मचने लगा है। नगर निगम के टैंकर के पानी से नमाजियों ने वजू किया। लगातार पेयजल की किल्लत के चलते महिलाएं मायके जाने लगी हैं।
जुमे की नमाज पढ़ने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इधर-उधर से पानी का जुगाड़ करके नहाया-धोया। इलाके में कई दिनों से पेयजल की किल्लत बनी है। इस किल्लत से मोहल्ले के लोगों में उबाल है। तमाम प्रयासों के बाद चौक बुंदू, लुत्फिया इंटर कॉलेज, जामा मस्जिद सहित अन्य जगहों पर नगर निगम के टैंकर भिजवाए।
विज्ञापन
उधर, काला महल मोहल्ले में जलापूर्ति बाधित होने से महिलाएं अपने मायके जाने लगी हैं, जो परिवार के लिए चिंता का सबब बन गया है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो महिलाओं का मायका और ससुराल आने का सिलसिला जारी रहेगा।
विज्ञापन
ट्यूबवेल खराब होने से पानी की किल्लत हो रही है। ऊपर कोट पर कोतवाली के सामने ही कुछ दिनों पहले बोरिंग नए नलकूप का शुभारंभ हुआ था। इस नलकूप की बोरिंग 450 फीट की है।
जैसे ही गर्मी का प्रकोप बढ़ा, इस नलकूप ने पानी देना बंद कर दिया। फिर, नया मोटर लगाया गया, लेकिन वह भी बेकार साबित हुआ। इससे पीर अताउल्ला, मोहल्ला शेखान, देहलीगेट, हाथी वाला पुल, सुनहर, आतिशबाजान, जयगंज डाकखाना, घास की मंडी आदि इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है।
मैंने अपनी जिंदगी में पानी की किल्लत कभी इतनी नहीं देखी, जितना इन दिनों देख रहा हूं। नगर निगम को इस ओर ध्यान की जरूरत है।
- हाजी यामीन अहमद, काला महल
पानी की किल्लत के चलते लोगों में काफी गुस्सा है। पिछले कई दिनों से इस समस्या से आमजन जूझ रहे हैं। ट्यूबवेल की मरम्मत जल्द हो।
- गुलजार अहमद, समाजसेवी