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घायल को अस्पताल पहुंचाओ, दो हजार पाओ
Updated Fri, 28 Sep 2018 01:29 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सड़क दुर्घटना होने पर अगर आप किसी घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाते हैं तो आपको न सिर्फ पुलिस पूछताछ से मुक्ति मिलेगी बल्कि प्रोत्साहन के रूप में परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा कोष से दो हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि (गुड सैमेरिटन) भी मिलेगी। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पैदा करने के मकसद से यह व्यवस्था शुरू की गई है। दीन दयाल संयुक्त अस्पताल में इस आशय का एक डिसप्ले बोर्ड भी लगा दिया गया है।
यह देखा जाता है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायलों के लिए लोग या तो एंबुलेंस को फोन कर देते हैं या पुलिस को फोन कर देते हैं। या फिर किनारा करके निकल जाते हैं। इसके चलते घायलों को तुरंत ही उपचार मिलना कभी कभी संभव नहीं हो पाता है।
अब गुड सैमेरिटन (नेक आदमी) योजना के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को दो हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि जिलाधिकारी के माध्यम से मिलना संभव होगा। दीन दयाल अस्पताल में लगाए गए बोर्ड में कहा गया है कि इस तरह के घायल को अस्पताल लाने वाले का नाम पता पूछने की बाध्यता नहीं होगी।
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ड्यूटी पर उपस्थित डाक्टर उसका तुरंत ही उपचार शुरू कर देगा। अस्पताल लाने वाला व्यक्ति अगर मांगेगा तो उसका प्रमाण पत्र उसे दिया जाएगा। घायल को भर्ती कराने के लिए किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किये जाने की बाध्यता नहीं होगी।
‘घायल के प्रति और संवेदनशीलता बढ़े, इसके लिए यह प्रावधान है। हमने भी योजना से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट करने के लिए डिसप्ले बोर्ड लगवा दिया है’
- डॉ. याचना शर्मा, सीएमएस, डीडी अस्पताल
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सड़क दुर्घटना होने पर अगर आप किसी घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाते हैं तो आपको न सिर्फ पुलिस पूछताछ से मुक्ति मिलेगी बल्कि प्रोत्साहन के रूप में परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा कोष से दो हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि (गुड सैमेरिटन) भी मिलेगी। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पैदा करने के मकसद से यह व्यवस्था शुरू की गई है। दीन दयाल संयुक्त अस्पताल में इस आशय का एक डिसप्ले बोर्ड भी लगा दिया गया है।
यह देखा जाता है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायलों के लिए लोग या तो एंबुलेंस को फोन कर देते हैं या पुलिस को फोन कर देते हैं। या फिर किनारा करके निकल जाते हैं। इसके चलते घायलों को तुरंत ही उपचार मिलना कभी कभी संभव नहीं हो पाता है।
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अब गुड सैमेरिटन (नेक आदमी) योजना के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को दो हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि जिलाधिकारी के माध्यम से मिलना संभव होगा। दीन दयाल अस्पताल में लगाए गए बोर्ड में कहा गया है कि इस तरह के घायल को अस्पताल लाने वाले का नाम पता पूछने की बाध्यता नहीं होगी।
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ड्यूटी पर उपस्थित डाक्टर उसका तुरंत ही उपचार शुरू कर देगा। अस्पताल लाने वाला व्यक्ति अगर मांगेगा तो उसका प्रमाण पत्र उसे दिया जाएगा। घायल को भर्ती कराने के लिए किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किये जाने की बाध्यता नहीं होगी।
‘घायल के प्रति और संवेदनशीलता बढ़े, इसके लिए यह प्रावधान है। हमने भी योजना से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट करने के लिए डिसप्ले बोर्ड लगवा दिया है’
- डॉ. याचना शर्मा, सीएमएस, डीडी अस्पताल