फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   उठाया सवाल : आबादी पर खामोशी क्यों

उठाया सवाल : आबादी पर खामोशी क्यों

Sun, 19 Aug 2018 01:52 AM IST
Updated Sun, 19 Aug 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
उठाया सवाल : आबादी पर खामोशी क्यों
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


देश की सबसे बड़ी समस्या बढ़ती आबादी के समाधान की मांग को लेकर मेरठ के दंपती अपने दो बच्चों के साथ निकल पड़े हैं। मेरठ के ब्रह्मनपुरी मोहल्ले के निवासी पेशे से एलआईसी एजेंट दिनेश तलवार (47 वर्ष) उनकी पत्नी एलआईसी एजेंट दिशा तलवार (44 वर्ष), एयर होस्टेस बेटी सिमरन (19 वर्ष), बेटे मयंक (14 वर्ष) के साथ 120 शहरों में घूम चुके हैं।

दिनेश कहते हैं कि देश के अधिकांश सांसदों और कई राज्यों के विधायकों के साथ 120 शहरों के जिलाधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन देकर आबादी की रोकथाम को ठोस कानून बनाने की मांग कर चुके हैं। कई बार आरटीआई लगा कर सवाल पूछे चुके हैं लेकिन अब तक का नतीजा जीरो है।
विज्ञापन


शादी से पहले ही वर्ष 1994 में उन्होंने इस मुहिम की शुरुआत कर दी थी, वर्ष 1997 में शादी की। लेकिन मुहिम नहीं छोड़ी। 24 साल बाद भी वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं लेकिन उनको उम्मीद है कि एक दिन जब पानी, जमीन, खाना, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी तो लोग खुद ब खुद सोचेंगे। सरकारों को भी सोचना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


खास बात ये है कि दिनेश हर शहर में अपनी कार से जाते हैं और वहां के जिलाधिकारी, सांसद, विधायकों को यथासंभव ज्ञापन सौंपते हैं। इस दौरान वह शहर की सड़कों पर खुद उल्टी दिशा में चलते हैं, जिसमें उनके बच्चे उनकी मदद करते हैं। उल्टी दिशा में चलने का अर्थ जनसंख्या विस्फोट की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब भी जाग जाओ।

मेरठ में इस मुहिम की शुरुआत में दिनेश ने 365 दिन लगातार राम धुन बजा कर हर रोज डीएम को ज्ञापन देने का रिकार्ड बनाया है। 80 बार उपवास पर बैठ चुके हैं। 74 हजार पोस्टकार्ड केंद्र सरकार को लिख चुके हैं। पांच हजार बार पीएम को संबोधित ज्ञापन दे चुके हैं।

दिनेश कहते हैं फिर भी वह थके नहीं है। बोले.. 1952 में एक प्रस्ताव आया था कि भविष्य में जिनके दो बच्चे होंगे वही चुनाव लड़ सकेंगे लेकिन इसको सख्ती से लागू नहीं किया गया। हम चीन में किसी भी चीज से आगे नहीं है लेकिन जनसंख्या में हम चीन से आगे निकल जाएंगे। दिनेश ने कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को ज्ञापन दिया और आबादी की रोकथाम की पहल करने की अपील की।


कार्यक्रम हुए पर सार्थक पहल नहीं
गुजरी 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया। कुछेक स्थानों पर चुनिंदा कार्यक्रम हुए लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं हुई। अलीगढ़ ही नहीं पूरे देश में कमोबेश यही स्थिति है, आबादी रोकने की बात तक नहीं हो रही है। हां, एक एनजीओ की पहल पर 152 सांसदों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित ज्ञापन में अपने दस्तखत कर इस ओर ठोस पहल की है। ये और बात है कि अब तक संसद में इस संबंध में कोई चर्चा तक नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed