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जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को सात-सात साल की कैद
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना देहली गेट में दर्ज सात साल पुराने एक जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को जिला जज नवीन कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय से सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई गई है। तीनों को दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। वहीं, मामले के चौथे आरोपी की मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार मामला 29 अगस्त 2012 की रात का है। तुर्कमान गेट निवासी शारिक पुत्र क्यामुद्दीन द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया था कि उसका अपनी पत्नी रजिया बेगम पुत्री हनीफ पेंटर निवासी मामूद नगर देहली गेट के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा था।
इसी मामले में पत्नी के भाइयों शमशुल, फरचंद, हैदर व सलीम ने मेरे बहनोई अमीरउद्दीन पुत्र हाफीज उल्लाह को घर में घुसकर गोली मार दी थी। जिला जज के आदेश अनुसार दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा भोगनी होगी। साथ ही दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की दशा में आरोपियों की सजा तीन-तीन माह के लिए बढ़ा दी जाएगी।
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थाना देहली गेट में दर्ज सात साल पुराने एक जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को जिला जज नवीन कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय से सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई गई है। तीनों को दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। वहीं, मामले के चौथे आरोपी की मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार मामला 29 अगस्त 2012 की रात का है। तुर्कमान गेट निवासी शारिक पुत्र क्यामुद्दीन द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया था कि उसका अपनी पत्नी रजिया बेगम पुत्री हनीफ पेंटर निवासी मामूद नगर देहली गेट के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा था।
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इसी मामले में पत्नी के भाइयों शमशुल, फरचंद, हैदर व सलीम ने मेरे बहनोई अमीरउद्दीन पुत्र हाफीज उल्लाह को घर में घुसकर गोली मार दी थी। जिला जज के आदेश अनुसार दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा भोगनी होगी। साथ ही दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की दशा में आरोपियों की सजा तीन-तीन माह के लिए बढ़ा दी जाएगी।
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