{"_id":"5b660eb34f1c1b8f3e8b51ef","slug":"41533415091-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीवॉक के छात्रों ने बाब-ए-सैयद से आवाजाही पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीवॉक के छात्रों ने बाब-ए-सैयद से आवाजाही पर लगाई रोक
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बीवॉक (आनर्स) की मान्यता बीटेक के बराबर देने की मांग को लेकर एक बार फिर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्साए छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर मोटर साइकिलें खड़ी करके लोगों की आवाजाही करीब 45 मिनट के लिए बंद कर दी।
छात्र फरहान जुबैरी, आदिल के नेतृत्व में बीवॉक छात्रों ने शनिवार सुबह 11 बजे बाब-ए-सैयद पर मोटर साइकिलें खड़ी कर दीं। इससे करीब 45 मिनट लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। छात्रों का कहना है कि बीवॉक (प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी मेकेनिकल इंजीनियरिंग) के दो छात्रों का चयन एमटेक (एग्रीकल्चर प्रोसेस एंड फूड इंजीनियरिंग) के लिए हुआ है। जब छात्र दाखिले को पहुंचे तो उन्हें अपात्र कहकर वापस कर दिया गया।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी का कहना है कि तत्कालीन कुलपति लेफ्टिनेंट जमीर उद्दीन शाह ने बीवॉक (आनर्स) की मान्यता बीटेक के बराबर देने की बात कही थी। इसके बाद कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने भी आश्वासन दिया था। मगर, कुछ नहीं हुआ। छात्रों के साथ धोखा हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीवॉक (आनर्स) की मान्यता बीटेक के बराबर देने की मांग को लेकर एक बार फिर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्साए छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर मोटर साइकिलें खड़ी करके लोगों की आवाजाही करीब 45 मिनट के लिए बंद कर दी।
छात्र फरहान जुबैरी, आदिल के नेतृत्व में बीवॉक छात्रों ने शनिवार सुबह 11 बजे बाब-ए-सैयद पर मोटर साइकिलें खड़ी कर दीं। इससे करीब 45 मिनट लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। छात्रों का कहना है कि बीवॉक (प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी मेकेनिकल इंजीनियरिंग) के दो छात्रों का चयन एमटेक (एग्रीकल्चर प्रोसेस एंड फूड इंजीनियरिंग) के लिए हुआ है। जब छात्र दाखिले को पहुंचे तो उन्हें अपात्र कहकर वापस कर दिया गया।
विज्ञापन
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी का कहना है कि तत्कालीन कुलपति लेफ्टिनेंट जमीर उद्दीन शाह ने बीवॉक (आनर्स) की मान्यता बीटेक के बराबर देने की बात कही थी। इसके बाद कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने भी आश्वासन दिया था। मगर, कुछ नहीं हुआ। छात्रों के साथ धोखा हो रहा है।
विज्ञापन