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अलीगढ़ में 25 प्रधानाचार्य के खिलाफ डीआईओएस ने थाने में भेजी तहरीर
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:58 AM IST
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25 प्रधानाचार्यों के खिलाफ डीआईओएस ने थाने में भेजी तहरीर
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शासन के सख्त रुख के चलते अब डीआईओएस ने यूपी बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना सिविल लाइंस में तहरीर दे दी है। इसके चलते फिर प्रधानाचार्यों में खलबली मची गई। यह प्रधानाचार्य जेडी (माध्यमिक शिक्षा) से भी मिले और उनके समक्ष अपना पक्ष रखा। जेडी को इन प्रधानाचार्यों ने एक शपथ पत्र भी दिया। इसमें यह कहा गया है कि वह इस कार्रवाई को लेकर कोर्ट से स्टे ले आए हैं और इसे सोेमवार को प्रस्तुत कर देंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले शैक्षिक सत्र में जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा में काफी गड़बड़ी हुई थी। काफी ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल करा दिया गया था, जोकि इसके पात्र नहीं थे। आधे अधूरे शैक्षिक प्रमाण पत्र के सहारे ही यह परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो गए थे। इसके बाद इसकी शिकायत जब शासन से की गई तो शासन ने काफी परीक्षार्थियों के परीक्षाफल रोक दिए। साथ ही सितंबर माह में यह आदेश दिया कि 25 अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निलंबित किया जाए और विद्यालयों को दस साल तक के लिए डिबार कर दिया जाए।
अन्य सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए। इसी दौरान सांसद सतीश गौतम ने सीएम से यह मांग की कि जिन परीक्षार्थियों का परीक्षाफल रुका हुआ है। उनका परीक्षाफल घोषित किया जाए। इस पर सीएम ने इसी महीने में अन्य कार्रवाई के साथ-साथ यह आदेश भी दे दिए कि इन सभी प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी जाए। इसमें आगरा के 9 और अलीगढ़ के 25 विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल हैं। यहां जब यह आदेश आया तो इससे प्रधानाचार्यों में खलबली मच गई।
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वहीं इस प्रकरण की जांच जेडी (माध्यमिक शिक्षा) डॉ. महेंद्रदेव द्वारा की जा रही है। शनिवार को यह प्रधानाचार्य जेडी से मिले और उनके समक्ष अपना पक्ष रखा। इन्होंने यह भी बताया कि शासन की इस कार्रवाई के खिलाफ वह कोर्ट से स्टे ले आए हैं, लेकिन स्टे प्रस्तुत नहीं कर सके। हालांकि इन प्रधानाचार्यों ने अपनी ओर से एक शपथपत्र जरूर दिया, जिसमें सोमवार तक जेडी से कोई कार्रवाई न करने की गुहार की गई है।
यह भी कहा गया है कि सोमवार को वह कोर्ट के स्टे की कॉपी उन्हें प्रस्तुत कर देंगे। वहीं दूसरी ओर शासनादेश पर डीआईओएस ने इन प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भिजवा दी है। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि शासनादेश का पालन करते हुए उन्होंने सिविल लाइंस थाने में सूचना भिजवा दी है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शासन के सख्त रुख के चलते अब डीआईओएस ने यूपी बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना सिविल लाइंस में तहरीर दे दी है। इसके चलते फिर प्रधानाचार्यों में खलबली मची गई। यह प्रधानाचार्य जेडी (माध्यमिक शिक्षा) से भी मिले और उनके समक्ष अपना पक्ष रखा। जेडी को इन प्रधानाचार्यों ने एक शपथ पत्र भी दिया। इसमें यह कहा गया है कि वह इस कार्रवाई को लेकर कोर्ट से स्टे ले आए हैं और इसे सोेमवार को प्रस्तुत कर देंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले शैक्षिक सत्र में जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा में काफी गड़बड़ी हुई थी। काफी ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल करा दिया गया था, जोकि इसके पात्र नहीं थे। आधे अधूरे शैक्षिक प्रमाण पत्र के सहारे ही यह परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो गए थे। इसके बाद इसकी शिकायत जब शासन से की गई तो शासन ने काफी परीक्षार्थियों के परीक्षाफल रोक दिए। साथ ही सितंबर माह में यह आदेश दिया कि 25 अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निलंबित किया जाए और विद्यालयों को दस साल तक के लिए डिबार कर दिया जाए।
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अन्य सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए। इसी दौरान सांसद सतीश गौतम ने सीएम से यह मांग की कि जिन परीक्षार्थियों का परीक्षाफल रुका हुआ है। उनका परीक्षाफल घोषित किया जाए। इस पर सीएम ने इसी महीने में अन्य कार्रवाई के साथ-साथ यह आदेश भी दे दिए कि इन सभी प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी जाए। इसमें आगरा के 9 और अलीगढ़ के 25 विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल हैं। यहां जब यह आदेश आया तो इससे प्रधानाचार्यों में खलबली मच गई।
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वहीं इस प्रकरण की जांच जेडी (माध्यमिक शिक्षा) डॉ. महेंद्रदेव द्वारा की जा रही है। शनिवार को यह प्रधानाचार्य जेडी से मिले और उनके समक्ष अपना पक्ष रखा। इन्होंने यह भी बताया कि शासन की इस कार्रवाई के खिलाफ वह कोर्ट से स्टे ले आए हैं, लेकिन स्टे प्रस्तुत नहीं कर सके। हालांकि इन प्रधानाचार्यों ने अपनी ओर से एक शपथपत्र जरूर दिया, जिसमें सोमवार तक जेडी से कोई कार्रवाई न करने की गुहार की गई है।
यह भी कहा गया है कि सोमवार को वह कोर्ट के स्टे की कॉपी उन्हें प्रस्तुत कर देंगे। वहीं दूसरी ओर शासनादेश पर डीआईओएस ने इन प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भिजवा दी है। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि शासनादेश का पालन करते हुए उन्होंने सिविल लाइंस थाने में सूचना भिजवा दी है।