फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अतिक्रमण से हर साल सिकुड़ रहा दाऊजी मेला

अतिक्रमण से हर साल सिकुड़ रहा दाऊजी मेला

Sat, 17 Jun 2017 11:43 PM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
अतिक्रमण से हर साल सिकुड़ रहा दाऊजी मेला
ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
विज्ञापन


राष्ट्रीय पुरातत्विक महत्व की धरोहर ऐतिहासिक श्रीदाऊजी महाराज मंदिर किला राजा दयाराम क्षेत्र में अतिक्रमण और अन्य समस्याओं का कई दशक बाद समाधान नहीं हुआ है। डीएम के हस्तक्षेप के बाद संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हित तो किए गए हैं, लेकिन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संरक्षित क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, जिससे लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज भी हर साल सिकुड़ता जा रहा है।

दाऊजी मंदिर के आस पास ऐतिहासिक मिट्टी के टीलों का भी क्षरण हो रहा है। संरक्षित क्षेत्र के विकास को लेकर सामाजिक धरोहर कल्याण समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा लंबे समय से पैरवी कर रहे हैं। जिला स्तर, पुरातत्व विभाग और शासन को भी कई बार पत्राचार कर चुके हैं। उन्होंने एक बार फिर डीएम को पत्र सौंपकर विभिन्न मांग उठाई हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग का कोई उत्तरदायी अधिकारी को नियमित निरीक्षण के लिए लगाया जाए। पुरातत्व विभाग की केमिकल ब्रांच से मंदिर की सफाई कराई जाए, ताकि भूरे पत्थर के मंदिर का मूल स्वरूप निखर सके और प्रति वर्ष पुताई का धन बचे। मंदिर परिसर में टूट-फूट रसोई की छत व अन्य आवश्यक कार्य और गंदे पानी की निकासी पुरातत्व विभाग से कराई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार से 23.67 करोड़ रुपये की पूर्व प्रेषित डीपीआर पर वित्तीय स्वीकृति और बजट प्राप्त करने व एएसआई से प्रशासनिक स्वीकृति के विशेष प्रयास कराकर सौंदर्यीकरण करके स्थल का विकास कराया जाए। किला परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। मेला फंड में लगभग दो करोड़ रुपये न्यायालय में मेले की वार्षिक आय से संकलित हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उपयोगी कार्य योजना बनाकर इसका सदुपयोग होना चाहिए। संरक्षित क्षेत्र की साफ-सफाई के लिए पांच सफाई कर्मचारी तैनात कराएं जाएं, जिससे गंदगी नहीं रहे।


----
किला क्षेत्र में 389 अवैध कब्जे चिन्हित किए गए हैं। इन कब्जों की सूची भी पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भेज दी गई है। जब भी विभाग मदद मांगेगा, कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-अमिताभ यादव, एसडीएम सदर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed