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Aligarh District Hospital: सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रहीं 40 दवाएं, खरीदनी पड़ रहीं बाहर से
Thu, 05 Sep 2024 04:00 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 05 Sep 2024 04:00 PM IST
सार
जिला अस्पताल में रोजना औसतन 2400 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें बुखार, शुगर, ब्लडप्रेशन, उल्टी-दस्त और सिर दर्द के मरज सबसे ज्यादा होते हैं। इस समय दवाओं की कमी के कारण परेशान है। लोगों को मजबूरी से बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही हैं।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में दवा के लिए लगी भीड़
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ के ठाकुर मलखान सिंह जिला अस्पताल में दवाओं की कमी हो गई है। 40 तरह की दवाएं यहां नहीं हैं। ऐसे में मजबूर मरीज बाहर से ऊंची कीमतों पर दवाएं खरीद रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इन दवाओं की आपूर्ति पिछले करीब छह महीने से नहीं हो रही हैँ इनमें अधिकांश दवाएं विटामिन, ताकत, पोषण और डिप्रेशन की हैं।
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जिला अस्पताल में रोजना औसतन 2400 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें बुखार, शुगर, ब्लडप्रेशन, उल्टी-दस्त और सिर दर्द के मरज सबसे ज्यादा होते हैं। इस समय दवाओं की कमी के कारण परेशान है। लोगों को मजबूरी से बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल में दवा विभाग के प्रभारी फार्मासिस्ट राकेश राणा कहते हैं कि जो 40 तरह की दवाएं नहीं हैं वह बहुत ही कम लिखी जाती हैं। उनकी विशेष आवश्यकता नहीं होती है।
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- खैर के गांव सहरोई से आए प्रभात शर्मा लगातार कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। 4 सितंबर को वह अस्पताल परिसर में मिले तो बोले पता नहीं क्या दवाएं दे रहे हैं कोई लाभ नहीं मिल रहा।
- नौरंगाबाद की मोहरश्री पैर, घुटने और कमर दर्द से परेशान हैं। उन्हें कुछ दवाएं ही मिल सकीं। बाकी बाहर से लेनी पड़ी। वह अस्पताल में मिले इलाज से संतुष्ट नहीं थीं।
- सिडरमई जलेसर से आई श्रुति को गले में खराश की समस्या है, वह बोल नहीं पा रही हैं। 4 सितंबर को परिजन उनको भर्ती कराना चाहते थे, लेकिन उन्हें दवा देकर भेज दिया गया।
- भुजपुरा निवासी लियाकत अली ने बताया कि उनके मरीज जुनैद को पेट दर्द और शिकायत पर सात नंबर वार्ड में भर्ती कराया गया है। इलाज से ज्यादा आराम नहीं मिला। वह परेशान हो गए हैं।
- मामू-भांजा निवासी परवीन को दो घंटे लाइन में लगने के बाद दवा मिली। नगला मान सिंह निवासी सावित्री को भी तकरीबन तीन घंटे लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद उन्हें दवा मिली।
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