Lakhpati Didi: महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, तालानगरी की साढ़े 54 हजार दीदियां बनीं लखपति
एनआरएलएम से जुड़कर अपने कारोबार को ऊंचाइयों पर ले जाने वाली 54,449 महिलाओं को लखपति सूची में शामिल कर सूची शासन को भेजी गई। विभाग ने 39,019 महिलाओं का प्रमाणीकरण कर प्रमाणपत्र सौंप दिया है।
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महिलाएं अब स्वरोजगार के जरिये आत्मनिर्भर बन रही हैं। पिछले दो साल में अलीगढ़ जिले की साढ़े 54 हजार दीदियां लखपति बन चुकी हैं। इनका नाम लखपति दीदी की सूची में शामिल हो चुका है।
जिले में करीब साढ़े 16 हजार स्वयं सहायता समूह हैं, जिनमें करीब 1.78 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। अगस्त 2023 में केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना शुरू की। जिसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक तौर पर स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाना था। इस योजना के जरिये जिले को 75,334 दीदियों को लखपति बनाने का लक्ष्य मिला था।
इनमें से एनआरएलएम से जुड़कर अपने कारोबार को ऊंचाइयों पर ले जाने वाली 54,449 महिलाओं को लखपति सूची में शामिल कर सूची शासन को भेजी गई। विभाग ने 39,019 महिलाओं का प्रमाणीकरण कर प्रमाणपत्र सौंप दिया है। अन्य के प्रमाणीकरण की कार्रवाई चल रही है।
एनआरएलएम के तहत ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई सारी योजना शुरू की गई है। इससे महिलाओं में रोजगार के प्रति उत्साह बढ़ा है। वह मसाला, आचार, पूजा का सामान, चप्पल आदि बनाने के कार्य में तेजी से बढ़ी हैं। साढ़े 54 हजार महिलाओं को लखपति योजना में शामिल किया जा चुका है। - भालचंद्र त्रिपाठी, पीडी
ब्लॉक-लखपति दी की संख्या
अकराबाद-4701
अतरौली-6,447
बिजौली-3,842
चंडौस-4,054
धनीपुर-5,100
गंगीरी-3,476
गोंडा-4,686
इगलास-3,989
जवां-4,690
खैर-3,782
लोधा-5,404
टप्पल-4,344
कुल-54,496