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सूक्ष्म जीवों से भविष्य में इलाज की संभावना : प्रो. खान
Updated Thu, 06 Dec 2018 02:31 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
टीकाराम कन्या महाविद्यालय में जंतु, वनस्पति विज्ञान विभाग व आंबेडकर बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर दिल्ली यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित बायोटेक्नोलॉजी में प्रयुक्त मालिक्यूलर तकनीक के प्रशिक्षण के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
मुख्य वक्ता एसीबीआर की निदेशिका प्रो. दमन सलूजा ने बायोटेक्नोलॉजी द्वारा आधुनिक चिकित्सा में होने वाली क्रांतिकारी उपलब्धियों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि प्रो. असद उल्लाह खान ने माइक्रो बायोम में उपस्थित सूक्ष्म जीवों द्वारा भविष्य में होने वाली इलाज की संभावनाओं का उल्लेख किया।
डॉ. उमा चौधरी ने एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग से होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में चर्चा की। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रेखा आर्य ने कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। एसीबीआर की वैज्ञानिक डॉ. ऋचा आर्य, डॉ. आकांक्षा ने सरल ढंग से तकनीक की कार्यशैली के बारे में समझाया। महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव हरिप्रकाश गुप्ता व प्राचार्य डॉ. लकी गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत। डॉ. अर्चना बंसल ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. ममता श्रीवास्तव, डॉ. कल्पना, डॉ. उम्मे कुलसुम, डॉ. शोभा कुमार, डॉ. हेमलता अग्रवाल, डॉ. विनीति गुप्ता, डॉ. पद्मा सक्सेना, डॉ. बुशरा रहमान, डॉ. मेहजबीन, प्रीती वार्ष्णेय, शीबा जकी, माधुरी वशिष्ठ, डॉ. बृजरानी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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टीकाराम कन्या महाविद्यालय में जंतु, वनस्पति विज्ञान विभाग व आंबेडकर बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर दिल्ली यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित बायोटेक्नोलॉजी में प्रयुक्त मालिक्यूलर तकनीक के प्रशिक्षण के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
मुख्य वक्ता एसीबीआर की निदेशिका प्रो. दमन सलूजा ने बायोटेक्नोलॉजी द्वारा आधुनिक चिकित्सा में होने वाली क्रांतिकारी उपलब्धियों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि प्रो. असद उल्लाह खान ने माइक्रो बायोम में उपस्थित सूक्ष्म जीवों द्वारा भविष्य में होने वाली इलाज की संभावनाओं का उल्लेख किया।
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डॉ. उमा चौधरी ने एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग से होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में चर्चा की। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रेखा आर्य ने कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। एसीबीआर की वैज्ञानिक डॉ. ऋचा आर्य, डॉ. आकांक्षा ने सरल ढंग से तकनीक की कार्यशैली के बारे में समझाया। महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव हरिप्रकाश गुप्ता व प्राचार्य डॉ. लकी गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत। डॉ. अर्चना बंसल ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. ममता श्रीवास्तव, डॉ. कल्पना, डॉ. उम्मे कुलसुम, डॉ. शोभा कुमार, डॉ. हेमलता अग्रवाल, डॉ. विनीति गुप्ता, डॉ. पद्मा सक्सेना, डॉ. बुशरा रहमान, डॉ. मेहजबीन, प्रीती वार्ष्णेय, शीबा जकी, माधुरी वशिष्ठ, डॉ. बृजरानी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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