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तमाम चेताव नियां बेअसर, सत्यापन अब भी अधूरा
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:59 AM IST
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तमाम चेतावनियां बेअसर, सत्यापन अब भी अधूरा
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
लंबे समय से पेंशन का इंतजार कर रहे वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा एवं समाजवादी पेंशनरों का इंतजार हाल फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। शासन के सख्त आदेशों के बावजूद लेखपाल सत्यापन से जी चुरा रहे
हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 जून की अंतिम तिथि गुजरने के एक माह बाद भी अब तक जिले की 200 ग्राम पंचायतों में पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो सका है।
और तो और शहरी क्षेत्र में तो सर्वे शुरू तक नहीं हुआ है। बताते चलें कि जिले में वृद्धावस्था के 43 हजार, समाजवादी पेंशन के 56 हजार, विकलांग पेंशन के 14236 और विधवा पेंशन के 20 हजार लाभार्थियों का सत्यापन होना है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी ने स्वीकार किया कि अब तक मात्र 752 ग्राम पंचायतों में सत्यापन का कार्य पूर्ण हो सका है। शहरी क्षेत्र में तमाम नोटिसों के बावजूद सत्यापन शुरू भी नहीं हुआ है।
लगातार चक्कर काट रहे पेंशनर
विकास भवन में मिले गांव स्यारौल के हेतराम ने बताया कि वह दो माह से अपनी वृद्धावस्था पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन बाबू हमेशा यह कहकर टरका देता है कि शासन ने सत्यापन से पहले सभी पेंशनों पर रोक लगा दी है। गांव हेमतपुर की बरफो देवी ने बताया कि उनकी भी विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। समाज कल्याण विभाग के लोग मात्र आश्वासन देकर टाल देते हैं। कहा कि वह 65 बरस की बुढ़िया कब तक चक्कर लगाएंगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
लंबे समय से पेंशन का इंतजार कर रहे वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा एवं समाजवादी पेंशनरों का इंतजार हाल फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। शासन के सख्त आदेशों के बावजूद लेखपाल सत्यापन से जी चुरा रहे
हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 जून की अंतिम तिथि गुजरने के एक माह बाद भी अब तक जिले की 200 ग्राम पंचायतों में पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो सका है।
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और तो और शहरी क्षेत्र में तो सर्वे शुरू तक नहीं हुआ है। बताते चलें कि जिले में वृद्धावस्था के 43 हजार, समाजवादी पेंशन के 56 हजार, विकलांग पेंशन के 14236 और विधवा पेंशन के 20 हजार लाभार्थियों का सत्यापन होना है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी ने स्वीकार किया कि अब तक मात्र 752 ग्राम पंचायतों में सत्यापन का कार्य पूर्ण हो सका है। शहरी क्षेत्र में तमाम नोटिसों के बावजूद सत्यापन शुरू भी नहीं हुआ है।
लगातार चक्कर काट रहे पेंशनर
विकास भवन में मिले गांव स्यारौल के हेतराम ने बताया कि वह दो माह से अपनी वृद्धावस्था पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन बाबू हमेशा यह कहकर टरका देता है कि शासन ने सत्यापन से पहले सभी पेंशनों पर रोक लगा दी है। गांव हेमतपुर की बरफो देवी ने बताया कि उनकी भी विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। समाज कल्याण विभाग के लोग मात्र आश्वासन देकर टाल देते हैं। कहा कि वह 65 बरस की बुढ़िया कब तक चक्कर लगाएंगी।